मुंबई: फुट ओवर ब्रिज गिरने से मरने वालो कि संख्या हुई 6, जांच के आदेश

मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन (सीएसटी) के पास हुए हादसे मे मरने वाली की संख्या बढ़ कर 6 हो गई है। पुल जब गिरा उस समय फुट ओवर ब्रिज पर मरम्मत का काम चल रहा था। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह ही इस पुल पर मरम्मत का काम किया जा रहा था इसके बावजूद इस पर आवाजाही जारी थी। पुलिस ने बताया कि हादसा गुरुवार शाम 7: 35 बजे हुआ। हादसे में छह लोगों ने जान गंवाई है। हादसे में 34 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं।

बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ फुटओवर ब्रिज पर काफी संख्या में लोग थे, क्योंकि यह समय लोगों के दफ्तर से लौटने का था। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब फुट ओवर ब्रिज गिरा तो नीचे कई गाड़ियां भी मौजूद थीं। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस पुल की जांच की गई थी, जिसमें इसे फिट करार दिया गया था। इसके बाद ऐसा हादसा सवाल उठाता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मृतक आश्रितों को पांच लाख और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजे के तौर पर देने की घोषणा की है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक, फुट ओवर ब्रिज सीएसएमटी के प्लेटफॉर्म नंबर एक के उत्तरी छोर को बीटी लेन से जोड़ता है। हादसे की वजह से ट्रैफिक प्रभावित हुआ। सड़क पर खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। यह पुल छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन से जोड़ता था। वहीं रेल मंत्रालय ने कहा कि पुल बीएमसी का था। हालांकि हम पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। रेलवे के डॉक्टर बीएमसी के साथ मिलकर राहत बचाव कार्य में लगे हैं।

पुल को बंद क्यों नहीं किया, जांच होगी

भाजपा विधायक राज पुरोहित ने कहा कि यह दुखद घटना है। इस पुल की जांच के दौरान प्रमाणपत्र देने वाले इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसे गिरफ्तार किया जाए। महाराष्ट्र के मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि रेलवे और बीएमसी इस हादसे की जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि पुल की हालत खराब नहीं थी। थोड़ा काम बाकी था, जिसे पूरा किया जा रहा था। इसकी भी जांच की जाएगी कि काम पूरा होने तक इस पुल को बंद क्यों नहीं किया गया।

लाल बत्ती की वजह से बची कई लोगों की जान

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जिस वक्त पुल का हिस्सा गिरा उस वक्त पास के चौराहे पर लाल बत्ती थी। उसने बताया कि अगर लाल बत्ती नहीं होती तो मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती थी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हम लोग लाल बत्ती होने की वजह से इंतजार कर रहे थे। उसने बताया कि जब तक हरी बत्ती होती इससे पहले ही पुल गिर गया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अगर हादसा कुछ देर बाद होता तो स्थिति और खराब होती। उसने बताया कि यह ऐसा समय होता है जब पूरी मुंबई घर जाने के लिए सीएसटी पर जुटी होती है। उसने बताया कि मैं भी घर पहुंचने की जल्दी में था लेकिन अब मैं लाल बत्ती होने के चलते राहत महसूस कर रहा हूं नहीं तो मैं भी घायलों में एक होता। इस दौरान एक टैक्सी चालक भी बच गया। हालांकि उसकी टैक्सी क्षतिग्रस्त हो गई। टैक्सी चालक ने समय रहते अपनी टैक्सी रोक भाग निकला जिससे वह बच गया।

पुल के पास कई बड़े दफ्तर

बताया जा रहा है कि जिस जगह हादसा हुआ वहां कई बड़े सरकारी दफ्तर भी है। इस पुल से 500 मीटर की दूरी पर ही बीएमसी का दफ्तर स्थित है। इसके अलावा पास में ही मुंबई पुलिस का मुख्यालय और सीएएमए अस्पताल भी हैं। शाम के वक्त इस इलाके में काफी भीड़ रहती है।

कसाब ने इसी पुल से बरसाईं थी गोलियां

इस पुल को आम तौर पर कसाब पुल के नाम से जाना जाता है। क्योंकि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान दो आतंकवादियों ने पुल से आम लोगों पर गोलियां बरसाईं थी। दो आतंकियों में से एक अजमल कसाब ही था।

नौ महीने में दूसरा पुल गिरा

मुंबई में नौ महीने के अंदर पुल ढहने की यह दूसरी घटना है। 3 जुलाई 2018 में मुंबई में भारी बारिश की वजह से अंधेरी स्टेशन के करीब एक फुट ओवरब्रिज का हिस्सा गिर जाने से पश्चिमी लाइन पर लोकल ट्रेनों की आवाजाही कुछ देर के लिए ठप हो गई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि पांच लोग घायल हुए थे।

2017 में एलफिन्स्टन रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 23 की मौत

29 सितंबर 2017 को मुंबई के परेल इलाके में एलफिन्स्टन रेलवे स्टेशन पर बने फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ मच गई थी। हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में आठ महिलाएं शामिल थीं। तब पश्चिमी रेलवे ने बताया था कि बारिश से बचने के लिए पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और अफवाह की वजह से भगदड़ मच गई।

घटनास्थल पर रेलवे बीएमसी की मदद कर रहा है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
– पीयूष गोयल, रेल मंत्री

मुंबई फुट ओवरब्रिज दुर्घटना से काफी दुख पहुंचा है। मेरी संवेदना शोक संतप्त परिवारों के साथ है। मेरी कामना है कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। महाराष्ट्र सरकार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने की पूरी कोशिश में जुटी है।
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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