अगर आप में भी है हुनर, तो कमाई के इन बेजोड़ तरीको से करें, घर बैठे कमाई

नई दिल्ली
क्या आप ऐसी दुनिया में काम करना चाहते हैं, जहां आप वो कर सकें जो वाकई आप करना चाहते हैं? आप अपने इन सपनों को पंख घर बैठे देना चाहते हैं और किसी ऑफिस या मार्केटिंग जैसे वर्कप्लेस पर नहीं जाना चाहते? शहरी भारत में करीब 15 मिलियन लोग अपने इस सपने को जी रहे हैं। यह जानकारी फ्रीलांसर इनकम्स अराउंड द वर्ल्ड रिपोर्ट 2018 में सामने आई है। ये लोग सेल्फप्रेन्योर्स है और ये लोग खुद के मालिकाना हक वाला अपना कारोबार कर रहे हैं। ये लोग तेजी से बढ़ रहे उस ग्रुप का हिस्सा हैं जो देश की इकॉनमी में अपना योगदान दे रहे हैं।

घर बुलाकर खाना खिलाइए, मोटा मुनाफा कमाइए
मुंबई की ज्योति वोरा भी इन्हीं में से एक हैं। कुकिंग उनका जुनून है और वह अपने घर पर अनजान लोगों को गुजराती खाने के लिए इनवाइट करती हैं। सोशल डाइनिंग का यह अनोखा कॉन्सेप्ट, होम पॉप-अप्स के तौर पर भी जाना जाता है और होममेकर इससे अच्छी खासी कमाई कर रही हैं। उन्होंने छोटा सा केटरिंग बिजनस भी शुरू किया है। सेल्फप्रेन्योर ज्योति का कहना है, ‘मुझे केटरिंग बिजनस के जरिए एक इवेंट से करीब 12,000 रुपये का मुनाफा हो जाता है।’

इन क्षेत्रों में भी बेपनाह मौके
वोरा की तरह ही, दूसरे सेल्फप्रोनयोर्स भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वर्चुअल असिस्टेंट, लेखक और ट्रांसलेटर्स से वेब डिवेलपर्स तक सभी ऑनलाइन वर्क के बेपनाह मौके पा रहे हैं। जनवरी 2018 में 500 भारतीयों के बीच हुई पेपल स्टडी के मुताबिक, 41 प्रतिशत सेल्फप्रेन्योर्स ने एक साल में तेज ग्रोथ हासिल की और इनमें 80 प्रतिशत इंटरनैशनल और डोमेस्टिक क्लाइंट्स के साथ काम कर रहे हैं। करीब 23 प्रतिशत की सालाना इनकम 60 लाख रुपये रही है।

ऑनलाइन टीचिंग
एक्स्ट्रा इनकम के साथ पैसे कमाने के अलावा वर्क फ्रॉम होम फ्लैक्सी कामकाजी घंटे और हर रोज यात्रा नहीं करने जैसे दूसरे फायदे भी देता है। दिल्ली की काजल सेनगुप्ता ने 2009 में एक ऑनलाइन टीचिंग असाइनमेंट के वक्त यह महसूस किया। इसके तुरंत बाद उन्होंने टीचिंग जॉब छोड़ दी और ऑनलाइन टीचिंग शुरू कर दी। फिजिक्स टीचर काजल का कहना है, ‘मुझे हर रोज कहीं आना-जाना नहीं होता, जिससे मैं देर रात भी क्लासेज दे पाती हूं। इसके साथ ही शहर से बाहर होने पर भी मेरे छात्रों को परेशानी नहीं होती।’

