पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारी को मिला ईमानदारी का अवॉर्ड

निरंतर टिकट चेकिंग अभियान व आय में हुई बेहतर वृद्धि के लिए सराहा

2018-19 के दौरान ट्रेनों और स्टेशन पर चेकिंग करते हुए 41.55 करोड़ की आय जोकि बीते वर्ष की तुलना में 5.83 फीसदी ज्यादा

तरुणमित्र। हमारी सीधी प्रतिस्पर्धा रोडवेज और एयर वेज से रही, मगर हमारे रेल अधिकारियों व कर्मियों की पूरे टीम वर्क के साथ विज्ञापन के क्षेत्र में की गई मेहनत और निरंतर टिकट चेकिंग अभियान के चलते आज इंडियन रेलवे के सभी रेल मंडलों में हमारे पूर्वोत्तर रेलवे की स्थिति काफी अच्छी है। ये बातें पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में कार्यरत सहायक वाणिज्य प्रबंधक प्रथम एमपी सिंह ने कहीं। उनके नेतृत्व में वर्ष 2018-19 के दौरान ट्रेनों और स्टेशन पर चेकिंग करते हुए 41.55 करोड़ की आय का अर्जन किया गया है जोकि बीते वर्ष की तुलना में 5.83 फीसदी ज्यादा है। इसको ध्यान में रखते हुए इस साल एसीएम प्रथम को रेलवे में कर्मठ व ईमानदार अधिकारी का अवॉर्ड प्रदान किया गया। उन्हें यह अवॉर्ड प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक आलोक सिंह ने प्रदान किया। इसके तहत उन्हें तीन हजार रुपये नगद के साथ योग्यता प्रमाण पत्र दिया।

यह पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए श्री सिंह ने कहा कि रेलवे की आय तभी बढ़ेगी जब खासकर कॉमर्शियल विंग के अधिकारी व रेल कर्मी मिलजुलकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक केवल टिकट चेकिंग पर ही फोकस किया जाता रहा, मगर नये परिवेश में अब रेलवे रोडवेज व हवाई सुविधाओं के तर्ज पर तमाम कंपनियों से रेलवे स्टेशन एरिया, एनाउंसमेंट विंग में एड के लिए आमंत्रित कर रही है ताकि रेल किराये से इतर (नॉन फेयर रेवन्यू) होने वाले आय के श्रोतों पर ध्यान देते हुए आय में उत्तरोत्तर इजाफा किया जा सके और जिसका सदुपयोग रेल व यात्री सुविधाओं के विकास में किया जा सके।

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