पूरे भारत में 24 घंटो के लिए बंद रहेंगी आईएमए की सेवाएं

एनएमसी बिल 2019,देश के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा— आईएमए

लखनऊ।  एनएमसी बिल 2019 में मेडिकल प्रोफेशन की मुख्य चिंताओं को संबोधित नहीं किया गया है। इसलिए यह आह्वान सभी क्षेत्रों के सभी आधुनिक चिकित्सा डॉक्टरों के लिए है। आईएमए मेडिकल छात्र नेटवर्क के तहत मेडिकल के छात्र देश भर में अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। यह बात मंगलवार को नई दिल्ली  आईएमए मुख्यालय में बुलाई गई आपातकालीन विस्तारित एक्शन कमेटी की बैठक के दौरान आईएमए यह साफ कर दिया है कि वह गुरुवार को सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक कोई भी सेवा प्रदान नहीं करेगा।

आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष,डॉक्टर सांतनू सेन ने बताया कि, “एनएमसी बिल 2019 का वर्तमान में जो फॉर्मेट है उसे मेडिकल क्षेत्र में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लाइसेंसिंग सामुदायिक स्वास्थ्य प्रदाता, जो आधुनिक चिकित्सा से जुड़े हैं, केवल एक स्वास्थ्य-प्रलय को आमंत्रित कर रहे हैं, जो कमजोर ग्रामीण रोगियों को बुरी तरह प्रभावित करेगा। एनएमसी बिल 2019 पर परिकल्पित सामुदायिक स्वास्थ्य प्रदाता हजारों कमजोर ग्रामीण रोगियों के लिए एक सीधा खतरा है। राष्ट्र का स्वास्थ्य दांव पर लग चुका है। हम मांग करते हैं कि भारत सरकार आधुनिक चिकित्सा बिरादरी को अहम बातचीत में शामिल करे और इस मुद्दे को तुरंत हल करे।”

आईएमए के महासचिव, डॉक्टर आरवी असोकन ने बताया कि, “धारा 51, कम्बाइंड मॉड्यूल और पाठ्यक्रम सामग्री तैयार करने वाले होम्योपैथी और आयुष परिषदों के साथ एनएमसी के कम्बाइंड सेसन के बारे में बात करता है। मेडिकल कॉलेज से अंडरग्रेजुएट करने वाले सभी डॉक्टर हाइब्रिड डॉक्टर होंगे और क्रॉसपैथी के कारण सभी सिस्टम दूषित हो जाएंगे। राज्य सरकार को ब्रिज कोर्स प्रदान कर धारा 51 क्रॉसपैथी को बढ़ावा देगी। धारा 15 मेडिकल के छात्रों के लिए एक चिंता का विषय है और जो भी स्पष्टीकरण प्रदान किए गए हैं, हम उनसे संतुष्ट नहीं हैं। इसके अलावा, उन्हें इस बिल में शामिल भी नहीं किया गया है। यह हमारे राष्ट्र के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है।”

इससे यह अर्थ निकलता है कि, ये प्रदाता न सिर्फ समाज में जेनरल प्रेक्टिशनर की तरह अभ्यास करेंगे बल्कि वे कारपोरेट अस्पतालों में सस्ते कर्मचारी बनकर काम करेंगे,जो डॉक्टर बनकर आईसीयू, क्रिटिकल केयर यूनिट, केजुएलिटीज, इमरजेंसी यूनिट, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड और ओपीडी में भी काम करेंगे।

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