इस सप्ताह की कवर स्टोरी के लिए हमने 8 ऐसे कामों की लिस्ट बनाई है। इन कामों से होने वाली कमाई और स्किल रिक्वायरमेंट की भी जानकारी इकट्ठा की है। हालांकि, याद रखें कि पैसे कमाने के लिए ये सबसे आसान तरीके नहीं हैं। किसी दूसरी नौकरी की तरह ही आपको दिन के कुछ निश्चित, आमतौर पर 5-6 घंटे अपने काम को देने होंगे। हालांकि, इनमें से अधिकतर ऑप्शन ऑनलाइन उपलब्ध हैं। यानी आप ग्लोबल फ्रीलांसिंग प्लैटफॉर्म्स और करियर साइट्स पर जॉब्स ढूंढ सकते हैं। एक पेपल अकाउंट खोलें और आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं…

1. पॉप अप मील ऐट होम
औसत कमाई: 15,000- 22,000 रुपये

कैसे करें शुरुआत

घर पर खाना पकाना और किसी खास क्षेत्र या विशेष खाने के ऑथेंटिक टेस्ट के लिए 5-8 लोगों को इनवाइट करना। इस तरह का खाना अक्सर मल्टी-कोर्स रहता है। आसान शुरुआत के लिए आप ‘ऑथेंटिकुक’ और ‘ईट विद इंडिया’ जैसे प्लैटफॉर्म पर खुद को लिस्ट कर सकते हैं। ये वेबसाइट्स मार्केटिंग और पेमेंट्स का हिसाब-किताब रखती हैं।

पैसों का फैसला आप पर होता है, लेकिन ये प्लैटफॉर्म्स आपकी मदद कर सकते हैं। ऑथेंटिकुक की को-फाउंडर अमीया देशपांडे का कहना है, ‘हम पिछली मांग और खाने के लिए मेहमानों से मिले अनुभव के आधार पर कीमत तय करने में मेजबान की मदद करते हैं।’ मुंबई की ज्योति ऑथेंटिकुक के साथ पिछले 4 साल से इस तरह खाने की मेजबानी कर रही हैं।

कमाई की संभावना
5-6 आइटम वाले एक स्टैंडर्ड मील की कीमत 1,500 रुपये से ज्यादा होती है, वहीं हल्का खाना और स्नैक्स 600-800 रुपये में मिल जाता है। मांसाहारी भोजन 500 रुपये या इससे ज्यादा तक महंगा होता है। खाने के अलावा आप कुकिंग क्लासेज भी होस्ट कर सकते हैं। इनके लिए 2,000 रुपये से 4,000 रुपये प्रति व्यक्ति तक चार्ज होता है।

क्लीनिंग और ग्रॉसरी की लागत 400-500 रुपये प्रति व्यक्ति आती है। क्रॉकरी और डेकोरेशन पर एक बार होने वाले खर्चे की कीमत करीब 6,000 रुपये पड़ेगी। प्लैटफॉर्म्स अपनी सर्विस फी होस्ट की जह डाइनर्स यानी गेस्ट से लेते हैं। कॉस्ट और फीस घटाने के बाद आप महीने में औसतन 20,000 रुपये तक कमा सकते हैं। ईट विद इंडिया की को-फाउंडर सोनल सक्सेना का कहना है, ‘होस्ट को होने वाली कमाई लोकेशन, मेन्यू और कीमत के हिसाब से अलग-अलग होती है।’

मुंबई की 58 वर्षीय ज्योति वोरा
काम: घर पर पॉप अप मील होस्ट करना
औसत कमाई: 25,000 रुपये प्रति महीना
क्वालिफिकेशन/ट्रेनिंग: कुछ भी नहीं
4 सालों से सेल्फ-एंप्लॉयड
कामकाजी घंटे: महीने में 4 सेशन, एक दिन प्रति सेशन
चुनौती: अचानक होने वाला कैंसलेशन

वर्किंग टिप
आम घर का खाना परोसने के बजाय ऐसी डिशेज चुनें जो खासतौर पर आपके कल्चर या क्षेत्र से संबंधित हो, ताकि एक ब्रैंड इमेज बन सके। ट्रडिशनल ड्रेस के साथ यह और बेहतर होगा।

