खुलासा -पीएम नरेन्द्र मोदी के ख़िलाफ़ साज़िश में शामिल नहीं था कुख्यात नक्सली ,दाखिल चार्जशीट में 123 गवाह

 एनआईए ने सात नक्सलियों के खिलाफ दाखिल किया चार्जशीट ,1000 पेज का केस डायरी ,

>> माओवादी नक्सली संगठन के नाम पर लाखों की वसूली की जा रही थी लेवी, नगद 9 लाख और आर्म्स हुआ था बरामद

>> बिहार एसटीएफ ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया था नक्सली अनिल राम को, इसके बाद कई चेहरे हुये थे उजागर

>> माओवादी के थींक टैंक में शुमार विजय आर्या के साथ कटिहार में गिरफ्तार हुआ था उमेश यादव ,यूपी और उत्तर बिहार का रहा हैं प्रभारी

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) ।भीमा कारेगांव में हिंसा से जुड़े मामले की जांच के दौरान पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इनके पास से जो पत्र बरामद किया गया था वह सुरक्षा एजेंसियों में सनसनी फैला कर रख दिया था। पत्र में  पीएम नरेंद्र मोदी के हत्या की साजिश की बात थीं और माओवादियों के निशाने पर बताया गया था। साजिश की तार में बिहार नक्सली उमेश यादव का नाम उछला था।कुख्यात नक्सली उमेश यादव को एनआईए ने मुंगेर से गिरफ्तार कर लिया । एनआईए ने स्पेशल कोर्ट में जो केस डायरी और चार्जशीट ,कुख्यात नक्सली उमेश यादव सहित अन्य के दाखिल किया हैं उसमें  पीएम नरेंद्र मोदी की कोई चर्चा तक नहीं हैं । एनआईए ने आईपीसी की धारा 120 (बी) ,121 (ए) ,386 ,आर्म्स एक्ट और यूएपीए की धारा -16 ,17 ,18 ,20,40 में चार्जशीट दाखिल किया हैं ।

7 के खिलाफ राष्ट्रद्रोह ,1000 पेज की केस डायरी ,और हैं 123 गवाह

एनआईए द्वारा दर्ज किया गया केस आर सी -14 /18 /एनआईए/दिल्ली के अनुसंधानकर्ता, डीएसपी एस के मालविय ने पटना स्थित स्पेशल कोर्ट में कुख्यात नक्सली उमेश यादव ,अनिल राम, दिलीप राम, मुसाफिर सहनी, दिलीप सहनी, संजय राम और कमलेश भगत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया हैं । पुख्ता साक्ष्य के नाम पर केस डायरी का करीब 1000 से ऊपर पन्ने हैं ।वहीं 40 पेज का चार्जशीट दाखिल किया गया है जिसमें 123 गवाह हैं ।गवाहों की सूची में अधिकांश पुलिस वाले शामिल हैं ।

लेवी में जुटे थे नक्सली ,एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार

बिहार एसटीएफ को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं की उत्तरी बिहार में नक्सली सड़क निर्माण ,निजी कारोबारी से लेवी के नाम पर मोटी रकम ले रहे हैं और माओवादी संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं । मुजफ्फरपुर सदर थाने में दर्ज कांड संख्या 166 /18 में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया । इसमें नक्सली अनिल राम और साथियों का नाम आया । एसटीएफ ने सक्रियता से छापेमारी किया तो माओवादी संगठन के दिलीप राम, मुसाफिर सहनी, संजय राम और कमलेश भगत को गिरफ्तार कर लिया गया । इन लोगों के पास से देशी कट्टा-1 ,देशी कार्बाइन-2 ,डीबीबीएल गन-1 ,रायफल कंपनी मेड-1 और 9 लाख रूपया बरामद किया गया । इस मामले की प्राथमिकी बनुराग थाना में कांड संख्या -52 /18 दर्ज किया गया । बाद में यह मामला एनआईए को सौंप दिया गया । चुकी इसमें कुख्यात नक्सली उमेश यादव का नाम सामने आ गया था।

थींक टैंक में शामिल उमेश यादव के पास से संदिग्ध पत्र हुआ हैं बरामद

दस वर्ष पूर्व माओवादी संगठन का थींक टैंक में शुमार सेंट्रल कमिटी मेंबर ,आंध्रप्रदेश के सुब्रमनियम, बंगाल के चटर्जी और बिहार के विजय आर्य के साथ उमेश यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बिहार पुलिस नहीं बल्कि पुरे देश के लिए यह गिरफ्तारी बड़ी कामयाबी थीं ।सुत्र तो यहाँ तक कहते हैं की इस थींक टैंक की गिरफ्तारी के बाद माओवादी संगठन औंधे मुंह जमीन पर गिर गया था जो आज तक नहीं उठा। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उमेश यादव को पुनः यूपी और उत्तरी बिहार का प्रभारी बनाया गया था।
      इस बार कुख्यात नक्सली उमेश यादव को एनआईए ने बीते दिनांक 21 /6 /2018 को मुंगेर जिले से गिरफ्तार किया था। उमेश यादव के पास से कई संदिग्ध पत्र बरामद किया गया था, जो राष्ट्र विरोधी था। भीमा कारेगांव मामले में जो पांच राष्ट्र विरोधी गिरफ्तार हुये थे, वैसा ही पत्र बिहार के कुख्यात नक्सली उमेश यादव के पास से मिला था। इसलिए यह माना जा रहा था की पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश में उमेश यादव भी शामिल था। एनआईए जांच में नक्सली उमेश यादव ,राष्ट्र विरोधी तो मिला लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ साजिश में शामिल नहीं पाया गया ।
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