प्लास्टिक, स्टील को छोड़ बाजार में आ गई बांस की बोतलें, जाने इसके फायदे और कीमत

पर्यावरण को बचाने और सेहत के प्रति सजगता को लेकर प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने के लिए लगातार लोगों को जागरुक किया जा रहा है। वहीं मोदी सरकार द्वारा मेक इन इंडिया यानि अपनी स्वदेशी चीजों का इस्तेमाल करने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है क्योंकि इससे भारत की अर्थवयवस्था मजबूत होने के साथ भारतीय लोगों के रोजगार में भी बढ़ौतरी होगी। कही ना कही, प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का असर लोगों पर दिखाई देना शुरु हो गया है  वहीं सेहत व पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी लोग ईको-फ्रैंडली चीजों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

असम के एक उद्यमी इन दिनों अपने नए आ‌विष्कार को लेकर इंटरनेट में छा गए हैं जिन्होंने बांस की बोतलों का आविष्कार किया है। गुवाहाटी के बिश्वनाथ चाराली में रहने वाले धृतिमान बोरा ने इन बांस की बोतलों का आविष्कार किया है जो 100 प्रतिशत लीक प्रूफ हैं यानि कि इसमें आप लंबे समय तक पानी को सुरक्षित रख सकते हैं।

धृतिमान के अनुसार, उन्हें बांस की कटाई, सुखाने पॉलिशिंग जैसे अन्य प्रोसेस को मिलाकर 1 बोतल बनाने में कम से कम 4 से 5 घंटे लगते हैं। प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग को बंद करने की दिशा में इन बोतलों का इस्तेमाल एक अहम कदम साबित होगा।

धृतिमान का कहना है कि इन्हें बनाने में उन्हें लगभग 17 साल लग गए हैं। बांस की ये ऑर्गेनिक बोतलें एकदम वॉटर प्रूफ हैं जिससे किसी तरह का कोई पानी का रिसाव नहीं होगा। यह बोतलें टिकाऊ बांस – भालुका के साथ बनाई गई हैं। इन बोतलों की बाहरी परत को वाटरप्रूफ ऑयल से पॉलिश किया जाता है जो इसे फिनिशिंग लुक दे रही है। यहां तक की बोतल का ढक्कन ( भी बांस से ही तैयार किया गया है।

बांस से बनी ये बोतलें पूरी तरह जैविक हैं और यह गर्मियों में चिलचिलाती गर्मियों के दौरान भी पानी को ठंडा रखेगी। धृतिमान प्लास्टिक की जगह इको फ्रैंडली चीजेंं बांस और जूट के उत्पादों को देना चाहते हैैं। वहीं अपनी इसी कोशिशों के बल पर वह भारत को 100 प्रतिशत प्लास्टिक मुक्त करने की उम्मीद रखते हैं।

आपको यह बोतलें आसानी से ऑनलाइन मिलेंगे और इनके अलग अलग आकार और डिजाइन्स भी मार्कीट में उपलब्ध हैं। कीमत की बात करें तो यह 400 से 600 रुपए की कीमत में मिलेगी।

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