प्रेग्नेंसी के दौरान म्यूजिक सुनने से मजूबत होता है बच्चों का Auditory System

प्रेग्नेंसी के दौरान म्यूजिक सुनने से होने वाले बच्चे का Auditory System (सुनने की क्षमता) मजबूत होता है, यह बात एक स्टडी में सामने आई है। PLOS ONE जर्नल में छपी इस रिसर्च में यह पता करने की कोशिश की गई कि गर्भावस्था के दौरान संगीत सुनने से भ्रूण पर कुछ असर पड़ता है या नहीं। स्टडी के बाद रिसर्च से यह नतीजा सामने आया कि पैदा होने से पहले अगर भ्रूण को संगीत सुनाई दे तो ये लंबे वक्त तक बच्चे की यादाश्त में रहता है।

स्टडी में गर्भवती महिलाओं को लर्निंग ग्रुप में आखिरी के तीन महीनों में हर हफ्ते पांच बार ‘ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार’ सुनवाया गया। वहीं दूसरे ग्रुप में कोई म्यूजिक नहीं सुनाया गया।

शोधकर्ताओं ने पैदा होने के तुरंत बाद न्यूबॉर्न बेबीज की स्किन से उनकी ब्रेन ऐक्टिविटीज को नापा फिर चार महीने बाद ऐसा फिर किया।

लोगों में अक्सर इस बात को लेकर संशय होता है कि दोपहर में सोना अच्छा होता है या बुरा। कई लोगों को दोपहर में सोने का आदत होती है, वहीं कई लोग इससे परहेज करते हैं। कई लोग सोना चाहते भी हैं तो उनके काम का रूटीन उन्हें सोने नहीं दैता और दोपहर के खाने के बाद आलस आने लगता है। दोपहर में सोने वालों के लिए अब खुशखबरी है। दोपहर में सोना अच्छा होता है, इस बात को विज्ञान का समर्थन मिल गया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया में साइकलॉजी के असिस्टेंट प्रफेसर फिलिप ने कहा है कि दोपहर की नींद न सिर्फ आपके आलस को दूर करती है, बल्कि आपके ओवरऑल परफॉर्मेंस को भी बेहतर करती है। दोपहर में नींद लेने से इम्यूनिटी भी बढ़ती है और इससे दिल की बीमारी का खतरा कम होता है।

15 से 30 मिनट की झपकी आलस को दूर करने में कारगर है लेकिन अगर आप मानसिक रूप से भी थके हुए हैं तो आपको 90 मिनट की नींद लेनी चाहिए। इतनी देर में आप गहरी नींद की अवस्था में जाकर जग सकते हैं लेकिन अगर आप इस अवस्था के बीच में ही उठ जाते हैं तो हो सकता है कि आप और भी ज्यादा थकान महसूस करें।

रीसर्चर्स का कहना है कि वर्कआउट के तुरंत बाद सोने का आइडिया अच्छा नहीं है। वर्कआउट करने के बाद दिमाग तेज काम करने लगता है, ऐसे में नींद आने में परेशानी होगी। वर्कआउट के कम से कम 2 घंटे के बाद ही आपको सोने जाना चाहिए।

ध्यान रहे कि अगर आपको दोपहर में सोने की जरूरत महसूस नहीं होती है तो न सोएं। हर किसी को इसका फायदा नहीं होता है। कुछ लोगों का शरीर दिन-रात के साइकल को फॉलो करता है और उन्हें दोपहर में नींद कम आती है।

बच्चों ने ऑरिजनल गाना सुना साथ में बदला हुआ गाना सुना। शोधकर्ताओं ने पाया कि ऑरिजनल गाने के लिए बच्चों के ग्रुप की ब्रेन ऐक्टिविटी ज्यादा थी। यह इफेक्ट चार महीने तक रहा।

27 हफ्तों के गर्भकाल से छह महीने तक का समय ऑडिटरी सिस्टम के डिवेलपमेंट के लिए अहम होता है। शोधकर्ताओं ने यह पाया कि पैदा होने से पहले अगर म्यूजिकल मेलोडीज सुनाई जाएं तो ये इस अहम वक्त के दौरान दिमाग के विकास को प्रभावित करता है।

रिसर्च के लीड ऑथर Eino Partanen ने बताया कि यह पहले ही पता लग चुका था भ्रूण बातचीत की छोटी से छोटी डिटेल सीख सकते हैं लेकिन हमें यह नहीं पता था कि यह वे कब तक याद रख सकते हैं। इन नतीजों से यह पता चला कि बच्चे बहुच छोटी उम्र में ही सीखने में सक्षम होते हैं।

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