उत्तर प्रदेश

हरदोई- इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल सांइसेज में हरदोई के दिव्यांशु सिंह ने प्रथम रैंक पाकर जिले का नाम किया रोशन

हरदोई।आयुर्वेद प्राचीन इलाज की पद्धति है। इसे बढ़ाने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। इलाज की गुणवत्ता में सुधार के लिए कॉलेजों की दशा में सुधार की जरूरत है और अधिक शोध होने चाहिए। यह बातें अपर मुख्य सचिव कुमार अरविंद सिंह देव ने कही।पर्यटन भवन स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ आयुष मेडिकल सांइसेज के पहले स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव कुमार अरविंद सिंह देव ने कहा कि आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है। पंचकर्म आम लोगों की पहुंच में आए, इस दिशा में भी कदम उठाने की जरूरत है। यूपी आयुष का हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में इसकी वैज्ञानिकता को और पुख्ता करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। अधिक से अधिक शोध हों। ताकि मरीजों की अपेक्षाओं पर पद्धति खरा उतर सके। इसके अलावा छात्रों को बीएएमएस में मॉर्डन मेडिसिन की जानकारी भी दी जाए। कानुपर होम्योपैथिक कॉलेज के शिक्षक डॉ. आरसी यादव ने कहा कि सरकार का आयुष चिकित्सा पद्धति पर खास ध्यान है। आयुष आपके द्वार जैसी योजनाएं चालू की। इससे पद्धति की लोकप्रियता बढ़ी है। उन्होंने सरकार से आयुष को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से जोड़ने की मांग की। साथ ही योजना के संचालन के लिए बजट भी मांगा है। ताकि गरीब मरीजों को योजना के तहत बेहतर इलाज मुहैया कराया जा सके। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रमोद मालवीय ने कहा कि अच्छे डॉक्टर तैयार करने के लिए पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है।

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