अब अफगानिस्तान ने भी पाक को लताड़ा, गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी बंद करने को कहा

जम्मू-कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है। अब पाकिस्तान को गैर ज़िम्मेदाराना बयानबाज़ी के लिए अफगानिस्तान ने भी लताड़ लगाई है। पिछले दिनों पाकिस्तान ने कहा था कि कश्मीर के मौजूदा हालात से अफगानिस्तान में चल रही शांति प्रयासों पर असर पड़ेगा। अब इसके जवाब में अमेरिका में अफगानिस्तान की राजदूत ने कहा है कि कश्मीर के हालात को अफगानिस्तान में शांति समझौते के लिए जारी प्रयासों से जोड़ना, ‘दुस्साहसी, अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना’ है।

अमेरिका में अफगानिस्तान की राजदूत रोया रहमानी ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत असद मजीद खान के उस दावे को पूरी तरह खारिज करता है कि कश्मीर में जारी तनाव अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया को काफी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘ऐसा कोई बयान जो कश्मीर के हालात को अफगान शांति प्रयासों से जोड़ता है वो दुस्साहसी, अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना है।

कश्मीर को भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला बताते हुए रहमानी ने कहा कि उनके देश का मानना है कि कश्मीर मुद्दे से अफगानिस्तान को जानबूझकर जोड़ने का पाकिस्तान का मकसद अफगान की धरती पर जारी हिंसा को और बढ़ाना है। रहमानी ने कहा कि उनके पाकिस्तानी समकक्ष का बयान उन सकारात्मक और रचनात्मक मुलाकात के ठीक विपरीत है जो अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी की हालिया यात्रा के दौरान उनके, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान तथा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के बीच हुई थी।

बता दें कि पिछले दिनों कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हुई बंद कमरे में बैठक बेनतीजा और बगैर किसी बयान के खत्म हो गया। इसके बाद इस विषय का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में जुटे पाकिस्तान और उसके सहयोगी देश चीन को एक बड़ा झटका लगा। वैश्विक संस्था की 15 देशों की सदस्यता वाली परिषद के ज्यादातर देशों ने इस बात पर जोर दिया कि यह भारत और पाक के बीच एक द्विपक्षीय मामला है।

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