2. स्टॉक फोटो साइट्स के लिए फोटो क्लिक करना
औसत कमाई: नए लोगों के लिए, 2,000 रुपये से 4,000 रुपये प्रति माह
2 साल बाद 35,000 रुपये तक

कैसे करें शुरुआत
चाहें आप शौकिया या एक प्रफेशनल फटॉग्रफर हों, आप स्टॉक फटॉग्रफी साइट्स जैसे Imagesbazaar.com, Shutterstock.com, Gettyimages.com, और Stock.adobe.com जैसी दूसरी वेबसाइट्स पर इन फोटोज को लाइसेंसी बनाकर अच्छी रकम कमा सकते हैं। लेकिन इसमें पेंच है कि तस्वीरें और वेक्टर ग्राफिक्स साइट्स के स्टैंडर्ड्स और क्राइटीरिया पूरी करते हों। ध्यान रहे कि ये क्राइटीरिया और स्टैंडर्ड्स बहुत हाई होते हैं। फोटो कम-से-कम 4 से 12 मेगापिक्सल और JPEG फॉरमेट में होने चाहिए।

हाई स्टैंडर्ड का मतलब यह भी है कि आपकी तस्वीरें शुरुआती तौर पर ही रिजेक्ट हो सकती हैं। शटरस्टॉक के हेड ऑफ ग्लोबल कम्युनिकेशंस के शुभॉन ऑल्डर्स का कहना है, ‘हम रोशनी, फोकस और नॉइज के आधार पर तस्वीरों और विडियोज का रिव्यू करते हैं। इसके अलावा हम लोगो, लेबल और कार्टून और टीवी सीरीज के लोगो, लेबल और कार्टून के लोगो वाले फोटोज को कॉपीराइट इश्यू की भी जांच करते हैं।’

अगर आप प्रफेशनल फटॉग्रफर नहीं हैं तो फोटोशॉप और अडोब लाइटरूम पर फोटो एडिटिंग के बेसिक्स सीख लें। इसके अलावा, आपकी कमाई आपके डाउलोड नंबर पर निर्भर करती हैं, इसलिए लगातार नए फोटो पोस्ट करते रहें।

कमाई की संभावना
हर डाउनलोड के लिए आपको कमीशन मिलेगा। यह कमीशन अलग-अलग साइट्स के लिए अलग-अलग होता है और एक्सक्लूसिव राइट्स के साथ आपकी ज्यादा कीमत मिल सकती है। गेटीइमेजेज का फोटोज के लिए सिलेक्शन स्टैंडर्ड बहुत हाई है, लेकिन हर डाउनलोड के लिए 20 प्रतिशत का कमीशन मिलता है।

अडोब स्टॉक 33 प्रतिशत कमीशन देता है और शटरस्टॉक हर डाउनलोड पर फ्लैट 17 रुपये की फीस पे करता है। दूसरी साइट्स जैसे एलैमी, स्टॉक्सी और शटरपॉइंट 35-80 प्रतिशन कमीशन देती हैं। Imagesbazaar.com जो एक इंडियन स्टॉक फोटो वेबसाइट है, सबसे ज्यादा 50 प्रतिशत कमीशन देती है। इमेजेजबाजार के सीनियर अधिकारी दीपक वर्मा का कहना है, ‘एक तस्वीर के लिए हमारा औसत डाउनलोड प्राइस करीब 4,000-5000 रुपये है।’

वर्किंग टिप

किसी एक वेबसाइट को एक्सक्लूसिव राइट्स देने की जगह हाई ट्रैफिक के साथ 4-5 साइट पर अपलोड करें। विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए अपलोड किए जाने वाले हर फोटो के साथ उचित कीवर्ड डालें।

3. वर्चुअल असिस्टेंस
औसत कमाई: नए लोगों के लिए 250 रुपये प्रति घंटा
2 साल के अनुभव के बाद 800 रुपये प्रति घंटा

