देश भर के कृषि विज्ञान केंद्रों में अब गौ-कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा :डॉ.कथीरिया

तमिलनाडु ब्यूरो से डॉक्टर आर. बी. चौधरी
देश में देसी नस्ल के गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और कल्याण का मामला काफी उलझा हुआ है. सरकार की पुरजोर कोशिश है कि इसकी चुनौतियों को पर्यावरणीय समस्याओं को मद्देनजर रखते हुए रोजगार और आय के साधन से जोड़ दिया जाए. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष, डॉ.बल्लभ भाई कथीरिया देश में गोधन विकास को एक नए सिरे से सोच रहे हैं ताकि गोधन की ज्वलंत समस्याओं का कोई अनोखा हल ढूंढा जा सके. गुजरात गौ सेवा एवं गोचर विकास बोर्ड को तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गौ सेवा एवं गोचर विकास कार्यक्रमों को नया आयाम देने वाले डॉ.कथीरिया इस समय देश भर की गौशालाओ, गौशाला प्रतिनिधियों, गोधन विशेषज्ञों, गोधन वैज्ञानिकों और प्रतिष्ठित गोपालन संस्थाओं से मिलने का एक अभियान चला रहे हैं.अपने यात्रा अभियान के दूसरे चरण में वह है मिलिट्री फार्म के सdर्न कमांड,पुणे(महाराष्ट्र)में पहुंचे हैं. गौ सेवा के सर्वांगीण विकास के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों की तरह गौ कृषि सेवा केंद्र की स्थापना कर आम आदमी को जोड़ना चाहते हैं।

इस मिलन और संवाद कार्यक्रम के समन्वयक डॉ.के.पी. सिंह भदौरिया ने बताया कि पुणे रंजनगांव में “पिंगले गौ सेवा पुरस्कार” अलंकरण समारोह का आयोजन “गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र”, राजनगांव ने किया गया था जिसमें पंचगव्य उत्पादन एवं जैविक खेती के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यो पर राज्य और जिला पुरस्कार राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अघ्यक्ष , डॉ.कथीरिया ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रख्यात गौ सेवक स्वर्गीय मोरे जी पंत पिंगले की 9वीं पुण्य तिथि के अवसर पर प्रदान किया .यह आयोजन देश की प्रख्यात संस्था “गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र”, राजनगांव एवं “दादर नगर हवेली , मुक्ति संर्ग्राम समिति” के तत्वाधान में आयोजित की गई थी . इस अवसर पर प्रख्यात संस्था “गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र,” देवलापार के निदेशक इंजीनियर सुनीलमानसिंहका को गोमूत्र पर उल्लेखनीय अनुसंधान एवं विकास के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान कर अलंकृत किया गया. मुख्य अतिथि डॉ.कथीरिया ने सभी आगंतुकों से आग्रह किया कि गौशाला संस्थाएं स्थापित कर स्थानीय गोधन नस्लो का संरक्षण करें .गाय सिर्फ एक परिवार का पालन ही नहीं करती है बल्कि उस से प्राप्त होने वाले गोबर-गोमूत्र जैसे बहुमूल्य उत्पाद से अतिरिक्त आय कमाई दे सकती है.इसी क्रम में “अपंग कल्याण संस्था” द्वारा भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया .डॉक्टर भदौरिया ने बताया कि इस भ्रमण के दौरान मिलिट्री फॉर्म ,पिंपरी ,पुणे पर भी एक परिचर्चा आयोजित की गई जिस का संयोजन कर्नल कुलकर्णी एवं डॉ शरद बासुदेव खरे के मार्गदर्शन में हुआ.

पुणे के मिलन कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष ने कई मुद्दों पर चर्चा की और उसका निराकरण बताया जिसमें मुख्यतया गौ संवर्धन के कई आर्थिक पहलू बताए गए .डॉ.कथीरिया ने परिचर्चा में यह बताया कि हमारे देश में गौ सेवा के प्रति अटूट आस्था है किंतु इसे आर्थिक,वैज्ञानिक और नैसर्गिक पहलू से जोडना होगा .उन्होंने बताया कि आयोग इसके लिए कटिबद्ध है और सरकारी – गैर सरकारी प्रतिष्ठानों के पास में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने,युवाओं को गौ व्यवसाय से जोड़ने, गौ सेवा के श्रेष्ठ कार्यों को संकलित करने,स्थानीय गौ वंशीय नस्लों की उपादेयता पहचानने,, प्रबंधन कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने ,गौशाला से प्राप्त उत्पादों को उचित मूल्य दिलाने के लिए विपणन,बाजार एवं आपूर्ति जैसी आधारभूत जरूरतों को पूरा करने का कार्य करेगा . डॉ.कथीरिया चाहते हैं कि कृषि विज्ञान केंद्रों मे भी गो सेवा इकाई स्थापित किया जाए ताकि आम आदमी को उस से जोड़ा जा सके. इसके लिए वह कुछ केंद्र नमूने के रूप में पहले स्थापित करेंगे. कार्यक्रम के अंत में डॉ. कथीरिया ने एक बार फिर से ऋषि- कृषि और गौ संस्कृति पर आधारित ग्रामीण व्यवस्था के संकल्प को बार-बार दोहराया .

इस अवसर पर सुहासराव हिरेमठ, अखिल भारतीय सेवा प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मदन फराटे, प्रसाद जी, राजेन्द्र लुंकड़, बापू कुलकर्णी ने अपने विचार रखें.आयोजन समिति की ओर से उपस्थित सभी गणमान्य गऊसेवकों, गऊचिकित्सकों, किसानों और गौशाला कर्मी मौजूद थे। इस भ्रमण के दौरान राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की तरफ से डो.कथीरिया और हिंटरलैंड ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड, हमीरपुर, बुंदेलखंड( उत्तर प्रदेश) की ओर से “गुजरात गौ सेवा मॉडल” पर संकलित “कॉफी टेबल बुक” मिलिट्री फार्म, पुणे के ऑफिसर इंचार्ज लेफ्ट कर्नल अविनाश शर्मा को भेंट किया गया.

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