NOC का चक्कर -सोन नदी में बालू खनन पर रोक , मज़दूरों का होली बदरंग

 ब्रॉडसन कंपनी ने एनओसी के लिए जल संसाधन में दाखिल किया हैं आवेदन

>> वैकल्पिक लोहे का पुल बनाकर हो रहा था वाहनों का परिचालन

>> बालू के लिए हजारों वाहनों का बना लंबा कतार ,जाम की स्थिति

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) ।जल संसाधन विभाग से बालू खनन का एनओसी नहीं मिलने के कारण सोन नदी से बालू खनन पर रोक लग गयी हैं । मजदूरों ने विरोध जताया हैं की आखिर हमारे साथ ही नाइंसाफी क्यों होती हैं ,पहले भूखे मरने के लिए विवश किया गया फिर एक बार हमारे पेट से खेला जा रहा हैं । अगर सरकार जल्द बालू खनन का रास्ता नहीं निकालती है तो हमलोग सड़क जाम करेंगे ।
           सोन नदी से बालू खनन के लिए पर्यावरण विभाग ,नियत्रित सीआ ने ब्रॉडसन कंपनी को ईसी दिया था। इस बार सोन नदी के धारा की कुछ अंश की बहाव ईसी क्षेत्र में दायरे में आ गया । रैयतदारों ने बालू खनन हेतु वाहनों का परिचालन के लिए वैकल्पिक लोहे का पुल(करीब 30-40 फीट ) बनाया और  बालू खनन कार्य शुरू किया । हजारों मजदूर रोजगार में जुट गये ।
           ब्रॉडसन कंपनी ने जल संसाधन विभाग से एनओसी के लिए आवेदन दिया था। दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एनओसी नहीं मिल पाया और दो दिन पहले आचार संहिता लग गयी ।एनओसी की प्रक्रिया अधर में लटक गयी और मंगलवार हजारों मजदूरों के लिए अमंगल साबित हुआ । एनओसी नहीं मिलने के कारण बिक्रम अंचल का सोन नदी स्थित कटारी में दो, बेरर में 2 ,जनपारा में 3 सहित दर्जनों बालू घाट से हो रहे बालू खनन पर रोक लग गयी ।
          मंगलवार को अचानक बालू घाट बंद होने से बालू के लिए हजारों वाहनों की लंबी कतार लग गयी ।सबसे बड़ी बात तो यह है की पुरी जाम की स्थिति बन गयी हैं ।साइकिल ,मोटरसाइकिल चलना तो दूर इंसान पैदल कैसे चलेगा कहना मुश्किल हैं ।अचानक दर्जनों घाट से बालू खनन पर रोक लगने पर मजदूरों ने विरोध जताया हैं ।मजदूरों का कहना है की सोन नदी के धारा में किसी तरह का अवरोध नहीं हो रहा हैं । कुछ गलत तत्व लोग झूठा शिकायत किये हैं । इसका सबसे बुरा असर हम हजारों गरीब मजदूर परिवारों पर आ गया हैं ।पेट का सवाल है सरकार अगर जल्द कोई विकल्प नहीं निकालती है तो मजबूरन हम सड़क जाम करेंगे और आंदोलन करेंगे ।आखिर हमने क्या बिगाड़ा है की हमारे पेट से खिलवाड़ किया जाता हैं ।
जिला खनन पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया की विभाग स्तर पर बात जारी हैं । सोन नदी के पानी के बहाव(धारा ) को सिर्फ अवरूद्ध नहीं होने के प्रमाण मिलते ही बालू खनन शुरू कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी । अभी सोन नदी के जो दर्जनों बालू खनन पर रोक लगाया गया है वह जांच प्रक्रिया हैं । जल्द ही समाधान निकाल दिया जाएगा ।
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