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बीएचयू में बढ़ा विवाद, गेट बंद, चीफ प्राक्टर समेत सात के खिलाफ मुकदमा

वाराणसी। एमसीए का छात्र गौरव सिंह शाम को साढ़े छह बजे बिड़ला छात्रावास में रहने वाले अपने मित्रों के साथ बिड़ला चौराहे के समीप पुलिया के पास बातचीत कर रहा था। इस बीच सफेद रंग की एक बाइक से तीन युवक आए। तीनों को देखकर गौरव को कुछ आशंका हुई। वह जब तक कुछ समझ पाता कि तभी एक और बाइक से दो लोग और आ गए। गौरव कुछ प्रतिक्रिया देता, दोनों बाइक पर सवार दो लोगों ने पिस्टल निकालकर गौरव पर अंधाधुंध फायर झोंक दिया।

गोली चलाने वाले प्रोफेशनल शूटर लग रहे थे। फायरिंग में गौरव के पेट व सीने में तीन गोलियां लगी। गोली मारने के बाद बदमाश बाइक से परिसर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग की तरफ भाग निकले। गंभीर रूप से जख्मी गौरव को लेकर उसके साथी ट्रामा सेंटर पहुंचे। आपरेशन के दौरान देर रात तक डाक्टरों ने दो गोली तो निकाल ली लेकिन एक गोली पसली में फंसी थी। अंतत: देर रात गौरव ने दम तोड़ दिया। वारदात स्थल पर पहुंची पुलिस को .32 बोर के दो खोखे मिले। गौरव के मित्रों का दावा था कि बदमाशों ने आठ से दस राउंड फायरिंग की थी।

चीफ प्राक्‍टर पर मुकदमा
इससे पूर्व रात में ही हत्‍या के बाद गौरव के पिता राकेश सिंह की तहरीर पर बीएचयू चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, रूपेश तिवारी, कुमार मंगलम, विनय द्विवेदी सहित अन्‍य अज्ञात के खिलाफ 147, 148, 149, 120 बी, 302,34, 7 आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। वहीं सुबह अंतिम संस्कार के दौरान हरिश्चंद्र घाट पर छात्रों ने एक लड़के को बुरी तरह पीट दिया। जिससे एक बार फ‍िर तनाव की स्थिति बन गई।

बीएचयू में बढ़ा विवाद, गेट बंद
छात्र की हत्‍या के बाद बीएचयू में विवाद सुबह होते होते बढ़ गया। सुबह से ही परिसर में गहमागहमी बनी रही और अनहोनी की आशंका में सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई। मगर दोपहर होते होते छात्रों ने विरोध जताते हुए बीएचयू स्थित लंका गेट को बंद कर दिया और विरोध प्रदर्शन्‍ करने लगे। विश्‍वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी मामले की संजीदगी को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से भी छात्रों से वार्ता का दौर चला मगर छात्रों की मांग से वार्ता असफल हो गई। छात्रों का कहना है कि शाम तक वह यहीं पर बैठे रहेंगे। इस बार सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलने वाला, चीफ प्राक्टर को गिरफ्तार करें तो ही धरना समाप्‍त हाेगा।

आगजनी सहित कई मामलों में संलिप्त था गौरव
बीएचयू में हाल के तीन-चार वर्षों में हुए हर बवाल में गौरव का नाम सामने आने लगा था। 20 दिसंबर 2017 में छात्रनेता आशुतोष की गिरफ्तारी के बाद हुए बवाल में आगजनी की घटना में शामिल रहा। इस मामले में वह जेल भी गया था। हालांकि एक सप्ताह बाद ही उसकी जमानत हो गई थी। पुलिस ने गौरव पर जुर्माना भी लगाया था। गौरव का भाई सौरभ भी कुछ दिनों पूर्व हुए बीएचयू बवाल में शामिल था। उसे भी निष्कासित किया गया था और परिसर में पोस्टर भी चस्पा हुआ था।

चीफ प्रॉक्टर पर गंभीर आरोप
गौरव को गोली लगने के बाद आक्रोशित छात्रों का गुस्सा एक बार फिर चीफ प्रॉक्टर रोयना सिंह पर फूटा। छात्रों ने आरोप लगाया कि चीफ प्रॉक्टर गुंडों को पाल रखी हैं। चीफ प्राक्टर के इशारे पर बिरला सी में कभी भी चेकिंग नहीं की जाती थी। छोटे – छोटे मामलों में चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों पर गलत मुकदमे कराकर माहौल खराब किया है। चीफ प्रॉक्टर की मनमानी के कारण बीएचयू के माहौल काफी खराब हुआ लेकिन कभी भी कार्रवाई नही हुई। सभी जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।

हमलावर हिरासत में
गौरव के साथियों ने हत्या में आशुतोष त्रिपाठी, विनय द्विवेदी, रुपेश तिवारी, मंगलम सिंह पर आरोप लगाया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विनय और रूपेश को हिरासत में ले लिया। थोड़ी देर बाद दो अन्य फरार मंगलम और आशुतोष त्रिपाठी भी पकड़े गए। एसएसपी ने बताया कि सभी आरोपी हिरासत में हैं, क्राइम ब्रांच की टीम आरोपितों से पूछताछ के साथ ही हमले में प्रयुक्त असलहे की बरामदगी में जुटी है। पुलिस ने आरोपित छात्रों के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

अंजाम भुगतने की दी थी धमकी
पुलिस का दावा है कि गौरव की हत्या के पीछे बीएचयू के ही छात्र पवन का हाथ है। वह गौरव से खार खाया था। उसे लगता था उसी के दबाव पर उसके खिलाफ मुकदमा हुआ जिसके चलते वह जेल में बंद है। बक्सर, बिहार निवासी पवन मिश्रा बिरला सी में रहता था। कुछ दिनों पहले बीएचयू के छात्र अभिजीत पर कट्टे की मुठिया से प्रहार करने के साथ ही हवाई फायरिंग किया था। जानलेवा हमले में नामजद होने के बाद लंका पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। पवन गुट से गौरव व उसके साथियों की तकरार चल रही थी। पवन ने कई बार गौरव को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। पुलिस का दावा है कि आरोपित मंगलम जो गौरव की हत्या के मामले में पुलिस हिरासत में है, उसने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी कि अगर हमारी मौत हुई तो उसकी जिम्मेदारी आशुतोष उर्फ ईशु और गौरव की होगी। पुलिस गौरव की हत्या के पीछे छात्रों के बीच वर्चस्व की लड़ाई से ही जोड़कर देख रही।

पुलिस-प्रशासन रासुका लगाने की तैयारी में
बीएचयू में छात्र गुटों के बीच मारपीट, तोडफ़ोड़ से लेकर अब हत्या तक मामला पहुंच गया। पुलिस – प्रशासन इसको लेकर गंभीर हो गया है। मौके पर डटे डीएम ने आक्रोशित छात्रों को शांत कराते हुए कहा कि परिसर का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे लोगों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। बीएचयू में दो बड़े गुट हो गए है जो लगातार माहौल खराब कर रहे हैं। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि हमारे पास सूची है और एक्शन भी लेने की तैयारी है। जो भी अपराधी प्रवृत्ति के छात्र हैं और परिसर का माहौल खराब कर रहे, उनके खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं।

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