कैसे करें शुरुआत
वर्चुअल असिस्टेंट्स दूर बैठकर कंपनियों को ऐडमिनिस्ट्रेटिव सपॉर्ट मुहैया कराते हैं। उनके काम में डेटा एंट्री, प्रॉजेक्ट मैनेज करना, अपॉइंटमेंट्स शेड्यूलिंग, वेबसाइट और ब्लॉग मेंटेन करना, कस्टमर सर्विस प्रोवाइड कराना, डेटा से प्रजेंटेशन क्रिएट करना आदि शामिल रहता है।

एक वर्चुअल असिस्टेंट बनने के लिए आपमें अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, एमएस ऑफिस, एक्सेल, पावरपॉइंट के बेसिक्स होने चाहिए। कई क्लाइंट के साथ डील करने के लिए आपके अंदर मल्टीटास्किंग की क्षमता होनी चाहिए। इस काम के लिए किसी खास क्वॉलिफिकेशन की जरूरत नहीं होती। लेकिन आप मार्केट में क्रेडिबिलिटी के लिए सर्टिफिकेट और ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग ले सकते हैं। काम ढ़ूंढने के लिए लिंक्डइन पर जॉब लिस्टिंग, करियर साइट्स और फ्रीलांसिंग वेबसाइट जैसे UpWork.com और Freelancer.com पर जा सकते हैं। अनुभव बढ़ने के साथ आप अपनी वेबसाइट बना सकते हैं और नेटवर्क एक्सपेंड करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए अपने काम की मार्केटिंग कर सकते हैं।

कमाई की संभावना
आपकी कमाई आपके द्वारा दी जाने वाली सर्विसेज के मुताबिक होगी। साधारण काम जैसे डेटा एंट्री या अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने जैसे काम के लिए आपके 200 रुपये से 350 रुपये प्रति घंटे मिल जाएंगे। अगर आप सोशल मीडिया कैंपेन, ब्लॉग राइटिंग या प्रजेंटेशन बनाने जैसी सर्विसेज देते हैं तो 1,000 रुपये प्रति घंटे तक कमा सकते हैं।

वर्किंग टिप
खुद ये पहचानें कि आप कौन सा काम सर्वोत्तम तरीके से कर सकते हैं। फिर ऐसे क्लाइंट्स ढूंढे जिन्हें इन सर्विसेज की जरूरत हो। बढ़िया काम से आप किसी खास इंडस्ट्री में पहचान बना सकते हैं। अपनी कमाई बढ़ाने के लिए खुद को बेहतर और कुशल बनाते रहें।

4. कॉन्टेन्ट 
औसत इनकम: नए लोगों के लिए 5,000 रुपये से 8000 रुपये महीना
2 साल के अनुभव के बाद 40,000 रुपये प्रति महीना

कैसे करें शुरुआत

कॉन्टेन्ट बिजनस शुरू करने और साइट्स पर ट्रैफिक बढ़ाने के लिए बढ़िया क्वालिटी के वेब कॉन्टेन्ट की जरूरत होती है, जिसके चलते कॉन्टेन्ट राइटर्स की डिमांड बढ़ी है। सबसे अच्छी बात है कि आपको किसी क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं होती। चयनिका डेका ने बायोटेक्नॉलजी में पोस्टग्रेजुएट किया है और वह अभी टेक कंपनियों के लिए प्रमोशनल कॉन्टेन्ट लिख रही हैं। TechSule नाम से ब्लॉग चलाने वालीं 31 साल की चयनिका कहती हैं कि वह एक बायोटेक जूनियर रिसर्च फेलो बन संतुष्ट नहीं थीं, इसलिए मैंने कॉन्टेन्ट राइटिंग की तरफ रूख किया।

