ख़बर का असर : नल -जल योजना में करोड़ों घोटाला को लेकर जनहित याचिका , सीएम सहित 35 पार्टी

 तरूणमित्र हिन्दी दैनिक के प्रकाशित खबर शीर्षक : नल-जल योजना में खुली लूट का दिया गया हवाला

>> अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने दाखिल याचिका के माध्यम से सीबीआई जांच की मांग

>> मुख्यमंत्री सात निश्चय ,नल-जल योजना के लिए 873 करोड़ रूपये किया हैं आवंटित

रवीश कुमार मणि

पटना ( अ सं ) ।  तरूणमित्र हिन्दी दैनिक के प्रकाशित खबर, शीर्षक :”, नल-जल योजना में खुली लूट” की हवाला देकर अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल किया हैं । इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित 35 अधिकारियों /पदाधिकारियों को पार्टी बनाया गया हैं और करोड़ों रूपये के घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सीबीआई जांच की मांग की गयी हैं ।
  अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने तरूणमित्र के प्रकाशित खबर का हवाला देकर याचिका में कहां है की नल-जल योजना में जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ हैं पुरी तरह से अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया गया हैं । इसके लिए फर्जीवाड़ा तक अपनाई गयी हैं ।
याचिका में पुरे सूबे में लूट की बात लिखी गयी हैं ।उदाहरण के तौर पर पटना ,भोजपुर ,कैमुर, रोहतास, जहानाबाद, अरवल जिले को लूट का केंद्र बताया गया हैं । पटना जिले के दानापुर, बिहटा, बिक्रम, दुल्हिनबाजार, पालीगंज प्रखंडों के तमाम पंचायतों के वार्डो में नल-जल योजना की राशि का 60 % राशि प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य सरकारी लोक सेवकों की मिली भगत से लूट को अंजाम दिया गया हैं ।  सभी ने भ्रष्टाचार कारित कर कमीशन की राशि खाया हैं ।  नल-जल सामग्री की घटिया खरीद की गयी हैं । प्रखंड ,जिला एवं राज्य स्तर पर गठित निगरानी टीम ने कोई जांच नहीं किया है बल्कि भ्रष्टाचार के हिस्सेदार बने हैं ।
  अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने बताया की सीएम नीतीश कुमार को इसलिए पार्टी बनाया गया हैं की यह योजना इनके कार्यकाल में प्रारंभ हुई हैं और इनके सात निश्चय में शामिल हैं । नल-जल योजना में व्यापक घोटाला हुआ हैं और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई की जांच जरूरी है चुकी इस घोटाले की तार पंचायत से लेकर विभाग और मुख्यालय तक हैं और निगरानी टीम ने पुरी अनदेखी की हैं ।
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