सड़क सुरक्षा सप्ताह के दूसरे दिन परिवहन मंत्री ने बांटे हेल्मेट, लोगों को किया जागरूक

लखनऊ। प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रोटोकाल एवं ऊर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के दूसरे दिन 1090 चौराहा, लखनऊ में परिवहन विभाग द्वारा आयोजित ‘हेल्मेट वितरण कार्यक्रम’ में बिना हेल्मेट दो पहिया वाहन चालकों को हेल्मेट वितरित किये तथा लोगों से जीवन रक्षा के लिए सड़क सुरक्षा उपायों को अपनाने की अपील की। परिवहन विभाग द्वारा कार्यक्रम में 140 हेल्मेट का वितरण किया गया, जिसमें से 35 हेल्मेट परिवहन मंत्री द्वारा वितरित किये गये।
परिवहन मंत्री ने मंगलवार को 1090 चौराहे पर ‘हेल्मेट वितरण कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम यातायात नियमों व सड़क सुरक्षा उपायों को अपनाने के प्रति संवदेनशील नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं में आकस्मिक मृत्यु प्राकृतिक नहीं है, यह सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर मानव जीवन को होने वाली इस अपूर्णीय क्षति से स्वयं के साथ हम दूसरे के जीवन को भी बचा सकते है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश सरकार 17 जून से 22 जून तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रही है। इस दौरान आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिवर्ष डेढ़ लाख लोगों की मृत्यु सड़क हादसे में हो जाती है और लाखों लोग गम्भीर रूप से घायल हो जाते हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि इस सप्ताह के दौरान लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है तथा सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी करने वालों पर कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों से अपील की जा रही है कि बिना हेल्मेट व सीटबेल्ट के, नशा करके, ओवरस्पीडिंग, मोबाइल फोन व ईयरफोन का प्रयोग कर वाहन न चलाये। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान वाहनों की ओवरलोडिंग, डग्गामारी तथा सेफ्टी डिवाइसेस की जांच के भी निर्देश दिये गये हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला, परिवहन आयुक्त व प्रबन्ध निदेशक धीरज साहू, यातायात उप पुलिस महानिरीक्षक, यातायात पुलिस अधीक्षक, अपर आयुक्त गंगाफल, वीके पाण्डेय, वीके सिंह, आरटीओ लखनऊ एके सिंह के साथ सूफी फाउण्डेशन, आटो-टैम्पों जिला चालक, मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग व प्रदूषण जांच केन्द्र और अन्य सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित थे।

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