पीएम इमरान खान ने पाकिस्तानी जनता से की भावुक अपील, मांगा साथ

कराची। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सभी पाकिस्तानियों को सोमवार तक अपनी संपत्ति घोषित करने की अपील की है. पाकिस्तान सरकार मंगलवार को अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश करने जा रही है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, “मैं आप सबसे ‘एसेट डेक्लेयरेशन स्कीम’ में हिस्सा लेने की अपील करता हूं क्योंकि अगर हम टैक्स नहीं चुकाते हैं तो हम अपने देश को आगे ले जाने में कामयाब नहीं होंगे.”

प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा, हम अगर अपने देश को महान बनाना चाहते हैं तो हमें इसके लिए खुद को बदलना होगा. बता दें कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी 6 अरब डॉलर का पैकेज लिया है और इसके लिए संस्था ने टैक्स का कड़ा लक्ष्य पाकिस्तान के सामने रखा है. यही वजह है कि इमरान खान टैक्स कलेक्शन बढ़ाने की हरसंभव कोशिशें करते दिख रहे हैं.

प्रीमियर ने कहा, लोगों के पास बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट और बेनामी धन को घोषित करने के लिए 30 जून तक का वक्त है. 30 जून के बाद आपको फिर ऐसा मौका नहीं मिलेगा. एक बात याद रखिएगा कि हमारी सरकार के पास वो जानकारी है जो पहले किसी सरकार के पास नहीं थी.

उन्होंने आगे कहा कि विदेशों की सरकारों के साथ उन्होंने समझौता किया है और उन्हें पाकिस्तानियों के बैंक अकाउंट और संपत्ति के बारे में जरूरी जानकारियां मिल रही हैं.

पाकिस्तानी पीएम ने कहा, “हमारी एजेंसियों के पास बेनामी अकाउंट और बेनामी संपत्ति के बारे में सूचना है. ये हमारे पास पहले ऐसी जानकारी नहीं थी इसलिए स्कीम का लाभ उठाइए और पाकिस्तान को भी फायदा पहुंचाइए. अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करिए. हमें एक मौका दीजिए कि हम देश को उसके पैरों पर खड़ा कर सकें और लोगों को गरीबी से बाहर निकाल सकें.”

राष्ट्र के नाम संबोधन की शुरुआत में इमरान ने कहा, मेरे पाकिस्तानियों, पिछले 10 सालों में पाकिस्तान का कर्ज 6,000 अरब रुपए से बढ़कर 30,000 अरब रुपए हो गया है.

उन्होंने कहा, इसने देश को जो नुकसान पहुंचाया है, वो यह है कि सालाना जो करीब 4,000 अरब रुपए का टैक्स जमा होता है, उसका आधा हिस्सा कर्ज के भुगतान में खर्च हो जाता है. बची हुई धनराशि से यह देश अपने खर्च कभी पूरे नहीं कर सकता है.

इमरान ने कहा, पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो दुर्भाग्य से दुनिया का सबसे कम टैक्स देने वाला देश है लेकिन यही देश उन चुनिंदा देशों में से एक है जो खुलकर चैरिटी करते हैं. इस देश की यही क्षमता है और अगर इसके अंदर जोश आ जाए तो हम हर साल कम से कम 10,000 अरब रुपए इकठ्ठा कर सकते हैं. खान ने कर चुकाने को दैवीय कर्तव्य बताते हुए कहा कि भगवान भी उनकी मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं.

मई महीने में पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ ने पहली टैक्स एमनेस्टी स्कीम की घोषणा की थी- एसेट डिक्लेयरेशन स्कीम. इस स्कीम के तहत अघोषित संपत्ति, पूंजी का खुलासा करके न्यूनतम कर चुकाने के बाद काले धन को सफेद किया जा सकता है.

पाकिस्तान सालों से अपना कर राजस्व बढ़ाने की चुनौती से जूझ रहा है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि 2017-18 में टैक्स फाइल करने वालों की संख्या 19 लाख थी जबकि इनमें से केवल 12-14 लाख करदाता थे. पाकिस्तान में 4 लाख तक की वार्षिक आय वालों को कर के दायरे में रखा गया है.

IMF का भी पूरा जोर पाकिस्तान के टैक्स कलेक्शन पर है. पाकिस्तान सरकार पर 600 से 700 अरब रुपए का अतिरिक्त राजस्व जुटाने की गंभीर चुनौती है.

इमरान खान की सरकार मंगलवार को पेश होने वाले बजट में सैन्य खर्च को सीमित रखेगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार करदाताओं पर टैक्स का बोझ बढ़ाने वाली है.

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