कॉन्टेन्ट के लिए आपकी ग्रामर पर मजबूत पकड़ और अलग-अलग टॉपिक्स पर लिखने की क्षमता होनी चाहिए। वेब कॉन्टेन्ट के लिए SEO और HTML की जानकारी अतिरिक्त फायदा देगी। हर प्रॉजेक्ट पर लगने वाला समय इसकी लंबाई और सब्जेक्ट पर निर्भर करता है। 6 साल से यह काम कर रहीं चयनिका हर महीने 30 असाइनमेंट्स तक करती हैं और 40,000 रुपये तक महीना कमा सकती हैं।


तस्वीर में: चयनिका डेका,
 31, गुवाहटी
फ्रीलांस टेक कॉन्टेन्ट राइटर
औसत कमाई: 35,000 रुपये प्रति महीना, 1-2 रुपये प्रति शब्द
क्वालिफिकेशन/ट्रेनिंग: M.Sc इन बायोटेक्नॉलजी, कॉन्टेन्ट राइटिंग के लिए किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती
6 साल से सेल्फ एंप्लॉयड
कामकाजी घंटे: 400 शब्दों की वेब पोस्ट के लिए 2 घंटे
चुनौती: अलग से कोई छुट्टी नहीं

कमाई की संभावना
राइटिंग और प्रूफरीडिंग के काम का भुगतान अधिकतर शब्दों के आधार पर होता है। कभी-कभार यह प्रॉजेक्ट पर निर्भर करता है। प्रमोशनल कॉन्टेन्ट के लिए 1-3 रुपये प्रति शब्द जबकि स्पेशलाइज्ड कॉन्टेन्ट के लिए 8-10 रुपये प्रति शब्द तक मिल जाते हैं। गोस्ट राइटिंग के लिए (जिसमें राइटर क्रेडिट नहीं लेता) 5 रुपये प्रति शब्द तक अतिरिक्त मिल सकते हैं।

ग्लोबल फ्रीलांस प्लैटफॉर्म्स जैसे PeoplePerHour, Upwork, Freelancer और Fiverr भारतीय साइट्स की तुलना में ज्यादा भुगतान करते हं। 2 साल से ज्यादा अनुभव होने पर 1,030-1,300 रुपये प्रति घंटा कमा सकते हैं। प्रॉजेक्ट से होने वाली कुल आय पर ये साइट्स 5-20 प्रतिशत की सर्विस फीस भी लेती हैं।

वर्किंग टिप
ज्यादा काम पाने के लिए सोशल मीडिया पर अपनी विजिबिलिटी बढ़ाएं।

5. ऑनलाइन ट्यूशन
औसत कमाई: नए लोगों के लिए 20,000 रुपये
अनुभवी टीचर्स के लिए 50,000 रुपये प्रति महीना

कैसे करें शुरुआत
हाई-क्वालिटी वेब कैमरे वाला एक कंप्यूटर और किसी खास सब्जेक्ट में कुशलता ही ऑनलाइन टीचिंग की कुंजी है। Vedantu, BharatTutor और Tutor India कुछ ऐसे ऑनलाइन टीचिंग प्लैटफॉर्म्स हैं जो भारतीय अध्यापकों और छात्रों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। दूसरी वेबसाइट्स जैसे Eduwizards.com, Tutorvista.com, Chegg. com, Myschoolpage.com और Amazetutors. com पर आप ब्रिटेन, अमेरिका, यूएस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में रह रहे छात्रों को भी पढ़ा सकते हैं।

इन साइट्स पर अलग-अलग सब्जेक्ट के लिए अडवांस डिग्री की जरूरत भी होती है और तब ये ज्यादा भुगतान करती हैं। यही कारण है कि अप्लाइड फिजिक्स में मास्टर डिग्री और 20 साल से ज्यादा अनुभव रखने वाली सेनगुप्ता के पास ज्यादा विदेशी छात्र हैं। यहां तक कि कॉलेज स्टूडेंट्स या नॉन-टीचिंग प्रफेशनल्स जिनके पास कोई विशेष योग्यता है, वे भी इन साइट्स पर साइन अप कर सकते हैं।

