2013 में दो सगे भाईयों के बाद, अब मुजफ्फरनगर दंगे के गवाह भाई की भी गोली मारकर हत्या

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में उस समय हड़कंप मच गया, जब बाइक सवार तीन बदमाशों ने मुजफ्फरनगर दंगे के गवाह की गोली मारकर हत्या कर दी. जब तक लोग कुछ समझ पाते, बदमाश मौके से फरार हो गए। मारा गया अशफाक एक दुकान पर दूध पहुंचाने जा रहा था, उसी समय कुछ बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक अशफाक के दो सगे भाईयों की 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या तब हुई, जब वे खेड़ी तगान से दूध लेने के लिए गांव मथेड़ी जा रहे थे। इस संबंध में रतनपुरी थाने में अशफाक ने 8 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर मंसूरपुर थाना पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उक्त मुकदमा फिलहाल कोर्ट में ट्रायल पर चल रहा है, जिसमें अब 25 मार्च सुनवाई होनी थी।

मामला थाना खतौली कोतवाली क्षेत्र के इंद्रा चौक का है। जहां एनएच-58 पर इंदिरा गांधी की मूर्ति के निकट एक दूध कारोबारी की बाइक सवार तीन बदमाशों ने उस समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। जब दूध कारोबारी अशफाक खेड़ी तगान गांव से दूध लेकर खतौली में एक डेयरी पर लेकर पहुंचा। जैसे ही अशफाक ने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी की तो पीछे से आए बाइक सवार तीन बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियों बरसा दीं. वह जमीन पर गिर गया।गोलियों की आवाज सुनकर लोगों को आता देख आरोपी बाइक सवार फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अशफाक को मुकदमा वापस नहीं लिए जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दा जा रही थी। फिलहाल पुलिस हत्यारों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।

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