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पाइल्स समझकर ना करें नजरअंदाज, एनल कैंसर की तरफ इशारा करते हैं ये लक्षण

कोई नहीं चाहता कि उसे कभी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का सामना करना पड़े। ये हम सभी जानते हैं कि कैंसर सेल्स हमारे शरीर में होते हैं। लेकिन जब ये असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं तो बीमारी का रूप ले लेते हैं। इसलिए कैंसर से बचने के लिए इसके बारे में जागरूक होना भी बहुत जरूरी होता है।

लंग कैंसर, ब्रैस्ट कैंसर या ब्रेन कैंसर आदि के बारे में हम सामान्य तौर पर सुनते ही हैं। लेकिन शरीर के निचले भाग में भी कई तरह के कैंसर होते हैं, जिनमें कोलोरेक्टल कैंसर और एनल कैंसर जैसे नाम शामिल हैं। चूंकि इन हिस्सों में अन्य बीमारियां भी होती हैं इसलिए इस तरह के कैंसर का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

आज हम ‘एनल कैंसर’ के बारे में बात करने वाले हैं। एनस या गुदा शरीर का वो हिस्सा होता है, जहां से हम मल त्याग करते हैं। यदि शुरुआती स्टेज में ही इस कैंसर का पता चल जाए तो पीड़ित की जान बचाई जा सकती है।

तो चलिए जानते हैं क्या है ‘एनल कैंसर’ और क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण।

इन्हें खतरा

‘एनल कैंसर’ के 80% मामले 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों में देखे जाते हैं। 35 साल से कम उम्र के पुरुषों में एनल कैंसर अधिक होता है जबकि 50 साल की उम्र के बाद यह महिलाओं में अधिक देखा जाता है।

इनका प्रतिशत अधिक

तथ्यों की मानें तो सिंगल पुरुषों में गुदा का कैंसर होने की आशंका शादीशुदा पुरुषों की तुलना में 6 गुना अधिक होती है।

यह हैं कारण

‘एनल कैंसर’ का एक मुख्य कारण ‘एनल सेक्स’ माना जाता है। ‘एनल सेक्स’ की वजह से कैंसर के साथ ही एचआईवी का खतरा भी होता है।

HPV भी वजह

Human Papillomavirus (HPV) एक इन्फेक्शन को जन्म देता है, जिसकी वजह से मस्से हो जाते हैं। यह इन्फेक्शन एनल में हो जाए तो कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। HPV एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड वायरस है।

एचआईवी के मरीजों को खतरा

चूंकि एचआईवी पीड़ितों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में एनल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

चलिए अब करते हैं ‘गुदा के कैंसर’ के लक्षणों की बात।

गुदा में दर्द

एनल कैंसर का सबसे आम लक्षण गुदा में दर्द का होना होता है। पहले तो गुदा में हल्का दर्द होता है, लेकिन फिर यह लगातार बना रहता है और समय के साथ यह दर्द असहनीय बन जाता है।

यह भी कारण

अधिकतर मामलों में गुदा में दर्द या डिस्कम्फर्ट होना Hemorrhoids की वजह से होता है। इस स्थिति में निचले हिस्से की नसों में सूजन आ जाती है।

गुदा में खुजली

आमतौर पर एनल में इचिंग होना बहुत ही आम बात है। लेकिन खुजली के साथ अगर एनल कैंसर के अन्य लक्षण भी नजर आ रहे हैं तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है।

खून आना

शौच के दौरान या सामान्य स्थिति में भी गुदा से खून आना एनल कैंसर के शुरुआती लक्षणों में से एक है। इस ब्लीडिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

एनल से डिस्चार्ज

गुदा से कई तरह के डिस्चार्ज होते हैं। यदि शौच के साथ म्यूकस की तरह डिस्चार्ज हो रहा है तो इस पर नजर रखें। अगर यह नियमित रूप से हो रहा है तो यह एनल कैंसर की वजह से भी हो सकता है।

गठान का होना

यदि आपके गुदा में कोई गठान हो गई है और यह लगातार बढ़ती जा रही है तो यह ट्यूमर भी हो सकती है। इस पर नजर रखना जरूरी है।

यह भी होगा

ट्यूमर यदि आकार में बढ़ता जाएगा तो यह और भी तकलीफदेह हो जाएगा। इसके साइज के साथ दर्द भी बढ़ेगा।

नजरअंदाज ना करें

गुदा के हिस्से में हुई गठानों को अधिकतर मामलों में पाइल्स समझकर इग्नोर कर दिया जाता है। लेकिन पाइल्स की संख्या या आकार का बढ़ना भी एनल कैंसर का वार्निंग साइन हो सकता है।

शौच के पैटर्न में बदलाव

यदि आप बहुत कम या बहुत ज्यादा शौच जा रहे हैं तो यह भी अच्छा संकेत नहीं है। ऐसा अन्य बीमारियों में भी होता है मगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो आपको सतर्क होने की जरूरत है।

डॉक्टर की सलाह

अगर आपको ऐसे कुछ लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें। कुछ टेस्ट्स के बाद स्थिति साफ हो जाएगी।

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