हरदोई- तहसीलदार एवं उपजिलाधिकारी के कार्यो की घोर परिनिन्दा की जाती है:- जिलाधिकारी

हरदोई जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बताया है कि मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ में योजित रिट याचिका मत्स्यजीवी सरकारी समिति लि0 जनिगांव ब्लाक कोथावां तहसील सण्डीला बनाम उ0प्र0 राज्य व अन्य में 08 जनवरी 2019 को सुनवाई हेतु मा0 न्यायालय द्वारा तिथि नियत की गयी थी, जिस पर स्थायी अधिवक्ता द्वारा इसट्रक्शन दाखिल करने का समय चाहा गया, जिस पर न्यायालय द्वारा इन्सट्रक्शन दाखिल करने हेतु 31 जनवरी 2019 की तिथि नियत की गयी किन्तु उक्त तिथि को इन्सट्रक्शन दाखिल न होने पर मा0 उच्च न्यायालय द्वारा 07 फरवरी 2019 की तिथि नियम करते हुए उप जिलाधिकारी सण्डीला को इन्सट्रक्शन सहित न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिये गये, इसके बावजूद 07 फरवरी 2019 को मा0 उच्च न्यायालय में न तो उप जिलाधिकारी सण्डीला उदय भान सिंह इन्सट्रक्शन सहित उपस्थित हुए और न ही तहसीलदार संजय कुमार द्वारा मा0 उच्च न्यायालय में इन्सट्रक्शन सहित उपस्थिति दर्ज कराई गयी, जिसके फलस्वरूप मा0 उच्च न्यायालय ने 13 मार्च 2019 को आदेश पारित किया गया जिसमें आप लोगों द्वारा प्रश्नगत मामले में समयबद्व कार्यवाही सुनिश्चित न कराने पर अधोहस्ताक्षरी को वांछित अभिलेखों सहित उपस्थित होने का आदेश पारित किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा है कि इससे स्पष्ट होता है कि आप एक गैर जिम्मेदार, लापरवाह तहसीलदार है और आपके द्वारा प्रकरण में जानबूझकर लापरवाही बरती गयी है तथा आपका यह कृत्य कर्मचारी आचारण नियमावली प्राविधानित नियमों के विपरीत है जिसके लिए आपके कार्यो की घोर परिनिन्दा की जाती है। उन्होने उप जिलाधिकारी सण्डीला से भी कहा है कि इससे स्पष्ट होता है कि आप एक गैर जिम्मेदार लापरवाह अधिकारी है और आपके द्वारा प्रकरण में जानबूझ कर लापरवाही बरती गयी है जो कर्मचारी आचरण नियमावली में प्राविधानित नियमों के विपरीत है जिसके लिए आपके कार्यो की भी घोर परिनिन्दा की जाती है। उन्होने उप जिलाधिकारी बिलग्राम को दो प्रतियां इस निर्देश के साथ पे्रषित की कि एक प्रति संजय कुमार तहसीलदार सण्डीला, सम्प्रति तहसीलदार बिलग्राम को व्यक्तिगत रूप से प्राप्त कराते हुए दूसरी प्रति पर उनके प्राप्ति के सतिथि हस्ताक्षर कराकर तामीला प्रति लौटती डाक से उन्हें उपलब्ध करायें तथा उप जिलाधिकारी सण्डीला सम्प्रति उप जिलाधिकारी सवायजपुर को दो प्रतियां भेज कर निर्देश दिये है कि एक प्रति प्राप्त कर दूसरी प्रति पर अपने प्राप्ति के सतिथि हस्ताक्षर बनाकर तामीला प्रति लौटती डाक से अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध करायेें, अन्यथा की स्थिति में इसे गम्भीरता से लेते हुए कार्यवाही की जायेगी।

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