खतरनाक बीमारी के तेजी से फैलने का कारण पता लगाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने डब्ल्यूएचओ की टीम को यहां बुलाया था। जांच के बाद टीम का कहना है कि अभी तक 324 मरीजों का इलाज शुरू ही नहीं हुआ है और कुछ को तो किसी भी तरह की स्वास्थ्य सहायता नहीं दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार इलाज के लिए जरूरी दवाओं की आपूर्ति करना अब भी पाकिस्तान सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण है। इस वक्त संक्रमित बच्चों में से 240 के इलाज के लिए ही दवाएं उपलब्ध हैं। 15 जुलाई तक ये दवाएं भी खत्म हो जाएंगी।

जानबूझकर यह संक्रमण फैलाने के लिए इलाके के मुजफ्फर घांगरो नामक डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया था। संयुक्त जांच टीम का कहना है कि डॉक्टर ने जानबूझकर यह नहीं किया, लेकिन इस मामले में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।