राजधानी के महिला अस्पतालों में मरीजों का कम समय में होगा बेहतर इलाज

आगामी 25 मार्च से डफरिन अस्पताल में खुलेगी नई फिल्टर क्लीनिक  

मॉड्यूलर ओटी से कम समय में होगी अधिक सर्जरी  

लखनऊ।    झलकारीबाई और डफरिन अस्पताल में महिला मरीजों को कम समय में बेहतर इलाज के लिए नए ओटी, ओपीडी को आधुनिक तकनीकों के साथ तैयार किया जा रहा है। वहीं डफरिन अस्पताल में नए फिल्टर क्लीनिक को आगामी 25 मार्च से खोल दिए जाएगा।
डफरिन अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. नीरा जैन के मुताबिक फिल्टर क्लीनिक का काम पूरा हो चुका है।
आने वाले 25 मार्च से क्लीनिक का लाभ मरीजों को मिलने लगेगा। फिल्टर क्लीनिक से गंभीर मरीजों को ओपीडी में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, गंभीर और सामान्य मरीजों के विभाजन में फिल्टर क्लीनिक मददगार साबित होंगे। इसके साथ ही नीचे तैयार हो रहे ओपीडी का काम भी लगभग खत्म हो चुका है उसे मार्च में खोल दिया जाएगा।
डॉ.जैन ने बताया कि मॉड्यूलर ओटी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अप्रैल की पहली तारीख से इसे खोला जाएगा। झलकारीबाई अस्पताल में तैयार हो रहे मॉड्यूलर ओटी का भी आधे से ज्यादा काम पूरा हो गया है। लगभग दो महीनों में ओटी शुरू की जाएगी।

कम समय में होगी अधिक सर्जरी

मॉड्यूलर ओटी के बन जाने के बाद कम समय में अधिक सर्जरी की जा सकती है। अत्याधुनिक लाइट, ऑपेरशन कंट्रोल पैनल, एक्स रे, ऑपेरशन टेबल और साफ-सफाई में कम समय लगने के चलते सर्जरी भी जल्दी शुरू और खत्म की जा सकती है।ओटी की छत और दीवार विशेष स्टील से बनाई है। इन पर जंतुप्रतिबंधक यानी एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल पेंट लगाया जा रहा है। इस ओटी में विशेष यंत्र लगे हुए हैं, जो हवा को फिल्टर करते हैं ताकि किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।

जनरल वार्ड की जगह अब होगा लेबर रूम

वहीं झलकारीबाई अस्पताल में जनरल वार्ड की जगह लेबर रूम तैयार किया जा रहा है, मौजूदा वक्त में लेबर रूम अस्पताल परिसर की शुरूआत में बना है ऐसे में वहां सक्रमण का खतरा कई गुना ज्यादा रहता है, इसलिए लेबर रूम को सबसे पीछे तैयार किया जा रहा है, लेबर रूम की जगह ऐमरजैंसी वार्ड तैयार किया जा रहा है ताकि गंभीर मरीजों को अस्पताल के अंदर आते ही भर्ती किया जा सके। वार्ड को शिफ्ट किए जाने का काम लगभग दो महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।

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