अब प्राइवेट कंपनियों भी बेच पाएंगी को सब्सिडी वाली LPG गैस

नई दिल्ली: सरकार अब प्राइवेट कंपनियों को भी सब्सिडी वाली LPG गैस बेचने का ठेका दे सकती है। ईटी के मुताबिक इस बात पर विचार के लिए सरकार ने एक एक्सपर्ट पैनल बनाया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी मांग लंबे समय से कर रही है। अभी तक सिर्फ सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां HPCL, BPCL और इंडियन ऑयल ही सब्सिडी वाली LPG बेच रही थी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी जामनगर में चलाती है। इसमें बड़ी मात्रा में LPG निकलती है। कंपनी कई सालों से प्राइवेट कंपनियों को सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर बेचने की मंजूरी के लिए प्रयास कर रही थी।

सरकारी तेल कंपनियां गैस सिलेंडर ग्राहकों को बाजार के दाम पर बेचती है हालांकि बाद में सब्सिडी की रकम उनके बैंक अकाउंट में आज जाती है। पेट्रोलियम मंत्रालय के पैनल इकोनॉमिस्ट किरीट पारीख, पूर्व पेट्रोलियम सेक्रेटरी जीसी चतुर्वेदी, इंडियन ऑयल के पूर्व चेयरमैन एम ए पठान, आईआईएम अहदाबाद के डायरेक्टर एरोल डीसूजा और पेट्रोलियम मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी शामिल होंगे।

इसी पैनल ने हाल में पेट्रोल पंप सेट करने के लिए नियमों में ढील का सुझाव दिया था। ये पैनल देश में प्राइवेट सेक्टर को एलपीजी की मार्केटिंग की मंजूरी पर भी विचार कर सकता है। रिलायंस कई राज्यों में 10 लाख से ज्यादा कुकिंग गैस ग्राहक है। पूरे देश में 2.65 करोड़ एलपीजी ग्राहक है।

सरकार की उज्वला योजना के कारण कुकिंग गैस सिलेंडर की मांग में बढ़ोतरी हुई है। अभी 2 करोड़ ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलती है। भारत सालाना 2.49 करोड़ टन एलपीजी की खपत करता है। विश्व में इस मामले में भारत का दूसरा स्थान है।

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