ओडिशा में 245 किमी की रफ्तार से चल रही हवाएं, 160 मिली लीटर से ज्‍यादा बारिश, आंध्र प्रदेश से टला खतरा

नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान फानी ने आंध्र प्रदेश से मुड़ कर ओडिशा के तट से टकराने के बाद काफी कहर बरपाया है। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं। हैदराबाद के मौसम विभाग ने बताया कि ओडिशा के तटीय क्षेत्र से टकराने पर यहां 245 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इस बीच लगातार हो रही बारिश के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। आपदा प्रबंधन की टीम तूफान से निपटने के लिए तैयार है। फानी की वजह से रेल, सड़क और हवाई यातायात पर प्रभाव पड़ा है। कोलकाता एयरपोर्ट आथॉरिटी ने एक बयान जारी कर बताया है कि यहां आने-जाने वाली फ्लाइट्स शुक्रवार दोपहर 3 बजे से लेकर शनिवार सुबह 8 बजे तक के लिए रद कर दी गई हैं। 100 से ज्‍यादा ट्रेन रद हुई हैं। पिछले 43 सालों में अप्रैल माह में भारत के पड़ोसी समुद्री क्षेत्र में उठा इतनी तीव्रता का यह पहला तूफान है। 160 मिली लीटर से ज्‍यादा बारिश भुवनेश्‍वर में अभी तक हो चुकी है। हजारों पेड़ उखड़ गए हैं। कच्‍चे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है।

– भारतीय नेवी के पी-8I और डॉर्नियर को दोपहर में फोनी के असर और उसके कारण हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भेजा किया जाएगा। इस बीच खराब मौसम के कारण भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने आज झारखंड में अपनी सभी ती चुनाव प्रचार रैलियों को रद कर दिया।

-160 मिली लीटर से ज्‍यादा बारिश भुवनेश्‍वर में अभी तक हो चुकी है। हजारों पेड़ उखड़ गए हैं। कच्‍चे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है।

-दिल्‍ली मौसम विभाग के अधिकारी मृत्‍युंजय महापात्रा ने बताया कि अगले 3 घंटों में चक्रवात तूफान फानी की तीव्रता कम होने की उम्‍मीद है। फानी तूफान आंध्र प्रदेश से दूर चला गया है, इसलिए इसकी सूचना दे दी गई है। तीन जिलों में भारी बारिश हुई है।

– आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के इच्छापुर में बारिश और हवाओं के कारण काफी घर तबाह हो गए और लोगों ने शेल्टर में शरण ली है। इधर, ओडिशा के भुवनेश्‍वर में तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 12 घंटे तक श्रीकाकुलम में यह असर रहेगा। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने बताया कि विखापट्नम से मुंबई सीएसटीएम के बीच विशेष ट्रेन कोणार्क एक्सप्रेस (11020) की समय-सारिणी के मुताबिक चलेगी।

– ओडिशा के भद्रक में चक्रवात फानी के कारण मौसम काफी खराब हो गया है। समुद्र का मौसम और गंजम में भारी बारिश के तेज हवाएं चल रही हैं।

– फानी तूफान का कहर जारी है। इस बीच खबर आ रही है कि यह चक्रवाती तूफान ओडिशा से आगे बढ़ गया है।
-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फानी चक्रवाती तूफान के मद्देनजर अपने सभी कार्यक्रम दो दिनों के लिए रद कर दिए हैं। आज वह तटीय क्षेत्र के पास खड़गपुर में रुकेंगी और कल और परसों स्थिति का स्वयं जायजा लेंगी। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार फोनी आज रात साढ़े आठ बजे तक पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र से टकराएगा।

– चक्रवाती तूफान फानी से निपटने के लिए 13 नेवी एयरक्राफ्ट विशाखापत्तनम में तैयार खड़े हैं, जिससे समय रहते क्षति का आकलन और राहत कार्य पूरा हो सके।

– हैदराबाद के मौसम विभाग के मुताबिक, ओडिशा के पुरी में 245 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इसके साथ ही तेज बारिश भी हो रही है। भूस्खलन के बाद इस तूफान का प्रभाव कम होने की संभावना है और इसके बाद इसके पश्चिम तट की ओर बढ़ने की संभावनाएं हैं।

– पारादीप मौसम विभाग के अधिकारी आर शुक्‍ला ने बताया कि लगभग सुबह 8 बजे शुरू हुए भूस्खलन की प्रक्रिया 2 घंटे में खत्म होने की उम्मीद है। इसके बाद इसके उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है, जो ओडिशा के सभी जिलों को कवर करता हुआ पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा। सुबह 9 बजे हवा की गति 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दर्ज की गई है।

– फानी तूफान ओडिशा के तट से टकरा गया है। आंध्र प्रदेश: एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) द्वारा राहत अभियान श्रीकाकुलम के कोट्टूरु मंडल में चल रहा है। यहां पर आज बारिश हुई और तेज हवाएँ चल रही हैं।

– फानी तूफान के जमीन से टकराने के साथ ही तेज हवा और बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

– प्रशासन ने फानी तूफान की वजह से होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई है।

– ओडिशा में जमीन से टकराया फानी तूफान। भुवनेश्वर मौसम विभाग के निदेशक एचआर विस्वास ने बताया कि सुबह 8 बजे फानी जमीन से टकराया। उन्होंने बताया कि इसे पूरी तरह से जमीन पर आने में करीब दो घंटे का वक्त लगेगा। यह पुरी के पास जमीन से टकराया है।

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