कई टेस्ट, मॉक सेशन और स्क्रीनिंग व अप्रूवल के बाद अधिकतर साइट्स वर्चुअल वाइटबोर्ड और विडियो कॉन्फ्रेंसिंग की ट्रेनिंग भी कराती हैं। हर प्लैटफॉर्म पर 2 घंटे देने होते हैं, इसलिए 3 से ज्यादा साइट्स पर साइनअप न करें।

कमाई की संभावना
कुछ साइट्स छात्रों के साथ सीधे ट्रांजैक्शन की अनुमति देते हैं, जिसका मतलब है कि आप अपने हिसाब से रेट तय कर सकते हैं। वहीं वेदांतु जैसी साइट्स ने एक तय पे स्ट्रक्चर सेट किया हुआ है। वेदांतु के सीईओ और को-फाउंडर वामसी कृष्णा का कहना है, ‘हम फुल-टाइम ट्यूटर्स को हर महीने सैलरी पे करते हैं जबकि पार्ट-टाइम टीचर्स को प्रति लेक्चर के हिसाब से भुगतान किया जाता है।’

अधिकतर प्लैटफॉर्म्स ने 200 रुपये से 2,000 रुपये के बीच घंटे का रेट तय किया हुआ है, लेकिन ये साइट्स 10-15 प्रतिशत प्रति सेशन की सर्विस फीस भी वसूलती हैं। प्रति घंटे मिलने वाली फीस अनुभव, सब्जेक्ट और क्लास लेवल पर आधारित होती है। 5 साल के अनुभव के बाद आप 550 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज कर सकते हैं। विदेशी छात्रों के लिए यह फीस बढ़कर 900 रुपये तक हो जाती है। कॉलेज के कोर्सेज के लिए फीस 250-300 रुपये प्रति सेशन ज्यादा हो जाती है। मैथ, साइंस और कंप्यूटर साइंस की ट्यूशन के लिए सबसे ज्यादा पैसे मिलते हैं।

वर्किंग टिप
टीचिंग वेबसाइट्स पर प्रीमियम पैक अपनाकर अपनी प्रोफाइल की मार्केटिंग करें। ऐसा करने से आपकी प्रोफाइल टॉप पर और ज्यादा छात्रों को दिखेगी।

तस्वीर में: काजल सेनगुप्ता, 63, दिल्ली
ऑनलाइन फिजिक्स ट्यूटर
औसत कमाई: 30,000 रुपये प्रति माह, एक घंटे के लिए कम से कम 500 रुपये
क्वालिफिकेशन/ट्रेनिंग: फिजिक्स में M.Sc, सर्टिफाइड इंटरनैशनल ऑनलाइन टीचर
10 साल से सेल्फ एंप्लॉयड
कामकाजी घंटे: दिन में 3 घंटे, हफ्ते में 6 दिन (दो वेबसाइट्स के लिए)
चुनौती: ऑनलाइन स्टूडेंट्स ढूंढना है मुश्किल

6. ट्रांसलेशन
औसत कमाई: नए लोगों के लिए 10,000 रुपये प्रति महीना
प्रफेशनल्स के लिए 40,000 रुपये प्रति महीना

कैसे करें शुरुआत
इंटरनैशनल कंपनियों को टेक्निकल डॉक्युमेंट्स, वेबसाइट्स, मोबाइल ऐप्लिकेशन्स और ऐकडैमिक पेपर्स के ट्रांसलेशन के लिए प्रफेशनल्स की जरूरत होती है। एक ट्रांसलेटर के तौर पर फ्रीलांसिंग करने के लिए आपको 1 से ज्यादा भाषा पर अपनी पकड़ बनानी होगी। एंप्लॉयर्स बैचलर डिग्री या वर्क एक्सपीरियंस के बारे में पूछ सकते हैं, लेकिन ये दोनों ही न होने पर आप कॉलेजों द्वारा ऑफर किए जाने वाला ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं। आप प्रफेशनल ट्रांसलेटर या फिर नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन के साथ काम शुरू कर सकते हैं।

