दरवेश यादव का एटा में हुआ अंतिम संस्कार, कानून मंत्री ब्रजेश पाठक पहुंचे

22 जिलों के वकील हड़ताल पर, दरवेश की हत्या के बाद आरोपी वकील ने खुद को भी मार ली थी गोली, अस्पताल में भर्ती
लखनऊ। 
उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव का अंतिम संस्कार आज उनके पैत्रक निवास एटा के गांव चांदपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच कर दिया गया। एटा के गांव चांदपुर निवासी दरवेश यादव की कल आगरा में हत्या कर दी गई थी। प्रदेश सरकार के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक एटा पहुंचे वह दरवेश यादव के अंतिम संस्कार में मौजूद रहे।

दरवेश सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद उनके गांव चांदपुर में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक के साथ ही कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा सपा पदाधिकारी वहां मौजूद थे। इनके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भी यहां पहुंचने की चर्चा थी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एटा जाकर दरवेश यादव के परिवार के लोगों को सांत्वना दी।  जबकि बसपा मुखिया मायावती ने इस हत्या की निंदा करने के साथ उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला है।

 
22 जिलों के वकील हड़ताल पर
घटना के विरोध में उप्र के 22 जिलों में आज वकील हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार सख्त कदम उठाए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगेराम ने समिति से जुड़े मेरठ सहित 22 जिलों के वकीलों से गुरुवार को न्यायिक कार्य न करने की अपील की है। केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन मांगेराम ने बताया कि यह एक दु:खद और गंभीर घटना है। जिसको लेकर मेरठ बार एसोसिएशन रोष व्यक्त करती है। उधर, बार काउंसिल का चुनाव लड़ने वाले अधिवक्ता हरिशंकर सिंह ने कहा कि उनके साथ चुनी गईं चेयरमैन दरवेश सिंह की हत्या बहुत गंभीर अपराध है। प्रदेश में वकील सुरक्षित नहीं हैं जहां पर उनके चेयरमैन की हत्या कचहरी परिसर में ही कर दी गई। इसके लिए वह मांग करते हैं कि वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार सख्त कदम उठाए।

मायावती ने भी साधा निशाना
आगरा में दरवेश यादव की हत्या के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट करके भाजपा सरकार पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि यूपी बार कौंसिल की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा कोर्ट परिसर में जघन्य हत्या अति-दु:खद व अति-निन्दनीय है। इसके साथ ही शामली में पुलिस द्वारा पत्रकारों की अकारण पिटाई जैसी घटनायें साबित करती हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के शासन में अराजकता व जंगलराज और भी ज्यादा बढ़ गया है। पुलिस निरंकुश हो गई है।

सीबीआई जांच की मांग
एटा में दरवेश यादव पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर परिवार के लोगों की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की। परिजनों ने हत्या के आरोपी मनीष पर आरोप लगाया है कि उसने बार काउंसिल के अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए आने वाले पैसों का गबन किया था।

बार कौंसिल ने की 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग
दरवेश यादव की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए उत्तर प्रदेश बार कौंसिल ने अन्य सदस्यों की सुरक्षा की मांग की है। बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने इस हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। बीसीआई ने यूपी सरकार से मृतक अध्यक्ष के परिवार के लिए सुरक्षा के साथ ही न्यूनतम 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मांग की है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताया दुख
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या पर दुख जताया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट साथ ही लखनऊ बेंच समेत प्रदेश के सभी जिला अदालतों में अधिवक्ताओं और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है। आगरा में हुई इस दु:खद घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट के रजिस्टार जनरल ने पत्र जारी किया है।

गोली मारने के बाद मनीष ने खुद को भी मारी गोली
दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश बार कौंसिल की अध्यक्ष निर्वाचित दरवेश यादव की कल आगरा में उनके ही साथी मनीष शर्मा ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद मनीष ने खुद को भी गोली मार ली थी। जिसको गंभीर हालत में गुरुग्राम के मेदांता अस्तपाल में भर्ती कराया गया है। कल आगरा की दीवानी कचहरी में स्वागत समारोह के दौरान दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

वह अध्यक्ष बनने पर स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के चैम्बर में बैठी थीं। वहीं, पर पूर्व सहयोगी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से यूपी बार कौंसिल की अध्यक्ष को पांच गोली मार दीं। इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी गोली मार ली। मनीष शर्मा को रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद गंभीर हालत में दिल्ली रेफर कर दिया गया। हत्या की वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है।

देरवेश व हरिशंकर को मिले थे 12-12 वोट
प्रयागराज में आगरा की दरवेश यादव और वाराणसी के हरिशंकर सिंह रविवार को यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष संयुक्त रूप से चुने गए थे। अध्यक्ष पद पर हरिशंकर सिंह व दरवेश यादव को 12-12 बराबर वोट मिले। बराबर मत के आधार पर दोनों को छह-छह माह के लिए चयनित किया गया। परंपरा व सहमति के आधार पर दरवेश यादव पहले छह माह और हरिशंकर सिंह को शेष छह माह अध्यक्ष रहना था।

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