हरदोई- परमेश्वर ने दिनभर खूब छकाया हरदोई के जिला प्रशासन को

हे परमेश्वर !उतरो जमीं पर, कि हम सब बेचैन हैं!
प्रशासन द्वारा लाख मान मुनव्वल और मांगे माने जाने बावजूद भी टंकी पर चढ़ा परिवार देर रात उतारा नीचे

हरदोई- “उतर आओ परमेश्वर !हम सब तुम्हारी जायज मांगों को मान रहे हैं लिखकर भी दे रहे हैं अब मान भी जाओ। परमेश्वर उतर आओ ,नीचे आकर समस्याओं को विस्तार से बताओ। उसका निराकरण कराने के लिए पूरा प्रशासन तैयार है” एसडीएम राकेश और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ज्ञानंजय सिंह द्वारा लगातार परमेश्वर को मनाने के लिए गुहार लगाती रही और समाचार लिखे जाने तक लगाई भी जा रही है पर परमेश्वर है कि मानते ही नहीं, नीचे उतरने को तैयार ही नहीं।” यह वाक्या जिला महिला अस्पताल की पीछे पानी की टंकी पर परमेश्वर आयु 50 वर्ष पुत्र परशुराम निवासी ग्राम छोली बरिया थाना सुरसा, हरदोई समेत परिवार के अन्य चार सदस्य प्रशासन पर दबाव बनाने हेतु टंकी पर चढ़े व्यक्तियों से प्रशासन की मनुहार है। फिर भी परमेश्वर समाचार लिखे जाने तक टंकी के नीचे नहीं उतरा है।
सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम छोली बरिया मजरा सिंधवा मऊ निवासी परमेश्वर पुत्र परशुराम आज सुबह जिला महिला चिकित्सालय के पीछे स्थित पानी की टंकी पर परिवार के पांच सदस्यों के साथ प्रशासन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से सुबह 9:30 बजे के लगभग चढ़ गया, तब से जिला प्रशासन की लाख मान मनव्वल और मांगे माने जाने के बावजूद अभी तक पानी की टंकी से नहीं उतरा है और जिला प्रशासन उसकी इस गुस्ताखी से दिन भर हलकान है। सारी मीडिया ने भी परमेश्वर से उतरने का आग्रह किया। एसडीएम सदर राकेश कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह भी परमेश्वर से नीचे उतर आने की कोशिश करवा रहे हैं। इसी बीच जिला प्रशासन ने जाल आदि की व्यवस्था किए हुए हैं। परमेश्वर का परिवार जब पानी की टंकी पर चढ़ा तो उसने सीढ़ियों पर कांटे और बल्ली भी लगा रखी है यही नहीं, यह परिवार ईट के अद्धे भी ऊपर ले गया है रस्सी भी ले गया है जिसके सहारे उसने अपने प्रार्थना पत्र को नीचे जिला प्रशासन को भेजा। जिला प्रशासन ने जायज समस्याओं को तुरंत निराकरण करने को मान भी लिया और नीचे उतर आने का आग्रह भी किया। गांव के प्रधान भी बराबर परमेश्वर से नीचे उतर आने की गुहार लगा रहे हैं पर परमेश्वर है कि मानते ही नहीं। परमेश्वर ने 16 बिंदु का मांग पत्र प्रशासन को दिया, जिसमें दबंगों द्वारा मारा पीटा जाना, विपक्षी गणों ने प्रार्थी के घर में प्रार्थी की गाय बछिया बकरा बकरी को बंद कर दिया जाना, विपक्षियों से मुकदमा चलना, जॉब कार्ड व
मनरेगा में पंजीकृत मजदूर होने के बावजूद काम पर ना लगाया जाना, यही नहीं गांव के भूमाफिया लल्लन सिंह, कृष्ण पाल, नीरज, विष्णु, लेखपाल महेश व भूरा आदि दबंगों से अवैध रूप से कब्जा किए जाने, कोटेदार द्वारा राशन न दिए जाने संबंधी कई मांगों को दिया। जिला प्रशासन ने लिख कर उसकी मांगों को मान भी लिया पर टंकी पर चढ़ा परमेश्वर का परिवार बराबर किसी से फोन पर बात करता है और प्रशासन की बात मानने के लिए तैयार भी हो जाता है किंतु उसे फोन से प्रेरित करने वाले के द्वारा मना करने के बाद वह मुकर जाता है बहर हाल पूरा दिन प्रशासन परमेश्वर व उसके परिवार को उतारने के लिए विवश है प्रशासन को यह डर भी है कि यदि ऊपर कोई चढ़कर जाता भी है तो कूद भी सकता है। समाचार लिखे जाने तक परमेश्वर का परिवार जमीन पर नहीं उतरा है सारा प्रशासन और मीडिया इस बात से हलकान है।

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