इरान से तेल खरीदे जाने पर फैसला लोकसभा चुनावों के बाद

नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत यात्रा पर आए ईरान के विदेश मंत्री जावेद जारिफ को मंगलवार को बताया है कि तेल खरीदे जाने पर फैसला लोकसभा चुनावों के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत की वाणिज्यिक जरूरतों, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

आधारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत की यात्रा पर आए ईरान के विदेश मंत्री अपनी पहल पर ही भारत की यात्रा पर आए हैं। वह क्षेत्र के वर्तमान हालातों, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और द्विपक्षिय सहयोग पर चर्चा करने के लिए आए हैं। उन्होंने पिछले कुछ दिनों में रूस, चीन, तुर्कमेनिस्तान और ईराक से भी हालिया हालातों पर चर्चा की है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष फिर से स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे पर सहमति बनानी चाहिए और बातचीत के जरिए इसे हल किया जाना चाहिए। बता दें कि भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच यह मुलाकात अमेरिका द्वारा भारत व अन्य देशों को ईरान से तेल खरीदने के लिए दी गई 6 महीने की छूट खत्म होने के 12 दिनों बाद हुई है।

भारत तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश
भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक देश है और यह अपनी जरूरतों का 80 पर्सेंट तेल आयात करता है। ईरान, ईराक और सऊदी अरब के बाद भारत को सबसे ज्यादा तेल निर्यात करने वाले तीसरा देश है और भारत अपनी जरूरतों का 10 पर्सेंट से ज्यादा तेल ईरान से आयात करता है। अमेरिका ने भारत व अन्य देशों से कहा है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए 4 नवंबर तक ईरान से तेल का आयात बिल्कुल बंद कर दें। इससे पहले अमेरिका ने भारत सहित 8 देशों को ईरान से तेल आयात करने की 6 महीने की छूट दी थी।

इस बीच मुलाकात के दौरान चाबहार पोर्ट पर भी बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने इसके विकास पर संतोष जताया है। ईरान के इस बंदरगाह का विकास भारत कर रहा है।

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