आम्रपाली पर सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, पजेशन में की देरी तो जेल जाएंगे अधिकारी

आम्रपाली ग्रुप से घर खरीदने वालों को जल्द अपने घरों की चाबी मिल सकती है। ऐसी उम्मीद इस लिए लगाई जा रही है क्योंकि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि नोएडा व ग्रेटर नोएडा अथॉरिटीज आम्रपाली के घर खरीदारों के फ्लैट्स के रजिस्ट्रेशन का काम शुरू कर दें। कोर्ट ने मामले में अथॉरिटीज को फटकार लगाते हुए कहा है कि अगर पजेशन में उनकी ओर से कोई देरी होती है तो अधिकारियों को जेल तक भेजा जा सकता है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अथॉरिटीज ने कहा है कि आम्रपाली के घर खरीदारों से जुड़े मामलों के लिए स्पेशल सेल बनाई गई है और कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

24 जुलाई को हुई सुनवाई के बाद बायर्स के बीच कन्फ्यूजन की स्थिति बन गई थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के सभी प्रॉजेक्टों से बिल्डर का अधिकार खत्म कर दिया है और इस अधिकार की जिम्मेदारी कोर्ट रिसीवर को दे दी गई थी। साथ ही कोर्ट ने अथॉरिटी को आदेश दिया था कि पैसों की वजह से अथॉरिटी जिन प्रॉजेक्टों के सीसी जारी नहीं कर रही थी, उनके सीसी जारी करने होंगे। कोर्ट का कहना था कि अथॉरिटी अपना पैसा बिल्डर की निजी प्रॉपर्टी बेचकर वसूले। अधूरे प्रॉजेक्ट को पूरा करने का काम एनबीसीसी करेगा। कोर्ट के इस फैसले से बायर्स के मन में कई सवाल थे, साथ ही कंफ्यूजन की स्थिति भी बनी हुई है।

इस दौरान आम्रपाली के बायर्स ने अर्जी दाखिल कर कहा कि बदली हुई स्थिति में उन्हें जो बकाया राशि देनी है वह किस तरह से बैंक रिलीज करे, इस बारे में स्पष्टीकरण होना चाहिए। बैंक को निर्देश होना चाहिए कि कंस्ट्रक्शन लिंक पेमेंट प्लान में बकाया राशि रिलीज करे।

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