धर्म - अध्यात्म

हनुमानजी को क्या चढ़ाने से मिलता है कौन सा लाभ

पान का बीड़ा

आपने सुनी होगी एक प्रचलित लोकोक्ति बीड़ा उठाना। इसका अर्थ होता है कोई महत्वपूर्ण या जोखिम भरा काम करने का उत्तरदायी अपने ऊपर लेना। यदि आपके जीवन में कोई घोर संकट है या ऐसा काम है जिसे करना आपके बस का नहीं है, तो आप अपनी जिम्मेदारी हनुमानजी को सौंप दें। इसके लिए आप मंगलवार के दिन किसी मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद उन्हें पान का बीड़ा अॢपत करें। रसीला बनारसी पान चढ़ाकर मांग लीजिए मनचाहा वरदान।

लौंग, इलाइची और सुपारी

हनुमानजी को लौंग, इलाइची और सुपारी भी पसंद है। शनिवार के दिन लौंग, सुपारी और इलायची चढ़ाने से शनि का कष्ट दूर हो जाता है। कच्ची घानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें, संकट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।

नारियल

गरीबी से मुक्ति के लिए एक नारियल पर ङ्क्षसदूर लगाएं और मौली यानी लाल धागा बांधे। इसके बाद ये नारियल हनुमानजी को चढ़ाएं। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार को करें। यदि इसी नारियल को लाल कपड़े में राईं के साथ लपेटकर घर के दरवाजे पर बांध दिया तो घर में किसी भी प्रकार की अला-बला नहीं आती है, जादू-मंतर या तंत्र का असर नहीं होता है और किसी की नजर भी नहीं लगती है।

गुड़-चने का प्रसाद
हनुमानजी को गुड़ और चने का प्रसाद तो अक्सर चढ़ाया ही जाता है। यह मंगल का उपाय भी है। इससे मंगलदोष मिटता है। यदि आप कुछ भी चढ़ाने की क्षमता नहीं रखते या किसी और कारण से चढ़ा नहीं पाते हैं तो सिर्फ गुड़ और चना ही चढ़ाकर हनुमानजी को प्रसन्न कर सकते हैं। हर मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। इससे आपकी सभी परेशानी दूर हो जाएगी। हालांकि आजकर गुड़ की जगह चिरोंची ज्यादा मिलती है लेकिन चने के साथ गुड़ का ही संयोग होता है।

इमरती
इमरती का भोग लगाने से संकटमोचन अत्यंत प्रसन्न होते हैं। आपकी जो भी मनोकामना हैं वह पूर्ण हो जाएगी। बस मंगलवार के दिन हनुमानजी को इमरती चढ़ा आएं।

लड्डू

हनुमानजी को तीन तरह के लड्डू पसंद है। एक केसरिया बूंदी लड्डू, दूसरा बेसन के लड्डू और तीसरा मलाई-मिश्री के लड्डू। इसमें बेसन के लड्डू उन्हें खास पसंद हैं। लड्डू चढ़ाने से हनुमानजी भक्तों को दे देते हैं मनचाहा वरदान और उसकी मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। लड्डू चढ़ाने से पापी ग्रह भी काबू में रहते हैं।

केसर-भात
उज्जैन में मंगलनाथ पर केसर-भात से मंगल की शांति होती है। हनुमानजी को भी केसर भात का भोग लगाया जाता है। इससे हनुमानजी बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं। कोई व्यक्ति 5 मंगलवार हनुमानजी को यह नैवेद्य लगाता है, तो उसके हर तरह के संकटों का समाधान होता है।

मालपुआ और हलुआ

हनुमानजी जयंती के दिन चोला चढ़ाने के बाद मालपुआ का भोग लगाएं और खुद खाएं भी। धीरे-धीरे जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है। मालपुआ आप दूसरों को खिला भी सकते हैं। हनुमानजी को हलुआ, पंच मेवा, गुड़-चना, गुड़ के लड्डू, डंठल वाला पान, इमरती और केसर-भात बहुत पसंद हैं। कोई व्यक्ति 5 मंगलवार हनुमानजी को यह नैवेद्य लगाता है, तो उसके हर तरह के संकटों का समाधान होता है।

पंच मेवा
काजू, बादाम, किशमिश, छुआरा, खोपरागिट पंचमेवा के नाम से जाने जाते हैं। इसका भी हनुमानजी को भोग लगता है।

आटे का दीपक

यदि आप कर्ज में डूबे हैं तो आटे के बने दीपक में चमेली का तेल डालकर उसे बढ़ के पत्ते पर रखकर जलाएं। ऐसे पांच पत्तों पर पांच दीपक रखें और उसे ले जाकर हनुमानजी के मंदिर में रख दें। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार को करें। शनिवार को हनुमान मंदिर में जाकर हनुमानजी को आटे के दीपक लगाने से शनि की बाधा भी दूर हो जाती है।

सिन्दूर

मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को घी के साथ सिन्दूर अॢपत करने से स्वयं श्रीराम भी कृपा कृपा प्राप्त होती है और उसके बिगड़े काम बन जाते हैं। मंगलवार के दिन व्रत रखकर  सदूर से हनुमानजी की पूजा करने एवं हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगली दोष शांत होता है। कहते हैं कि ङ्क्षसदूर के साथ चमेली का तेल भी चढ़ाना चाहिए। ङ्क्षसदूर चढ़ाने ने से एकाग्रता में वृद्धि होती है और दृष्टि भी बढ़ती है। इससे सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है। जो व्यक्ति शनिवार को हनुमानजी को ङ्क्षसदूर अॢपत करता है उसकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।

