लखनऊ

अत्यधिक वजन बढ़ना किडनी के लिए अच्छा संकेत नहीं -डॉ. गुलाटी

लखनऊ। जब हम किडनी संबंधी बीमारियों के बारे में बात करते हैं। 14 मार्च को वर्ल्ड किडनी डे (विश्व गुर्दा दिवस) है और इसका उद्देश्य दुनिया भर में किडनी रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती है और ऐसे आदतों को त्याग देें जो आपके शरीर को नुकसान पहुंचा रहा हो। यह बात फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजनढल(एफएचवी) हॉस्पिटल’ के नोफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ.संजीव गुलाटी ने  बताते हुए कहा कि आपके पास दो गुर्देे (किडनी) हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आप चीजों को हल्के में ले सकते हैं। क्रोनिक किडनी डिजीज़ (सीकेडी) एक साइलेंट किलर है और इसके लक्षण कम और गैर-विशिष्ट होेते हैं तथा यह काफी देर से प्रकट होते हैं। इसलिए सीकेडी वाले अधिकांश रोगी नेफ्रोलॉजिस्ट के पास काफी देर से पहुंचते हैं। सीकेडी की समस्या जब एडवांस्ड और स्टेज 5 पर पहुंच जाती है तो डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) कराना ही एकमात्र विकल्प बचता है। इस स्टेज पर किसी भी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति की कोई भूमिका नहीं रह जाती है।(एफएचवी) हॉस्पिटल’ के नोफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ.संजीव गुलाटी का कहना है कि यहां उन दस सामान्य आदतों की विशेष बाते है,जिसमें जो अनजाने में आपकी बेशकीमती किडनी को प्रभावित कर सकती हैं जैसे कि अत्यधिक वजन बढ़ना: स्वास्थ्य शरीर और किडनी के लिए अच्छा संकेत नहीं है, क्योेंकि यह सीधे तौर पर आपकी किडनी फिल्टर पर दबाव डालता है और साथ ही हाइपरटेंशन का कारण भी होता है।

दर्द निवारक दवाओं का अनुचित या अत्याधिक सेवन: सिरदर्द, पीठदर्द, पेट में दर्द और अन्य दर्द के लिए ओवर द काउंटर (बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेना) दर्द निवारक दवाएं लेना अच्छी बात नहीं है।

हर्बल दवाओं का उपयोग: चाइनीज़ के साथ ही साथ भारतीय हर्बल दवाओं के सेवन से किडनी को नुकसान पहुंचने के कई मामलेे सामने आए हैं। जब तक हमारे पास पुख्ता वैज्ञानिक डेटा नहीं हो, तब तक यह सलाह दी जाती है कि ऐसे झोला छापोें से बचें जो बिना परीक्षण वाली इन दवाओं को लेने की सलाह देते हैं।

रक्तचाप अनियंत्रित रहने से भी किडनी को नुकसान पहुंचता है क्योें कि इससे आपकी किडनी के परिचालन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। आपकी उम्र चाहे जोे भी हो, आपको नियमित तौर पर ब्लड शुगर (मधुमेह) और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) की जांच करानी चाहिए। अगर आपको उच्च रक्तचाप (झ120/80) हो तो कृपया किसी भी दवाई की जरूरत के लिए अपने डॉक्टर सेे परामर्श करें और रक्तचाप लक्ष्य के दायरेे में रहे यह सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर बीपी की जांच कराएं।

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