हमने निभाई जिम्मेदारी, अब आपकी बारी!

जेठ की तपती दुपहरी और गर्म हवायें भी जन-जन को अपने मताधिकार का प्रयोग करने से नहीं डिगा सकीं

तरुणमित्र। लोकतंत्र के महापर्व के आखिरी चरण के चुनाव में प्रदेश की 13 सीटों पर वोटिंग अपने तय समय पर रविवार को शुरू हुई। पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी और पक्ष-विपक्ष के कई केंद्रीय मंत्रियों व कद्दावर नेताओं को अपने मतदान की कसौटी पर कसते हुए जन-जन ने वोटिंग की। मतदान को लेकर लोगों के बीच इस कदर उत्साह का माहौल दिखा कि जेठ की तपती दुपहरी और गर्म हवायें भी इन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने से नहीं डिगा सकीं। सशक्त लोकतंत्र के प्रति मतदाताओं के इसी उमंग, चुनावी ड्यूटी की सुरक्षा, संरक्षा व व्यवस्था में लगे केंद्रीय अर्ध सैनिक बल व सरकारी कर्मचारी व अधिकारियों के अलग-अलग भाव विहंगमाओं को तरुणमित्र की पूरी टीम ने अपने कैमरे में कैद किया।

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खत्म हुआ चुनाव का आखिरी फेज, एग्जिट पोल का काउंट डाउन शुरू

कौन बनायेगा सरकार…किसकी इंट्री, कौन बाहर!
लखनऊ। 17वीं लोकसभा चुनाव के तहत जैसे ही रविवार शाम होते-होते आखिरी चरण के चुनाव का दौर अपने समापन की ओर बढ़ा, तो उसके साथ-साथ ही एग्जिट पोल का काउंट डाउन भी शुरू हो गया। खासकर सोशल मीडिया पर विभिन्न माध्यमों के जरिये 2019 लोकसभा चुनाव के संभावित परिणामों का लेखा-जोखा दिखने लगा।

किसकी बनेगी सरकार, कौन सा राजनीतिक दल सबसे बड़े पार्टी के तौर पर उभरेगा, पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी या त्रिशंकु लोकसभा का गठन होगा, इस चुनाव के बाद मतदाताओं ने अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए किसे बाहर करने का काम किया तो अबकी बार किसके राजनीतिक इंट्री पर अपनी सहमति की मुहर लगायी…चुनावी नतीजे से जुडेÞ ये तमाम सवाल और तर्क-वितर्क को लेकर पार्टियों व उम्मीदवारों के बीच चर्चाओं का माहौल गरमा गया। हालांकि लोकसभा चुनाव के फुल और फाइनल रिजल्ट आगामी 23 मई को आयेंगे, मगर चुनावी माहौल के बीच दिखे रुझानों के आधार पर एग्जिट पोल में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों को ऊपर-नीचे के क्रम में स्थान दिया गया। एग्जिट पोल में किसी के आंकड़े यही दर्शा रहें कि सत्ता पक्ष ही दोबारा सत्ता में आ सकती है तो कहींं यह दिख रहा है कि सत्ता परिवर्तन होगा।

फिलहाल, एग्जिट पोल के आंकड़े कुछ ही कहें…लेकिन हकीकत यही है कि लोकतंत्र के सबसे बडेÞ महापर्व के मौके पर लोगों ने पूरे उत्साह व उमंग के साथ अपने-अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ऐसे में आखिरी फेज के चुनाव के समापन के साथ ही वोटरों ने सभी छोटे-बडेÞ दलों व प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला ईवीएम बटन दबाने के साथ ही कर दिया है।

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