अपने पुराने सैलरी अकाउंट को इस ​स्थिति में कर दें बन्द नहीं तो होगा नुकसान

सैलरी अकाउंट में सामान्य सेविंग अकाउंट की तुलना में ज्यादा फायदे मिलते हैं। सैलरी अकाउंट में जीरो बैलेंस होने पर पैसे नहीं कटते क्योंकि उसमें न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं पड़ती। अगर आप नौकरी छोडने या बदलने पर सैलरी अकाउंट बंद नहीं करते तो बैंक उस अकाउंट को सेविंग अकाउंट में बदल देता है। इससे सेविंग अकाउंट पर लगने वाला चार्ज और न्यूनतम बैलेंस को बनाए रखने की अनिवार्यता बढ़ जाती है। इसलिए अगर आपको उस अकाउंट की जरूरत नहीं है तो उसे बंद करवाना ही समझदारी होगी।

नई नौकरी के साथ खुलवाएं सैलरी अकाउंट
नई जॉब के साथ कंपनी नया सैलरी अकाउंट खुलवाती है लेकिन अगर पुराने बैंक में ही अकाउंट खुलवा रही है तो अपने मौजूदा बैंक अकाउंट का ही इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपका अकाउंट सैलरी अकाउंट के तौर पर ही जारी रहेगा।

न्यूनतम बैलेंस
सेविंग अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत होती है और ऐसा नहीं करने पर पेनल्टी लगती है। बैंक आपके अकाउंट से पैसे काट देते हैं। अगर आप न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने के मामले में खराब हैं तो बेहतर होगा कि आप उस अकाउंट को बंद कर दें।

ट्रांजेक्शन चार्ज
ज्यादातर कस्टमर बैंक अकाउंट खोलते समय चार्ज की लिस्ट पर ध्यान ही नहीं देते जबकि कुछ सर्विस चार्जेबल होती हैं। सैलेरी अकाउंट में जीरो बैलेंस पर भी पेनल्टी नहीं लगती।

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