चमेली का तेल और फूल
चमेली का तेल हनुमानजी को चढ़ाने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं। प्रत्येक मंगलवार चमेली के तेल का दीपक जलाकर चमेली का तेल और फूल चढ़ाने से हनुमानजी की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। भूत-प्रेत का साया नहीं रहता और किया कराया भी मिट जाता है। आप हनुमानजी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर दुश्मनों से छुटकारा पा सकते हैं। कहते हैं कि चमेली के तेल के साथ ङ्क्षसदूर भी चढ़ाना चाहिए। यदि आप बीमार हैं या घर का कोई सदस्य ? बीमार है तो प्रतिदिन हनुमानजी के समक्ष तीन कोनों वाला दीपक जलाएं। दीपक में चमेली का तेल हो और हनुमान बाहुक का पाठ करें।

पांच बत्तियों वाले दिए में चमेली का तेल डालकर हनुमानजी की मूॢत के सामने जलाएं और साज्यं च वॢतसं युक्त वह्निना योजितं मया। दीपं गृहन्तु देवेशास्त्रैलौक्यतिमिरापहम् मंत्र का जाप करें। इससे भरपूर लाभ मिलेगा। हनुमानजी के सम्मुख शनिवार रात्रि में चैमुखा दीपक जलाएं। यह उपाय नियमित रूप से करने पर आपके घर-परिवार की सभी परेशानियां समाप्त होंगी।

ध्वज
हनुमानजी को यूं तो लाल या केसरिया ध्वज या झंडा चढ़ाया जाता है किसी कार्य में सफलता प्राप्ति हेतु या युद्ध में विजयी हेतु। हालांकि झंडा चढ़ा वाले का मान सम्मान बढ़ता जाता है और उसे हर कार्य में तरक्की मिलती है। यह झंडा त्रिकोणीय होना चाहिए और उस पर राम लिखा होना चाहिए। इससे हर तरह की संपत्ति संबंधी समस्याओं भी दूर होती है। हनुमान मंदिर में ध्वजा दान करने पर सर्व कामना पूर्ण होती है।

तुलसी की माला

हनुमाजी को तुलसी की माला चढ़ाई जाती है। इससे तुरंत ही संकट मिट जाते हैं और समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं। मंगलवार के दिन हनुमान को तुलसी की माला चढ़ाने से व्यक्ति को धन लाभ की प्राप्ति होती है। तुलसी खाते रहने से किसी भी प्रकार का कैंसर नहीं होता है और इससे प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसमें एक ऐसा पदार्थ होता है तो स$फेद दाग नहीं होने देता है।

राम नाम
हनुमान जी को राम का नाम बहुत प्रिय है। भगवान श्रीराम की पूजा करने से हनुमानजी बहुत प्रसन्न होते हैं। पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और भसदूर से राम नाम लिखें और इसे हनुमानजी को चढ़ाएं। यह कार्य करने से सभी तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। यह भी कर सकते हैं- पीपल के 11 पत्तों पर चंदन या कुमकुम से श्रीराम का नाम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर हनुमानजी को चढ़ाएं।

जनेऊ

हनुमानजी अपने कंधे पर जनेऊ धारण करते है। दुर्भाग्य से मुक्ति हेतु हनुमानजी को मंगलवार को जनेऊ चढ़ाई जाती है। जनेऊ को यज्ञोपवीत भी कहते हैं।

पीले रंग के फूल
हनुमान जी को लाल, गुलाबी और पीले रंग के फूल अॢपत करने से आपको लाभ प्राप्त होगा। हनुमान जयंती से ही ऐसा करना प्रारंभ करें। मंगलवार को हनुमानजी को लाल या पीले फूल जैसे कमल, गुलाब, गेंदा या सूर्यमुखी चढ़ाने से सारे वैभव व सुख प्राप्त होते हैं।

लाल चंदन में केसर
हनुमानजी को लाल चंदन में केसर मिलाकर चढ़ाएं या उनकी मूॢत पर इसे लगा दें। ऐसा कम से कम 11 मंगलवार को करें और इस दौरान घर में हनुमान चालीसा का पाठ करते रहें। इससे गृह कलेश दूर हो जएगा और घर में हमेशा शांति बनी रहेगी। लाल चंदन घिसा हुआ हुआ चाहिए। बाजार से लाया हुआ नहीं।

लाल लंगोट
ङ्क्षसदूर और चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान जी को लाल लंगोट अॢपत करें। कहते हैं कि यह उपाय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता देता है।

चोला चढ़ाएं

हनुमानजी को चोला चढ़ाने में उपरोक्त सभी सामग्री शामिल हो जाती है। प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ते हुए कम से कम तीन माह में एक बार चोला चढ़ाते रहने से व्यक्ति के जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आता है। संकट है तो मिट जाता है। जो व्यक्ति चोला चढ़ता रहता है उसके जीवन में भूत-पिशाच, शनि और ग्रह बाधा, रोग और शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना, कर्ज, तनाव या भचता जैसे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं रहती है।

रोट या रोठ
ऐसी मान्यता है कि अगर हनुमानजी को मंगलवार के दिन रोट या मीठा रोटी का भोग लगाया जाता है तो मनवांछित फल मिलता है। गेहूं के आटे में गुड़, इलायची, नारियल का बूरा, घी, दूध आदि मिलाकर रोट बनाया जाता है। कुछ जगह इसे सेंक कर रोटी जैसा बनागर भोग लगाते हैं और कुछ जगह इसे पूरियों की तरह तलकर इसका भोग लगाते हैं। यह रोट हनुमानजी को बहुत प्रिय है।

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