उत्तर प्रदेशकानपुर

पुलिस भी राज को लेकर हैरान : पहले पत्नी, फिर बेटे की हत्या कर, किया था प्रेम विवाह

कानपुर। प्रेमिका से शादी करने के लिए युवक ने पत्नी और सात साल के बेटे की नृशंस हत्या कर दी थी, जिस राज को खुलने में महीनों लग गये। पत्नी को पहले तेजाब से झुलसाकर तड़पाया और फिर गला दबाकर मार डाला। घटना के चश्मदीद इकलौते बेटे का सिर कूंच दिया। 9 महीने पहले हुए दोहरे हत्याकांड से रविवार को पर्दा उठा तो सभी की रूह कांप उठी। पुलिस ने आरोपी समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि नौबस्ता के राजीव विहार निवासी अमित वर्मा उर्फ लालू ने 10 साल पहले घर के सामने रहने वाले मकसूद प्रसाद विश्वकर्मा की बेटी सुमन (26) से लव मैरिज की थी। उनका बेटा निश्चय था। दो साल से अमित का देवकीनगर की खुशी से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। सुमन ने विरोध किया तो अमित ने देवकी नगर निवासी दोस्त संजय शर्मा के साथ हत्या की साजिश रची। संजय ने नौबस्ता कबीरनगर के दोस्त गुड्डू मिस्त्री की भी मदद ली। संजय और गुड्डू 23 दिसंबर को मूलगंज से तेजाब खरीदकर लाए।

24 दिसंबर की सुबह साढ़े नौ बजे अमित पत्नी और बेटे को इलाहाबाद घुमाने और गंगा स्नान के बहाने लेकर रामादेवी चौराहा पहुंचा। गुड्डू और संजय लोडर के साथ चौराहे पर खड़े थे। अमित ने पत्नी से कहा कि ये दोनों भी गंगा स्नान को इलाहाबाद ही जा रहे हैं। अमित लोडर में पत्नी के साथ सवार हो गया। रास्ते में तीनों ने ढाबे पर शराब पी और खाना खाया। ठंड ज्यादा होने की बात कहते हुए अमित ने सुमन को भी शराब पिला दी थी। कौशांबी के कोखराज में रात दो बजे लोडर रोककर तीनों ने सुमन पर तेजाब डाला, फिर गला दबा दिया। निश्चय रोने लगा तो उसका सिर लोडर के डाले से भिड़ाकर ईंट से कूंच दिया।

नौबस्ता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों ने सुमन की लाश लाडपुर पुलिया के पास तथा बेटे की निर्वस्त्र लाश थोड़ा आगे ले जाकर फेंक दी। दोनों को मौत के घाट उतारने के बाद 28 दिसंबर को नौबस्ता थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। अमित ने हत्या में सहयोग के लिए गुड्डू मिस्त्री को 10 हजार और संजय को 25 हजार रुपए दिए थे। पत्नी और बेटे को मौत के घाट उतारने के बाद अमित ने अप्रैल में खुशी से लव मैरिज कर ली और हंसपुरम में किराए पर रह रहा था।

ऐसे खुला राज
लंबे समय से बात नहीं हुई तो पिता ने खोजबीन शुरू की। जब पता नहीं चला तो 31 जुलाई को नौबस्ता थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। दो गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और घटना का राज खुल गया।

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