हाथरस

उपचार के दौरान जली महिला की मौत

हाथरस-सासनी। करीब एक पखवाडे पूर्व कोतवाली क्षेत्र के गांव में अज्ञात कारणों से साठ प्रतिशत जली महिला की उपचार के दौरान आगरा में मौत हो गई। जिससे महिला के परिजनों में कोहराम मच गया। उधर मायके पक्ष को सूचित किए बिना दाह संस्कार करने पर मायके पक्ष ने हत्या का अरोप लगा दिया। बाद में ग्रामीणों की मध्यस्था से मामला सुलझ गया।
गांव ततारपुर निवासी भूपेन्द्र के अनुसार उसकी 27 वर्षीय पत्नी लक्षी 27 जुलाई दिन शनिवार को खाना बनाते वक्त अज्ञात कारणों से करीब 60 प्रतिशत जल गई थी। जिसका परिजनों ने अलीगढ़ में उपचार कराया। जहां वह ठीक नहीं हो सकी। तब उपचार के लिए लक्ष्मी को घायलावस्था में आगरा ले गये। जहां उपचार के दौरान लक्ष्मी ने दम तोड दिया। परिजनों ने लक्ष्मी की मौत के बाद उसके शव का बिना मायके पक्ष को सूचना दिए। पोस्टमार्टम ही अंतिम संस्कार कर दिया। इसकी सूचना जब मायके पक्ष को लगी तो मृतका के पिता तथा अन्य मायके से लोग गांव ततारपुर पहुंच गये। गांव जाकर मायके पक्ष ने पुलिस को फोन कर दिया। सूचना पाकर सीओ रामशब्द यादव, एसएचओ पहलवान सिंह, मय फोर्स के गांव पहुंच गये। जहां मायके पक्ष ने पुलिस के सामने लक्ष़्मी के परिजनों पर हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का अरोप लगाया। कहा कि यदि हत्या नहीं की जाती तो लक्ष्मी का पति बच्चों को लेकर फरार क्यों है। मायके पक्ष का कहना था कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तभी संभ्रात लोग एवं ग्राम प्रधान भी मौके पर पहुं चगये और मायके पक्ष को समझाया। उधर मायके पक्ष लक्ष्मी के पति से दोनों बच्चों के नाम संपत्ति करने की जिद पर अड ग ये। तब ग्रामीणों और प्रधान के हस्तक्षेप के बाद पुलिस के सामने दोनों पक्षों में सुलह कराकर मामले को शांत किया।

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