लखनऊ

अस्पतालों में बढ़ी डायरिया पीडि़त बच्चों की भीड़

गर्मी से कारण बिगड़ी बच्चों की हालत

लखनऊ। मौसम को देखते हुए अब प्रचंड गर्मी से राहत मिलना नामुमकिन है वहीं इससे राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में डायरिया से पीडि़त होकर आने वाले बच्चों की संख्या बढऩे लगी है। डाक्टरों का मानना है कि इस समय जरा सी लापरवाही बच्चे का स्वास्थ बिगाड़ सकती है। प्रचंड गर्मी और खानपान में गड़बड़ी के चलते बच्चे डायरिया का शिकार हो रहे हैं। दूसरे नम्बर पर बुखार के मरीज हैं।

बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी व वार्ड मिलाकर तीन दर्जन बच्चे डायरिया से पीडि़त होकर आए। तीन नम्बर बाल वार्ड में करीब एक दर्जन बच्चे डायरिया से पीडि़त होकर भर्ती हुए, इनमें राजीपुरम की ​मेनाज के ढाई माह के बच्चे को देखकर हर कोई उसका हालचाल जाना चाहता है। मेनाज कहती हैं कि आज जब बच्चे की हालत नहीं सुधरी तो इमरजेंसी में दिखाया, जहां उपचार के बाद वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। अब बच्चे की हालत में बच्चे से ज्यादा सुधार है। बेड नम्बर नौ पर अमीनाबाद के इंदू देवी (9) की हालत बिगडऩे पर भर्ती कराया गया। बेड नम्बर 34 पर ऐशबाग के रवि (13) और बेड नम्बर 30 पर राकेश कुमार (11) का डायरिया का उपचार चल रहा है। इसके अलावा कई अन्य बच्चे डायरिया से पीडि़त भर्ती हैं। कोई भी परिजन यह नहीं मान रहा है कि खाने में गड़बड़ी हुई है। यही सबका कहना है कि गर्मी से कारण बच्चों की हालत बिगड़ी है।

इसी प्रकार डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल के वातनुकूलित बाल रोग विभाग और गोमतीनगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में दर्जनों की संख्या में बच्चे डायरिया से पीडि़त होकर आए। कइयों को ओपीडी से उपचार करके छुट्टी दी गयी तो कई भर्ती भी किये गए।

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