केजीएमयू में शव पर पहली बार घुटना प्रत्‍यारोपण की ट्रेनिंग कल

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय का अस्थि शल्‍य चिकित्‍सा विभाग ने दो दिवसीय घुटना प्रत्यारोपण कार्यशाला का आयोजन किया।जिसमें प्रथम कार्यशाला शनिवार को राजधानी के एक होटल में पूर्ण की गई,इस दौरान घुटना प्रत्यारोपण करने की तकनीक, प्लानिंग, सर्जिकल अपरोच एवं विभिन्न प्रकार की तकनीकी मुश्किलों के बारे में जानकारियां दी गई। इस मौके पर कार्यशाला में देश भर के 35 अस्थि शल्‍य चिकित्‍सक घुटना प्रत्‍यारोपण सीखा,हालाकिं पहली बार केजीएमयू द्वारा एनाटॉमी विभाग में यह प्रशिक्षण रविवार को कैडेवर (शव) पर सिखाया जायेगा। इसमें पीजीआई रोहतक के निदेशक डॉ राकेश गुप्‍ता तथा केजीएमयू के विशेषज्ञ घुटना प्रत्‍यारोपण करना सिखायेंगे।

यह जानकारी देते हुए आयोजन अध्‍यक्ष डॉ विनीत शर्मा तथा आयोजन सचिव डॉ संतोष कुमार ने बताया कि घुटना की समस्‍या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। उन्‍होंने बताया कि विभाग की ओपीडी में रोज आने वाले मरीजों में आधे मरीज ऑस्टियो ऑर्थराइ‍टि‍स के चलते घुटने की समस्‍या लेकर आते हैं। उन्‍होंने बताया कि इसमें लिक्विड सूख जाता है तथा घुटने की कार्टिलेज घिस जाती हैं जिससे उनमें घाव हो जाता है जो कि दर्द करता है। डॉ संतोष ने बताया कि फि‍लहाल इसके इलाज के लिए घुटना प्रत्‍यारोपण ही एक इलाज है हालांकि कार्टिलेज बदलने पर शोध चल रहा है लेकिन अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा है। डॉ शर्मा ने बताया कि केजीएमयू में प्रतिमाह 25 से 30 घुटनों का प्रत्‍यारोपण किया जाता है। उन्‍होंने बताया कि केजीएमयू में प्रत्‍यारोपण पर होने वाला खर्च निजी अस्‍पताल के मुकाबले करीब एक चौथाई में हो जाता है।

इस कार्यशाला के दौरान डॉ विनीत शर्मा,डॉ संतोष कुमार,डॉ संदीप गुप्ता, डाॅ राकेश गुप्ता, कर्नल नरेन्द्र कुमार, डाॅ संजय श्रीवास्तव, डाॅ संदीप गर्ग, डाॅ संदीप गुप्ता, डाॅ अनूप अग्रवाल, डाॅ उत्तम गर्ग एवं आर्थोपेडिक की सर्जरी विभाग के प्रो यूके जैन, प्रो ओपी सिंह, प्रो जीके सिंह,डाॅ आशीष कुमार, डाॅ नरेन्द्र कुश्वाहा, डाॅ धमेन्द्र कुमार, डाॅ शैलेन्द्र सिंह, डाॅ अभिषेक अग्रवाल और डाॅ मयंक महेन्द्रा व अन्य लोग मौजूद रहें।

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