सेक्स के दौरान कैज्युअल सेक्स और प्रेमी के साथ शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है जाने इस खबर में

प्यार सबसे खूबसूरत एहसास है। जब हम किसी से प्यार करते हैं तो हम बिल्कुल अलग दुनिया में होते हैं और खुश होते हैं। ऐसा ही तब होती है जब हम उसी व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाते हैं जिससे हम प्यार करते हैं। इससे ना केवल हमें संतुष्टि मिलती है बल्कि हमारे शरीर में भी कई तरह के बदलाव आते हैं जिनमें रासायनिक बदलाव और हार्मोनल बदलाव भी शामिल हैं। हालांकि किसी अनजान व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाना जिसे कैज्युअल सेक्स भी कहते हैं, बिल्कुल अलग है। इसमें प्यार की जगह वासना होती है। कई अध्ययनों में कहा गया है कि अपने प्रेमी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से अधिक खुशी और आनंद मिलता है और शरीर में हैप्पी हार्मोन्स रिलीज होते हैं। आइए जानते हैं कैज्युअल सेक्स और प्रेमी के साथ सेक्स के दौरान शरीर कैसे अलग-अलग प्रतिक्रिया देता है।

कैज्युअल सेक्स और प्रेमी के साथ सेक्स के दौरान शरीर कैसे प्रतिक्रिया देता है

जब हम किसी व्यक्ति से प्यार करते हैं तो हम उसके बारे नें किसी तरह की राय या गलत विचार नहीं बनाते और एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हैं। शारीरिक संबंधों के दौरान आप जिससे प्यार करते हैं उसके बारे में गलत नहीं सोचते। इस दौरान हमे बदलने की जरुरत नहीं होती। जबकि कैज्युअल सेक्स के दौरान आप एक-दूसरे के बारे में बहुत जल्दी राय बना लेते हैं। यहां तक कि आप किस छोटी सी चीज पर भी टर्न-ऑफ हो सकते हैं। इसके अलावा दोनों को बीच एक तरह की हिचकिचाहट होती है साथ ही अपनी छवि को बनाए रखने के लिए आपको बेस्ट करना होता है। हालांकि, जब आप किसी को प्यार करते हैं, तो आप शारीरिक संबंधों के समय ऐसी स्थिति नहीं होती है।

इसके अलावा, किसी के साथ कैज्युअल सेक्स करने और आप जिससे प्यार करते हैं उसके साथ सेक्स के बीच एक और मुख्य अंतर यह है कि, कैज्युअल सेक्स में सिर्फ वासना होती है। जबकि अपने प्रेमी के साथ बनाए गए शारीरिक संबंध प्रेमपूर्ण होते हैं।

शरीर में डोपामाइन स्तर बढ़ता है:
जब हम खुश होते हैं या प्यार में होते हैं तो हमारा मस्तिष्क बहुत सारे रसायनों को रिलीज करता है। ये रासायनिक परिवर्तन हमारे स्वास्थ्य और खुश रहने पर भी प्रभाव डालते हैं। प्रेमी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से शरीर में डोपामाइन का स्तर बढ़ जाता है। यह एक हार्मोन है जो आपको खुश रखता है। इससे आपको आनंद की भावना मिलती है। आप सुरक्षित महसूस करते हैं और शांति प्राप्त करते हैं। हालांकि, कैज्युअल सेक्स शरीर की शारीरिक इच्छाओं को संतोषजनक परिणाम नहीं देता।

यदि आप प्रेम में होते हैं, तो एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ता है:
अगर आप किसी के साथ उत्तेजना की भावना महसूस कर रहे हैं और उनके साथ और अधिक समय बिताना चाहते हैं तो यह एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ने का नतीजा है। यह आपको अपने रिश्ते में एक ताजगी देता है और आपको एक-दूसरे के प्रति अधिक संवेदनशील बना देता है। हालांकि, यदि यह सिर्फ कैज्युअल है, तो आपके शरीर में एड्रेनालाईन का स्तर नहीं बढ़ेगा। हो सकता है कि आप उस रात के बाद उनसे बात भी ना करें।

सेरोटोनिन का स्तर भी प्रभावित होता है
प्यार में केवल आपको खुशी ही नहीं मिलती है बल्कि दुख भी इसका एक हिस्सा है। जब हम किसी से प्यार करते हैं तो हम बहुत सी चीजों को लेकर दुखी होते हैं जैसे सुरक्षा की भावना, अलग होने का डर, भावनाओं के कारण, अकेले होने की वजह से आदि। इन रासायनिक बदलावों के कारण आप कभी-कभी अकेला महसूस करने लगते हैं। जबकि कैज्युअल सेक्स के दौरान ऐसा नहीं होता।

इसके अलावा, दोनों ही स्थिति में हमारी बॉडी लैंग्वेज और पर्सनालिटी भी अलग-अलग होती हैं। जबकि कैज्युअल सेक्स बेहद नया और आश्चर्यजनक अनुभव होता है। प्रेमी के साथ शारीरिक संबंधों के दौरान आप प्रेम की वजह से खुशी पाते हैं। इस प्रकार, जिस किसी के साथ आप प्यार करते हैं, उससे शारीरक संबंध बनाना हमेशा बेहतर होता है।

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