किलकारी अस्पताल के डाक्टर की गुण्डई, डाक्टर और स्टाफ ने मरीज के परिजनो को पीटा

परिजनो ने दी कोतवाली मे तहरीर, अब तक नही हुई कोई कार्यवाही
कोतवाली पुलिस मामले को मैनेज करने मे जुटी
मरीजों के परिजनो से मारपीट करने के लिए चर्चित है किलकारी अस्पताल

अभय मिश्र

कुशीनगर । मरीजों और उनके परिजनो के साथ दुव्यवहार व मारपीट की घटना को लेकर हमेशा चर्चा मे रहने वाला नगर का किलकारी अस्तपताल एक बार फिर चर्चा मे है। चर्चा-ए- सरेआम है कि अस्पताल के डाक्टर अपने स्टाफ के साथ मिलकर हास्पीटल मे भर्ती मरीज के परिजनो को पीटकर बाहर खदेड दिया। आरोप यह भी है कि अपनी हद पारकर डाक्टर कमलेश वर्मा ने मरीज की मा को थप्पड़ मारा और वह जमीन पर गिर गई जिससे उसके कपड़े अस्त-व्यस्त हो गये। महिला ने डाक्टर के खिलाफ कोतवाली मे तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है और मीडया के सामने कैमरे पर आपबीती सुनाई। कहना न होगा कि किलकारी अस्पताल का यह कारनामा तो महज एक बानगी है डा०वर्मा के ऐसे तमाम किस्से है जो न सिर्फ डाक्टरी पेशे को शर्मसार करती है बल्कि इनकी गुण्डई को भी उजागर करता है। इतना ही नही चर्चाओ के बाजार मे इस बात की चर्चा भी खूब है कि अस्पताल के संचालक, मरीज व उनके परिवारजनों से निपटने के लिए अपने हास्पीटल मे स्टाफ के रुप मे गुण्डे पाल रखे है जो भर्ती मरीजों के परिजनो से किसी न किसी बहाने पहले उलझते है फिर उनसे तमाम तरह के चार्ज वसूलकर बाहर निकाल देते है।
घटना बीते शनिवार के नगर के रामकोला रोड स्थित किलकारी बाल चिकित्सालय की है जहा गुरुवार को खड्डा निवासी राजेश्वर शर्मा अपनी पत्नी संध्या शर्मा के साथ अपनी बीमार दस वर्षीय बेटी कनिष्का को दिखाने के लिए डा० कमलेश वर्मा के पास पहुचे थे। परिजनो की माने तो 20 मई गुरुवार को बेटी कनिष्का के पेट मे एकाएक दर्द शुरु हो गया। आनन-फानन मे मा-बाप अपनी बेटी को पडरौना स्थित किलकारी अस्पताल लेकर पहुचे जहां डाक्टर कमलेश वर्मा ने बच्ची को देखने के बाद अपने नर्सिगहोम मे भर्ती करने की बात कही। डाक्टर वर्मा के सुझाव पर राजेश्वर शर्मा ने अपनी बेटी कनिष्का को उसी दिन डाक्टर वर्मा की देखरेख मे किलकारी अस्पताल मे भर्ती कर दिया।

