भोजपुर में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा फर्जी प्रॉपटी डीलिंग का कारोबार

 

आरा(विक्रांत राय/रितेश चौरसिया)। जिले में प्रोपटी खरीदने एवं बेचने का खेल कई प्रोपटी डीलर बिना पंजीकरण कराए खेल रहे है। कई ऐसे नाम है जिनके पास किसी भी तरह का लाइसेंस नहीं है, न ही बिहार सरकार या इनकम टैक्स को एक रूपया का टैक्स देते है। इस तरह का खेल जिले में सैकड़ो प्रोपटी डीलर खेल रहे है। बिहार सरकार के नियमानुसार बिना पंजीकरण करवाये कोई भी व्यक्ति प्रोपर्टी डीलर, रियल स्टेट या प्रमोटर का कार्य नहीं कर सकता है। आरा में ज्यादातर प्रोपटी डीलर सरकार के इस कानून व नियमों का उल्लंघन करके प्रोपर्टी डिलिंग का काम कर रहे हैं, जिनमें से कुछ सरकारी कर्मचारी भी है। सूत्रों के अनुसार आरा शहर में लगभग दो सौ व्यक्ति प्रोपर्टी डिलिंग का कारोबार कर रहे हैं। जिले में जमीन की मांग तेज होते ही प्रॉपर्टी डीलर यहां सक्रिय हो गए हैं। कुछ डीलर बिना लाइसेंस लिए ही नियम ताक पर रखकर अवैध जमीन का काम कर रहे है और इनका इस वक़्त अच्छी चांदी कट रही हैं। डीलरों की मनमानी रोकने के लिए टाउन प्लानिंग विभाग सख्त अभी तक नही हुई है। जिला प्रसाशन की इन लोगो की मनमानी ने परेशानी बढ़ा दी है। कुछ प्रॉपर्टी डीलर ऐसे है की झगड़ालू जमीन खरीद कर जबरदस्ती किसानों और जमीन वालो को सता रहे है। जिससे लोगो मे जिला प्रशासन पर आक्रोश साफ दिख रहा है। वही लोगो का कहना है की प्रॉपर्टी डीलर जमीन देख कर समझ कर नही खरीदारी कर रहे है। बस फोन पर सौदा हो गया। ये नही देखते जमीन जो बेच रहा है उसका है की नही है, बस उसे खरीद कर जबरदस्ती कब्जा जमा लेना है। कभी कभी तो गोली भी चलने का सम्भावन हो जाती है, कभी चल भी जाता है फिर भी जिला प्रशासन को नियम नही बनता और नाही इन लोगो पर करवाई करता।

बिना रिस्क के हो जाते है करोड़पती

प्रोपटी डीलिंग के इस पेशा में किशी भी तरह का कोई रिस्क नहीं होता है। इस पेशा में किसी भी तरह का कोई लागत भी नहीं लगता है। केवल मेहनत के बदौलत इस पेशा करने वाले जमीन व जायदाद के साथ करोड़पति हो जाते है। एक प्रोपटी डीलर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की पहले मेरे पास कुछ भी नहीं था। अब हमारे पत्नी व बच्चे के साथ कुछ जमीन अपने नाम पर खरीदा है, जिसकी कीमत कम से काम एक करोड़ रूपए है।

क्या कहता एक्ट

बिहार अपार्टमेन्ट एण्ड प्रोपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1955 के लागू होने पर इस एक्ट की धारा 21 के अन्र्तगत कोई भी व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन से यदि प्रोपर्टी खरीद बिक्री का कार्य करता है, तो उसे उस एक्ट की धारा 36(3) के अन्तर्गत एक वर्ष की कैद या दस हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों सजाए भी हो सकती हैं। सरकार के कानून तथा नियमों को ठेंगा दिखाने वालों ने बिना रजिस्ट्रेशन के बड़े-बड़े बोर्डों के साथ अपने कार्यालय बनाकर प्रोपर्टी का कारोबार शुरू किया हुआ है।

मोटेशन के नाम पर भी उगाही

सूत्रों की माने तो सरकारी कर्मचारी आरा सर्किल ऑफिस में मोटेशन कराने नाम पर मोटी रकम के एवज में प्रोपर्टी डीलर के मिल कर जमीनों का साड़ीफाईड कॉपी के साथ मोटेशन कर रसीद काट कर दे देते है, चाहे जमीन किसी भी तरह का क्यों न हो या फिर किसी दूसरे के कब्जे में ही क्यों ना हो।

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