लैंग्वेज जैसे चाइनीज या जापानीज में अडवांस्ड डिग्री या सर्टिफिकेशन आजकल बहुत डिमांड में है। ऐसी कोई डिग्री होने पर आपकी कमाई बढ़ने की संभावना रहती है। इसके बाद भारतीय भाषाओं जैसे तेलगू, पंजाबी और कन्नड़ में भी अवसर रहते हैं। मल्टीलिंगुअल स्किल्स के लिए दूसरे मौकों में ट्रांसक्राइबिंग, प्रूफरीडिंग, ऑनलाइन टीचिंग और कॉल सेंटर में काम भी शामिल हैं।

कमाई की संभावना
वेब ऐप्लिकेशनंस और प्रूफरीडिंग असाइनमेंट के ट्रांसलेशन्स के लिए 800 रुपये के करीब मिलते हैं और इसमें 6-7 घंटे का समय लग जाता है। बड़े असाइनमेंट्स जैसे लेक्चर्स का ट्रांसलेशन, ऐकडैमिक मैन्युस्क्रिप्टस, वेबसाइट्स, इंटरव्यू को ट्रांसक्राइब करना और सबटाइटल देने जैसे काम के लिए 1,500 रुपये से 2,500 रुपये के बीच पैसे मिल जाते हैं। इन प्रॉजेक्ट्स के लिए 3 दिन तक का समय लग जाता है। अगर आप किसी टेक्निकल फील्ड या क्लाइंट लैंग्वेज में स्पेशलाइजेशन रखते हैं तो आप 3,000 रुपये प्रति घंटे तक चार्ज कर सकते हैं। उदाहरण के लिए पुणे की तबिता मिश्रा एक सिविल इंजीनियर हैं और पिछले 5 साल से एक फ्रीलांस वेबसाइट पर काम कर रही है। वह इंजिनियरिंग लेक्चर्स, रियल एस्टेट और ब्रॉश्चर के ट्रांसलेशन के लिए 2,700 प्रति घंटे के हिसाब से चार्ज करती हैं।

वर्किंग टिप

भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में ट्रांसलेशन की भारी मांग है। अपनी क्षमता साबित करने के लिए इन कैंडिडेट्स को कोई कोर्स भी करने की जरूरत नहीं होती।

7. वेब डिवेलपमेंट
औसत कमाई: 1.68 लाख रुपये प्रति माह

कैसे करें शुरू
कारोबारी और कंपनियां किसी एक प्रॉजेक्ट को पूरा करने के लिए अब फुल-टाइम हायरिंग की जगह फ्रीलांसर कैंडिडेट्स को तरजीह दे रही हैं। ऐसा करके वे कॉस्ट कटिंग कर लेती हैं। वेब डिवेलपर्स और ग्राफिक डिजाइनर्स को बढ़ते मोबाइल ऐप्लिकेशंस के चलते काफी बढ़िया पैसे मिल रहे हैं। बल्कि अगर आप 3 साल के वर्क एक्सपीरियंस के बाद फ्रीलांसिंग में स्विच कर जाते हैं तो फुल-टाइम काम करने से ज्यादा कमाई कर सकते हैं। ऐसा होने से आप हर प्रॉजेक्ट के बाद बेहतर पैकेज के लिए मोलभाव भी कर पाएंगे।

दूसरे फ्रीलांसिंग ऑप्शन जैसे कॉन्टेन्ट राइटिंग से अलग वेब डिवेलपर होने के लिए कंप्यूटर साइस या संबंधित फील्ड में डिग्री होना जरूरी है। अगर आपके पास फॉर्मल डिग्री नहीं है तो आप ऑनलाइन कोर्स शुरू कर सकते हैं। हालांकि, आपकी कमाई उन लोगों से कम होगी जिनके पास पहले से बैचलर डिग्री है। अनुभव बढ़ने के साथ आप अनी सर्विसेज के रेट्स भी बढ़ा पाएंगे।