परिजनो का आरोप
कलेक्ट्रेट पहुची बेटी कनिष्का की माॅ संध्या शर्मा मीडया से मुखातिब होकर आप बीती सुनाई। संध्या का कहना है कि 20 मई को उनकी दस वर्षीय बेटी कनिष्का के पेट मे एकाएक दर्द शुरु हो गया। आनन- फानन मे वह अपने पति राजेश्वर शर्मा के साथ बेटी को लेकर पडरौना नगर के रामकोला रोड स्थित किलकारी अस्पताल पहुची। श्रीमती शर्मा ने बताया कि डाक्टर कमलेश वर्मा ने उनकी बेटी को देखने के बाद भर्ती करने के लिए कहा। डा० वर्मा के कहने पर बेटी को भर्ती कर दिया और इलाज शुरु हो गया। 21 मई को रात मे किसी मरीज के परिजन से स्टाफ के किसी आदमी से कहा- सुनी हुई और स्टाफ के लोगों ने उसे मार-पीट कर बाहर निकाल दिया। तभी संध्या के पति राजेश्वर शर्मा ने कहा कि दुसरे दिन 22 मई को सुबह ही अस्पताल के स्टाफ भर्ती मरीजों के परिवारजनों को बाहर निकालने लगे । राजेश्वर शर्मा ने आगे बताया कि वह स्टाफ के लोगों से कहे कि हम लोगों को मरीज के पास ही रहने दे मरीज को कब क्या जरूरत पड जाए। इस पर अस्पताल का एक व्यक्ति गाली-गलौज करते हुए धक्का देने लगा जिसका हमने विरोध किया तो अस्पताल के दो-तीन अन्य स्टाफ भी वहा पहुच गया और हमको पीटते हुए बाहर खदेडने लगे। आप बीती सुनाते हए राजेश्वर का गला भर आया वह अपनी पीडा सुना रहा था लेकिन गला भर जाने के कारण जुबान साथ नही दे रही थी तभी पत्नी संध्या आगे बताती है कि पति को पीटते हुए देख हमने विरोध किया, इसी दौरान डा० कमलेश वर्मा अपने कक्ष से बाहर निकले और गाली देते हुए अपने स्टाफ से मारने के लिए बोला। पीडिता संध्या ने बताया कि डा० वर्मा अपने स्टाफ से पूछे यह कौन है? और फिर मारो सा…..@…ली … को कहते हुए एक थप्पड़ हमको भी मारे और हम जमीन पर गिर गए । संध्या रोते हुए कहती है कि जमीन पर गिरने के बाद उनका कपडा अस्त- व्यस्त हो गया। इस दौरान वह लोग गाली देते रहे और वह पति और बेटी के साथ कोतवाली पहुची और डा० वर्मा के खिलाफ तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। किन्तु अब तक कोई कार्रवाई नही हुई है।

सीसी टीवी कैमरा बंया कर देगी सच्चाई
पीडित राजेश्वर शर्मा का कहना है कि अस्पताल मे चारो तरफ कैमरा लगा है, पूरी गतिविधियों को डा० वर्मा अपने कक्ष मे बैठकर देखते है। घटना 22 मई दिन के तकरीबन 11 बजे का है । 11 से 12 के बीच के समय का फुटेज देखा जाए तो दूध का दूध, पानी का पानी साफ हो जायेगा। लेकिन सूत्रो का कहना है कि जब भी कोई बवाल होता है तो डा० वर्मा अपने कक्ष से बाहर निकलते समय कैमरा आफ कर दैते है और ललकारते हुए अपने स्टाफ सं कहते है मारो साले….को।

पहले भी हो चुकी है मारपीट की कई घटनाए
नगर के रामकोला रोड स्थित किलकारी बाल चिकित्सालय अक्सर चर्चा मे रहता है वह इस लिए नही कि यहा बेहतर चिकित्सकीय सुबिधा व सर्वश्रेष्ठ इलाज होता है बल्कि चर्चा मे रहने का कारण यह है कि अस्पताल के डाक्टर व यहा तैनात स्टाफ आया दिन मरीजों व उनके परिजनो से बदसलूकी कर मारपीट करते है। बताया जाता है कि यह आया दनु हुए बवाल के कई मामला कोतवाली मे गए है लेकिन डाक्टर कमलेश वर्मा कोतवाली पुलिस को मैनेज कर मामला को रफा- दफा करा देते है।

स्टाफ की गुण्डई
मरीजों के परिजनो का आरोप है कि डा० वर्मा अपने अस्पताल पर स्टाफ के रूप मे गुण्डे तैनात कर रखे है, जो मरीजों से पहले बदसुलूकी करते है और इस दरम्यान अगर कोई डाक्टर से उनके स्टाफ की शिकायत करता है तो डा० वर्मा उल्टे ही परिजनो से भीड जाते और फिर उन्हें मारपीट कर खदेड दिया जाता है।

=>