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साइबर क्राइम सेल पुलिस के हत्थे चढ़ा नाइजीरियन गैंग, सात जालसाज गिरफ्तार

लखनऊ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ कलानिधि नैथानी के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत साइबर क्राइम सेल हजरतगंज की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर सेल की टीम ने सीओ हज़रतगंज अभय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में फर्जी मेल भेजकर एकाउंट में पैसे मंगवाकर पूरे देश में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक नाइजीरियन समेत गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से नगदी समेत अन्य सामान भी बरामद हुआ है। पुलिस अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
एएसपी पूर्वी सुरेश कुमार रावत ने बताया कि फर्जी मेल (ई-मेल स्पूफिंग) कर धोखाधड़ी करने वाले नाइजीरियन गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल हुई है। इस गैंग का मास्टरमाइंड नाइजीरियन युवक है। आरोपियों ने राजकीय निर्माण निगम के एमडी की ईमेल आईडी से 9.5 लाख की ठगी की थी। अभियुक्तों ने अफसर की मेल आईडी से विभाग को मेल भेजकर खाते में ये रकम मंगवाई थी। इसके अलावा कई मेल स्पूफिंग की वारदातों को ये गैंग अंजाम दे चुका है। उन्होंने बताया कि ये गैंग रोजाना 15 से 20 लाख रुपए की कर रहा था। इस गैंग के मास्टरमाइंड नाइजीरियन के साथ बैंक में फर्जी खाता खुलवाने वाले जालसाज भी दबोचे गए हैं। बताया जा रहा है कि 10% कमीशन पर बैंकों में फर्जी दस्तावेजों से खाते ये गैंग खुलवा रहा था।
 
चार आरोपी दिल्ली और 3 लखनऊ से गिरफ्तार
साइबर क्राइम सेल के नोडल अधिकारी और सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि जालसाजी का मुकदमा विभूति खंड पर दर्ज हुआ था। इसके अनावरण के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया था। पुलिस टीमों ने सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस मुकदमे में सबसे पहले राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के एमडी की तरफ से एक फर्जी मेल उनके अधीनस्थ अधिकारी को स्पूफ करके भेजी गई। उन्हें आदेशित किया गया कि 9,50,000 रुपये की धनराशि को तुरंत ट्रांसफर कर दिया जाए। जिसके बाद राज्य की निर्माण निगम लिमिटेड के खाते से यह रकम भेज दी गई। जिसके पश्चात यह धनराशि को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर निकाल लिया गया। इस पर साइबर सेल सेल की टीम और विभूति खंड थाना की संयुक्त टीम द्वारा साइबर तकनीक का प्रयोग कर इस प्रकरण में चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र, 3 अभियुक्तों की गिरफ्तारी लखनऊ के विभूति खंड थाना क्षेत्र से की गई है।
नेट बैंकिंग और एटीएम से निकालते थे रकम
थाना प्रभारी विभूतिखंड राजीव द्विवेदी ने बताया कि पूछताछ पर अभियुक्तों ने बताया कि नाइजीरियन नागरिक ऑस्कर व उसके साथियों मेल स्फूपिंग करके बड़ी-बड़ी कंपनियों व संस्थाओं के खातों से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके हैं। यह धनराशि विभिन्न खातों में स्थानांतरण कर नेट बैंकिंग और एटीएम से निकाली जाती है।
फर्जी दस्तावेजों से खुलवाते थे खाता
एएसपी पूर्वी ने बताया कि रकम निकालने के लिए जिन खातों का प्रयोग किया जाता है उन खातों को कमीशन का लालच देकर फर्जी दस्तावेज लगाकर खुलवाया जाता है। पैसे निकालने के बाद अपना हिस्सा अलग अलग बांट लिया जाता है। इस प्रकार पिछले कई वर्षों में करोड़ों रुपए का खातों से निकासी की जा चुकी है।
एक करोड़ रुपये से ज्यादा गोरखपुर की बैंक में किये ट्रांसफर
सीओ हजरतगंज ने बताया कि आरोपियों ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स गोरखपुर के बैंक खाते में अब तक एक करोड़ 31 लाख 464 रुपए की रकम ट्रांसफर की जा चुकी है। इसके अलावा आने जिलों के खातों में जानकारी ली जा रही है।
इन आरोपियों की हुई गिरफ़्तारी
1- पकड़े गए आरोपियों में ऑस्कर मास्टरमाइंड है। जो कि मेहरौली नई दिल्ली में रहता है। इसका  मूल पता नाइजीरिया का है।
2- इसके अलावा मोहम्मद नौशाद पुत्र मरहूम अब्बास निवासी कसाई मोहल्ला थाना बारून जिला औरंगाबाद बिहार।
3- रिजवानउल्लाह राईन पुत्र मरहूम हाजी अहमदुल्लाह राईन निवासी सिधारीपुर दरिया चक थाना तिवारीपुर गोरखपुर।
4- प्रवीन जैसवाल पुत्र ईश्वर चंद्र निवासी ठठराही थाना मेहदावल संत कबीर नगर।
5- गयासुद्दीन खान पुत्र जमालुद्दीन निवासी मोहल्ला घोसीपुर थाना तिवारीपुर गोरखपुर।
6- परवेज हसन अहमद निवासी निजामपुर तिवारीपुर गोरखपुर।
7- आशीष जायसवाल पुत्र राधेश्याम जयसवाल निवासी राप्तीनगर थाना शाहपुर गोरखपुर को पकड़ा गया है।
अभियुक्तों के पास से ये सामान हुआ बरामद
पकड़े गए अभियुक्तों के पास से एक लाख 10 हजार 660 रूपए नगद, विभिन्न बैंकों के 27 एटीएम कार्ड, विभिन्न खातों की चेक बुक, तीन पासबुक,14 मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड, दो आधार कार्ड, दो वोटर आईडी और एक ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुई है।
इस पुलिस टीम को मिली सफलता
इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक विभूति खंड राजीव द्विवेदी, साइबर क्राइम सेल के उपनिरीक्षक राहुल सिंह राठौर, विभूतिखंड थाना के उप निरीक्षक विजय सिंह, साइबर क्राइम सेल के  हेड कांस्टेबल फिरोज बदर, कांस्टेबल अखिलेश कुमार सिंह, शरीफ खान, विभूतिखंड थाना के कांस्टेबल राकेश कुमार, आनंद कुमार और मिथुन कुमार यादव की अहम भूमिका रही।
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