कमाई की संभावना
एक बड़े प्रॉजेक्ट से आपको 1.5-2 लाख रुपये प्रति महीने तक की कमाई हो सकती है। फ्रीलांस वेबसाइट्स जैसे लिंक्डइन और दूसरी करियर साइट्स पर आपको हजारों ग्राफिक डिजाइनिंग, मोबाइल और वेब डिवेलपमेंट प्रॉजेक्ट मिल जाएंगे। फ्रीलांस वेबसाइट्स पर 3-5 साल अनुभव वाले प्रफेशनलस को 1,000 रुपये 1,700 रुपये प्रति घंटा मिल जाएंगे जबकि 6-9 साल के एक्सपीरियंस के साथ आप 2,000 रुपये से 3,500 रुपये प्रति घंटे तक कमा सकते हैं।

वर्किंग टिप
फ्रटं-एंड (यूजर इंटरफेस डिजाइनिंग) और बैक-एंड (डेटाबेस और सर्वर) डिवेलपमेंट के बारे में सीखें, चाहें भले ही आपने किसी एक में महारत हासिल कर रखी हो। स्पेशलिस्ट्स के बाद फुल स्टैक डिवेलपर्स की मांग सबसे ज्यादा होती है।

8. सोशल मीडिया मैनेजमेंट
औसत कमाई 1.1 लाख रुपये प्रति महीना

कैसे करें शुरुआत
ऑनलाइन ऐडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग में बढ़ती ग्रोथ के चलते ऐसे लोगों की मांग बढ़ रही है जो कारोबारियों की सोशल मीडिया उपस्थित को मैनेज कर सकें। किसी कंपनी के लिए सोशल मीडिया साइट पर कॉन्टेन्ट करने के अलावा सोशल मीडिया मैनेजमेंट में कई दूसरे काम भी शामिल रहते हैं।

सोशल मीडिया मैनेजमेंट में ऑनलाइन मार्केटिंग स्ट्रैटिजी को डिवेलप करना, ऐनालिटकल टूल्स का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर प्रेजेंस को मॉनिटर करना, डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण करके टारगेट ऑडियंस पर रिसर्च करना, सोशल मीडिया कैंपेन और ऐड्स चलाना, ट्रेंड बदलने के लिए मार्केटिंग स्ट्रैटिजी में बदलाव लाना और ब्रैंड बिल्डिंग जैसे काम शामिल हैं। अगर आप किसी समस्या को हल कर सकते हैं, SEO राइटिंग में कुशलता और मार्केटिंग टूल्स में महारत है तो यह जॉब आपके लिए है। अगर आपके पास पहले से कोई एक्सपीरियंस नहीं है, तो बेसिक जानकारी के लिए कई वेबसाइट्स Udemy.com, Lynda.com और Edx.org द्वारा ऑफर किए जा रहे सोशल मीडिया मैनेजमेंट का ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं।

कमाई की संभावना
इस तरह के काम में कमाई या तो फिक्स रहती है या फिर प्रति घंटे के हिसाब से दी जाती है। घंटे की बात करें तो काम और वैल्यू ऐडिशन के हिसाब से आपको 350 रुपये से 2,000 रुपये तक मिल जाते हैं। फिक्स्ड पेमेंट बजट भी आपकी हर घंटे की फीस के हिसाब से तय की जाती है। ध्यान रहे कि फिक्स्ड पेमेंट मॉडल के लिए खूब मोलभाव करें क्योंकि ये प्रॉजेक्ट बहुत ज्यादा समय लेते हैं, और आपके पास किसी और प्रॉजेक्ट के लिए समय नहीं रह जाता।

वर्किंग टिप
सोशल मीडिया की दुनिया लगातार बदल रही है। इसलिए दूसरे प्लैटफॉर्म से कदम से कदम मिलाने के लिए अपनी मार्केटिंग स्किल्स को लगातार बेहतर करते रहें।

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