जेल में सजा काट रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के आवास पर सीबीआई का छापा

अमेठी। उत्तर प्रदेश में सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति के घर पर सीबीआई का छापा छापे के दौरान मीडिया कर्मी सहित अन्य लोगों को दूर रखा गया है साथी इस पूरे मामले पर सीबीआई का कोई भी अधिकारी कर्मचारी बात करने को तैयार नहीं।

बुधवार की सुबह 7:00 बजे से सीबीआई गायत्री प्रसाद प्रजापति के आवास विकास स्थित दोनों आवासों को अपने कब्जे में लेकर सघन जांच किया दोनों आवास  पर जांच के उपरांत के 12:20 आवास विकास में स्थित कार्यालय पर भी छापेमारी की कार्रवाई अभी चल रही है। कार्यालय के साथ कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए बने आवासों की सघन तलाशी ली। आपको बता दें कि रेप केस में जेल में बंद है पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति व उनके 4 साथीजेल में है उन से संबंधित बाईस ठिकानों पर लगातार छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है खनन के आरोप की जांच सीबीआई कर रही है।

गायत्री प्रजापति अखिलेश यादव की सपा सरकार में खनन मंत्री रहे हैं. उन पर अवैध खनन के कई बार आरोप लग चुके हैं. वे एक महिला से साथ गैंगरेप के भी आरोपी हैं. इस मामले में वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए गए थे, लेकिन कोर्ट उनकी याचिका खारिज कर चुका है.

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भी जांच हो सकती है. वे 2012 से 2017 के मुख्यमंत्री थे. अवैध खनन का मामला 2012-2016 के बीच सामने आया था. सीबीआई सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि 2012-2016 के बीच यूपी सरकार की ओर से जारी 22 टेंडर की जांच की जा रही है. इनमें 14 टेंडर ऐसे हैं जो अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल 2012-13 के बीच के हैं. सूत्रों के मुताबिक 22 मामलों में 14 मामले ऐसे हैं जो अखिलेश यादव के खनन मंत्री रहने के दौरान हुए जबकि बाकी मामले गायत्री प्रजापति के समय की हैं जब वे भी खनन मंत्री थे.

इससे पहले जनवरी में भी सीबीआई ने यूपी के कई स्थानों पर छापेमारी की थी. इसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला का नाम भी शामिल था जिनके घर पर छापेमारी हुई थी. चंद्रकला बिजनौर, बुलंदशहर और मेरठ की कलेक्टर रह चुकी हैं. अखिलेश यादव सरकार में चंद्रकला अवैध खनन मामले को लेकर प्रकाश में आई थीं.

क्या है पूरा मामला

यह खनन घोटाला समाजवादी पार्टी की सरकार में वर्ष 2012 से 2016 के बीच हुआ था. इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई इस घोटाले की जांच कर रही है. हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर 28 जुलाई 2016 को अवैध खनन की जांच के आदेश दिए थे. जांच में सीबीआई को साल 2012-16 के दौरान हमीरपुर जिले में व्यापक पैमाने पर अवैध खनन किए जाने के साक्ष्य मिले, जिससे बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व को क्षति पहुंची.

इन लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला

यूपी में अवैध खनन के मामले में सीबीआई 11 लोगों के खिलाफ एक मामला दर्ज कर चुकी है. सीबीआई ने हमीरपुर जिले की पूर्व कलेक्टर और आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, खनिक आदिल खान, भूवैज्ञानिक/खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रमेश कुमार मिश्रा, उनके भाई दिनेश कुमार मिश्रा, राम आश्रय प्रजापति, हमीरपुर के खनन विभाग के पूर्व क्लर्क संजय दीक्षित, उनके पिता सत्यदेव दीक्षित और रामअवतार सिंह के नाम प्राथमिकी में शामिल हैं. संजय दीक्षित ने 2017 विधानसभा चुनाव बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर लड़ा था.

=>