उत्तर प्रदेशलखनऊ

मासूम बच्चे की बीमारी और गरीबी ने मां को बना दिया हत्यारिन,गिरफ्तार 

 मां ने चार माह के बच्चे को ट्रामा सेंटर के चौथी मंजिल से फेंका
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक मां ने अपने चार महीने के दुधमुंहे बच्चे को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद महिला ने बच्चे के गायब होने की झूठी कहानी गढ़ डाली। हालांकि उसका झूठ ज्यादा देर चला नहीं। ट्रामा सेंटर के सीसीटीवी से सच का खुलासा हो गया। मासूम जन्म से बीमार था जिससे परेशान हो गयी थी। चौक पुलिस ने मासूम की हत्यारन मां को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक , कसियां जनपद कुशीनगर निवासी राजन सिंह की पत्नी शांति देवी ने बीते 23 अप्रैल को बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में जन्म दिया था। जन्म से ही नावजात के लीवर में दिक्कत व पीलिया की शिकायत थी। गोरखपुर में काफी ईलाज हुआ लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके चलते राजन उसे लखनऊ के केजीएमयू ले आया। बीते 26 मई से मासूम का ईलाज लखनऊ के केजीएमयू में चल रहा था। महीनों से लगातार ईलाज जारी रहने के बावजूद बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। बकौल राजन अक्सर ही बच्चे की हालत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगती थी। ऊपर से केजीएमयू द्वारा लगातार ज्यादा से ज्यादा दवाएं बाहर से लाने को कह दिया जाता था। मजदूरी करने वाले राजन के लिए यह भारी समस्या होती जा रही थी। शांति यह स्थिति देखकर डिप्रेशन में आ जा रही थी और आखिर उसके हौसले ने दम तोड़ दिया। सोमवार की रात जब उसका पति राजन व देवर अस्पताल के बाहर सोए थे तब उसने चौथी मंजिल से खिड़की से  मासूम को वहां से फेंक दिया जिससे मासूम की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर सीओ चौक दुर्गा प्रसाद तिवारी और इंस्पेक्टर पंकज सिंह पहुंचे। ट्रॉमा सेंटर के सीसी फुटेज से मां का खौफनाक चेहरा सामने आया। एएसपी पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पति के तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर  महिला को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

…तो इसलिए मां ने कर दी बच्चे की हत्या
साहब, बच्चा ठीक ही नहीं हो रहा था, वजन भी नहीं बढ़ रहा था। आइसीयू में रखते थे तो कुछ सुधार दिखता, बाहर आते ही उल्टियां शुरू हो जाती थी। यह सब मुझसे देखा नहीं जा रहा था, पता नहीं मुझे अचानक क्या हो गया कि खिड़की से फेंक दिया। यह बातें एक मां ने रोते हुए पूछताछ में बयां की।  पुलिस के मुताबिक, आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते महिला शांति के पिता रामावतार बच्चे के इलाज का खर्चा उठा रहे थे। महिला के मुताबिक, तीन बार मिसकैरेज के बाद 23 अप्रैल को गोरखपुर बीआरडी में इसका जन्म हुआ था। लेकिन जन्म से ही बच्चे को काफी दिक्कतें सामने आने लगी। ट्रॉमा लेकर आए तो डॉक्टर ने लिवर खराब बताया। साथ ही दिमाग में संक्रमण है और पिलिया निकला।

सीसी फुटेज से हुआ खुलासा  
सोमवार रात  बच्चे की तबीयत थोड़ी ठीक हुई तो उसे वेंटिलेटर से निकालकर वार्ड में शिफ्ट किया गया था। उस वार्ड में पांच और महिलाएं भी थीं। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे करीब तीन औरतें सो गई। पति और देवर ट्रॉमा सेंटर के बाहर सो रहा थे। इसी बीच शांति ने घटना को अंजाम दिया। इसके बाद शांति ने बच्चा गायब होने की बात कहकर शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने वार्ड के बाहर सीसी कैमरे की फुटेज खंगाली गई। जिसमें महिला का खौफनाक चेहरा सामने आया। महिला बच्ची को गोद में लेकर टहलते दिखाई दी। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूला कि बच्चा उसने वार्ड की खिड़की से नीचे फेंक दिया है।

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