सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाकर हाइवे पर बेधड़क बिक रही शराब

— आबकारी विभाग और पुलिस की मिलीभगत से जनपद में फलफूल रहा धंधा
— नेशनल और स्टेट हाइवे पर 500 मीटर की दूरी दुकान हटाये जाने के है निर्देश
शाहजहांपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद जिले में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर हाईवे पर शराब की दुकानें संचालित हो रही है। राजमार्गों और नेशनल हाईवे पर शराब की दुकानों से गंभीर खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सड़क किनारे चल रहीं शराब दुकानें हटाने को लेकर सरकार को गत वर्ष आदेश जारी किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने शराब दुकानों को लेकर सख्ती बरतते हुए इन्हें हटाने की बात कही थी। इसके बाद भी जिले में हाईवे पर शराब दुकानों को लेकर आबकारी विभाग हरकत में नहीं आया है। जिले में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर स्टेट और नेशनल हाईवे पर शराब की दुकानें संचालित की है।
सुप्रीम कोर्ट की माने तो 1 अप्रैल 2017 से नेशनल व राज्य हाइवे से 500 मीटर की दूरी पर शराब की दुकानें संचालित की जा सकती है। अहम बात यह है कि कही कही तो शराब की दुकानों के नजदीक स्कूल भी संचालित हो रहे है। वहीं विभागीय अधिकारियों की मिली भगत के चलते हाईवे व स्टेट हाईवे की सीमा मे शराब के ठेको का प्रचार करने के लिए बड़े बड़े बोर्ड लगाकर शराब की बिक्री की जा रही है। लोग सरकार की रोक के बावजूद देर रात्री तक अवैध रूप से चलने वाले शराब के ठेको पर हो रही बिक्री के बारे मे आबकारी विभाग के अधिकारियों को चेताते भी रहे है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों ने बताया कि महज लखनऊ-पलिया हाइवे के किनारे मिश्रीपुर से लेकर चक परमाली तक लगभग आधा दर्जन शराब की दुकानें संचालित हो रही है। यह दुकानें देर रात्रि तक खुली रहती है। अहम बात यह है कि पुलिस रात के समय ठेका के सामने होकर गश्त भी करती है। लेकिन सांठगांठ के चलते पुलिस ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर उन्हें टोकती तक नहीं है। देर रात 12 बजे तक शराब की दुकान खुली रहने के कारण सांय ढलते ही सड़क मार्ग पर शराबियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है।
“पांचों दुकानों को नोटिस दे दिया गया है, 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद कार्यवाही की जायेगी।”
सी.पी. सिंह आबकारी इंस्पेक्टर

=>