केजीएमयू ट्रामा में मरीजों की मौत पर ​परिजनों ने किया हंगामा

लखनऊ । राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्साविश्वविद्यालय (केजीएमयू) ट्रॉमा सेंटर की लापरवाहियों  पर लगाम लगाना मुश्किल हो रहा है। वही दूसरी तरफ केजीएमयू प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देता हैं,लेकिन कार्यवाही के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है। गुरूवार को दो मरीजों की मौत से पूरा दिन हंगामा मचता रहा। दोनों मामलों में यहां के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा है। वहीं केजीएमयू प्रशासन ने मरीजों के इलाज में लापरवाही के आरोप को फर्जी बताया है।

अधिकारियों ने समझा-बुझाकर परिवारीजनों को कराया शांत

जहरीला कीड़ा काटने के बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए युवक की गुरूवार दोपहर करीब ढाई बजे मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने जम कर हंगामा किया। प​रिजनों का आरोप है कि मरीज को इलाज मुहैया कराने के बजाए एक से दूसरे विभाग में दौड़ाते रहे। जांच के नाम पर भी दौड़ाया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझा-बुझाकर परिवारीजनों को शांत कराया।

यह हैं मामला

ऐशबाग मोतीझील कॉलोनी निवासी अमित (22) को मंगलवार को जहरीले कीड़े ने पैर में काट लिया था। जिससे उसके पैर में सूजन आ गई थी। भीषण दर्द भी हो रहा था। भाई सचिन के मुताबिक तबीयत बिगडऩे पर उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां डॉक्टरों ने दो दिन इलाज किया। इलाज के बावजूद तबीयत में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार डॉक्टरों ने मरीज को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों मरीज को गंभीर हाल में लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे।
मां सावित्री का आरोप है कि इमरजेंसी से मेडिसिन विभाग में दो बार दौड़ाया गया। इसी दौरान मरीज की मौत गई। परिजनों के मुताबिक ट्रॉमा में भागदौड़ से मरीज की हालत और गम्भीर हो गई थी। दोपहर करीब ढाई बजे मरीज की मौत हो गई।

डॉ.संदीप तिवारी प्रवक्ता, केजीएमयू

मरीजों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है। परिजनों के आरोप निराधार है। मरीजों का काफी दबाव है। बेड की कमी के बावजूद सभी मरीजों को इलाज दिया जा रहा है।

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