पीएम मोदी और शी जिनपिंग एक-दूसरे से बेहद गर्मजोशी से मिले

बिश्‍केक : बिश्‍केक में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रनिधिमंडल स्‍तरीय द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें भारत और चीन के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस बैठक के दौरान विदेश सचिव विजय गोखले और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल उनके अगल-बगल बैठे नजर आए।

यह बैठक एससीओ शिखर सम्‍मेलन से इतर हुई, जिस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार और अन्‍य वरिष्‍ठ राजनयिक व अधिकारी भी शामिल रहे। इस दौरान पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव में जीत पर बधाई के लिए चीन के राष्‍ट्रपति का आभार भी जताया। बैठक शुरू होने से पहले पीएम मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग एक-दूसरे से बेहद गर्मजोशी के साथ मिले।

बैठक के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि इस दौरान पीएम मोदी ने चीन के राष्‍ट्रपति को दूसरी अनौपचारिक वार्ता के लिए भारत दौरे का न्यौता दिया, जिस पर उन्‍होंने सहमति जताई और कहा कि वह इसी साल भारत यात्रा के लिए तैयार हैं। यह दोनों नेताओं के बीच अप्रैल 2018 में चीन के शहर वुहान में हुई अनौपचारिक वार्ता का दूसरा चरण होगा। माना जा रहा है कि इस अनौपचारिक मुलाकात से दोनों देशों के संबंधों को समान्‍य बनाने की दिशा में काफी मदद मिली।

पीएम मोदी ने चीन के राष्‍ट्रपति से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में बेहतर हुए सामरिक संवाद और लंबे समय से लंबित कई मुद्दों के सुलझने का भी जिक्र किया। उन्‍होंने इस दौरान खास तौर पर भारत में बैंक ऑफ चाइना की शाखा खोले जाने और पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने का जिक्र भी किया, जो चीन के अड़ंगे की वजह से पिछले काफी समय से लंबित था। हालांकि भारत को इस दिशा में हाल ही में बड़ी कामयाबी मिली जब चीन ने इस पर अपनी आपत्ति हटा ली और मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्‍ताव संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में पारित हो गया।

गौरतलब है कि बिश्‍केक में हो रहे एससीओ शिखर सम्‍मेलन में पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी शिरकत कर रहे हैं। हालांकि भारत पहले ही साफ कर चुका है कि इस दौरान पाकिस्‍तान से उसकी कोई औपचारिक बैठक नहीं होगी। पुलवामा हमले के बाद से ही दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण हैं। इस बीच ऐसी अटकलें लगाई गईं कि बिश्‍केक में पीएम मोदी और इमरान खान की बैठक हो सकती है, पर भारत ने इससे साफ तौर पर इनकार किया।

इस बीच, बिश्‍केक के लिए पीएम मोदी के विमान के पाकिस्‍तानी वायु क्षेत्र से गुजरने की बात भी सामने आई थी और पाकिस्‍तान ने कहा था कि वह अपने वायु क्षेत्र को इसके लिए खुला रखेगा, जिस पर उसने बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद रोक लगा दी थी। हालांकि भारत ने साफ कर दिया कि पीएम मोदी के बिश्‍केक जाने के लिए पाकिस्‍तानी वायु क्षेत्र का इस्‍तेमाल नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि पाकिस्‍तान के साथ तब तक बातचीत मुमकिन नहीं है, जब तक कि वह आतंवाद पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाता।

=>