रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले 7 जालसाज गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकासनगर थाना की पुलिस और एसपी ट्रांसगोमती की सर्विलांस टीम ने एक ऐसे गिरोह के सात लोगो को पकड़ने मे सफलता हासिल की है जो नौकरी की तलाश मे घूम रहे बेरोजगारों से ठगी करते थे। आरोपी हाईटेक तरीके से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर रेलवे में नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में जाली दस्तावेज, मुहर और लेटर भी बरामद हुए हैं। एसएसपी ने खुलासा करने वाली बहादुर पुलिस टीम को 25 हज़ार रुपये का नगद पुरस्कार दिया है।

अपर पुलिस अधीक्षक महानगर अमित कुमार ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे जो बेरोजगारी से तंग आकर नौकरी की तलाश में भटकते थें। यह गैंग पूरी ठगी की वारदात को इतने हाईटेक तरीके से अंजाम देता था कि लोग इनके झांसे में आराम से फंस जाते थें। आरोपी ज्वानिंग लेटर में एक बारकोड जेनरेट करते थें जो स्कैन करने पर पूरी डिटेल दिखा देता था। इसके अलावा इनके पास से पद एवं नाम का बैच टीटी की ड्रेस समेत कई दस्तावेज़ बरामद पुलिस ने किया गया है। जो पूरी ठगी में इस्तेमाल किया जाता था।

पकड़े गए आरोपियों में सुशील उर्फ डीके इस पूरे गैंग का मुख्य सरगना था जो रेलवे में चतुर्थ श्रेणी का बर्खास्त कर्मचारी है। ठगी करने वाला गिरोह ईतना शातिर था कि पूरी ठगी की वारदात को रेलवे स्टेशन औऱ कार्यालयों के बाहर अंजाम देता था। पीड़ितों को ठगों ने बादशाह नगर स्टेशन से लेकर दिल्ली गोरखपुर में बुलाकर लाखों ठगे थे। मेडिकल के नाम पर ऑफ़िस के बाहर ही फर्जी डॉक्टर बनकर ब्लड सैम्पल लेतें थें।

हालांकि अब तक इस पूरे गिरोह के मुख्य अभियुक्त सहित 7लोगों को एसपी ट्रांसगोमती टीम औऱ विकास नगर पुलिस ने धर दबोचा है। एसपी ट्रांसगोमती ने बताया यह गैंग पिछले कई वर्षो से बेरोजगारों को नौकरी का झासा दे ठगी करते थे। इसमें औऱ कौन कौन लोग शामिल हैं इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे गैंग में शामिल औऱ लोग पुलिस की गिरिफ्त में होंगे।

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