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होम्योपैथी विधा में शोध कार्यक्रमों को बढ़ावा देना जरूरी: डॉ. बीएन

मना होम्पोपैथी चिकित्सा के जनक डॉ. हनीमैन का निर्वाण दिवस

वित्त प्रबंधक जेपी सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक औषधि शरीर को बगैर कोई क्षति पहुंचाये रोगों को जड़ से खत्म करने में सबसे कारगर 

लखनऊ। होम्पोपैथी चिकित्सा के जनक डॉ. हनीमैन के निर्वाण दिवस पर राजधानी के कैसरबाग क्षेत्र स्थित उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के परिसर में एक खास समारोह का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि डॉ. बीएन सिंह अध्यक्ष होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि होम्योपैथिक विधा को बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक विधा के जनक डॉ. हैनीमेन के सिद्धान्तों व पदचिन्हों को आत्मसात और उस पर चलने की अत्यधिक आवश्यकता है।

इसी क्रम में आयुष मिशन की परामर्शदाता डॉ. मीनाक्षी सिंह ने बताया कि होम्योपैथिक विधा में शोध कार्यक्रमों को बढ़ावा देना जरूरी है जिससे शोध आधारित प्रमाणों के आधार पर होम्योपैथिक की उपयोगिता प्रमाणित हो सके। वहीं सेन्ट्रल काउन्सिलिंग आॅफ रिसर्च इन होम्योपैथिक के पूर्व असिस्टेन्ट डायरेक्टर डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक विधा चिकित्सक अपने शोध सम्बन्धी पेपर सेन्ट्रल काउन्सिलिंग आॅफ रिसर्च इन होम्योपैथिक पर जमा कर सकता है। साथ ही यह भी कहा कि अगर पेपर में कोई भी दस्तावेज कम पाये जायेंगे तो उसको पूरा करने के लिए बताया जायेगा और उसके बाद संबंधित शोधार्थी अपना पेपर दोबारा जमा कर सकता है। उन्होंने कहा कि मानक अनुसार शोध पेपर पूरा होने पर पेपर को जनरल में प्रकाशित कराया जायेगा।

मिशन के वित्त प्रबंधक जेपी सिंह ने कहा कि होम्योपैथिक औषधि शरीर को बगैर कोई क्षति पहुंचाये रोगों को जड़ से खत्म करने में सबसे कारगर चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे होम्योपैथी में शोध कार्य किये जायेंगे वैसे-वैसे इसकी विश्वसनीयता और स्वीकार्यता जन-जन के बीच बढ़ती जायेगी। कार्यक्रम में शामिल अन्य विशिष्ट आगंतुकों में होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल मिश्रा, डॉ. अनिरूद्ध वर्मा, डॉ मीनाक्षी सिंह, डॉ. राजेश वर्मा और डॉ. अवधेश द्विवेदी मौजूद थे।

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