करंट से घायल विद्युत संविदाकर्मी ने राष्ट्रपति से की इच्छा मृत्यु की मांग

कछौना,हरदोई।विद्युत उपकेंद्र कछौना पर तैनात संविदाकर्मी देशराज गौतम 8 माह पूर्व विद्युत लाइन पर कार्य करते समय विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के चलते विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसमें इलाज के दौरान उसका पैर काटना पड़ा था। विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारों ने उसका इलाज कराना उचित नहीं समझा। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। परिवारी जनों ने खेती गिरवी रखकर सूदखोरों से रुपया लेकर किसी तरह से इलाज कराया। परन्तु समुचित इलाज के अभाव में देशराज पैर से विकलांग हो गया। विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारों ने विकलांगता के कारण नौकरी पर पुनः नहीं रखा। जिसके कारण उसके सामने परिवार के भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई। जिसके लिए घायल संविदा कर्मी ने परिवार के भरण-पोषण के लिए रोजगार व चिकित्सीय सुविधा के लिए जिला अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र देकर मांग की। किसी ने इसकी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा, परेशान होकर संविदा कर्मी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की मांग की, क्योंकि उसका जीना अब बेकार है। वह पत्नी-परिवार का आखिर कैसे भरण-पोषण करें? जान को जोखिम पर डा लकर संविदा कर्मी विद्युत संबंधी समस्याओं को दिन-रात दौड़कर बिना संसाधनों के हल करते हैं। यहां तक मिलने वाले मानदेय में ठेकेदारों द्वारा अवैध कटौती की जाती है, कोई अनहोनी घटना पर विभागीय अधिकारी पल्ला झाड़ लेते हैं। पूर्व में एक संविदा कर्मी राम आसरे की कार्य करते समय विद्युत चपेट में आने से इलाज के अभाव में मृत्यु हो चुकी है। इस समस्या के विषय में अवर अभियंता राजकुमार गुप्ता ने बताया हमारी तरफ से चिकित्सीय इलाज व अन्य सुविधाओं हेतु उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है।

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