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बड़ी खबर: प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों की बढ़ेगी पेंशन, जाने पूरी खबर

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए ज्यादा पेंशन का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले से कर्मचारियों के पेंशन (Pension) में डबल से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दर्ज की गई भविष्यप निधि संगठन (EPFO) की अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ऐसे में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी है।

केरल हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में ईपीएफओ को कहा था कि रिटायर होने वाले कर्मचारियों को उनकी अंतिम सैलरी के आधार पर पेंशन मिलनी चाहिए। अभी तक ईपीएफओ निधार्रित सीमा में कर्मचारियों को पेंशन देता है। केरल हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ ईपीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

अभी तक ईपीएफओ अधिकतम 15,000 हजार रुपये तक की सैलरी को आधार बनाते हुए ही पेंशन देता आया है। अब पेंशन की गणना कर्मचारियों के नौकरी में बिताए कुल साल और अंतिम सैलरी के आधार पर तय होगी।

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यदि किसी कर्मचारी की अंतिम सैलरी 50 हजार रुपये महीना थी और उसने अगर 30 साल काम किया है तो उसे नए फैसले के बाद करीब 22,857 रुपये पेंशन मिलेगी, जो पुराने नियमों के मुताबिक करीब 4,525 रुपये पेंशन मिलती। यानी अब सैलरी और काम के साल के आधार पर पेंशन में करीब पांच से 10 गुना की बढ़ोतरी हो सकती है।

साल 2014 में ईपीएफओ द्वारा किए गए संशोधन के बाद प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की पेंशन की गणना 6400 के स्थारन पर 15000 के आधार पर करने को मंजूरी दी थी। हालांकि इसमें भी एक पेंच फंसा दिया गया कि पेंशन की गणना कर्मचारी की पिछले पांच साल की औसत सैलरी के आधार पर होग। इससे पहले यह गणना रिटायरमेंट से पहले के एक साल के आधार पर होती थी। जिसके बाद यह मामला केरल हाईकोर्ट पहुंचा।

केरल हाईकोर्ट ने अपने फैसले में संशोधन कर पेंशन की गणना का आधार रिटायरमेंट से पहले के एक साल को बना दिया और पांच साल वाले नियम को खत्म कर दिया, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया।

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