Thursday, October 1, 2020 at 6:18 AM

बचे हुए कूकिंग आयल से बनेगा बॉयो डीजल

एफएसडीए लखनऊ व फूड प्रोसेसिंग एसो. ने आयोजित की कार्यशाला

आयल कंपनियां पहले वर्ष में 51 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से ऐसे बचे-खुचे तेल को खरीदेंगी

लखनऊ। होटलों या रेस्टोरेंटों में खानपान की चीजों को पकाने या तलने के बाद काफी मात्रा में खाद्य तेल बच जाता है जिसका कोई सदुपयोग नहीं हो पाता। मगर इसी बचे हुए तेल को यदि बॉयो डीजल में परिवर्तित कर दिया जाये तो एक तो ऐसे खराब तेल की उपयोगिता सिद्ध हो जायेगी और साथ ही यह तेल बॉयो र्इंधन के तौर पर वाहनों के संचालन में काम आयेगा। बताया तो यह भी जा रहा है कि ऐसे तेल को बॉयो डीजल में परिवर्तित करने के उद्देश्य से प्रमुख आॅयल कंपनियां पहले वर्ष में 51 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से ऐसे बचे-खुचे तेल को खरीदेंगी। पर्यावरण जानकारों के अनुसार बॉयो फुएल के प्रयोग से वायु प्रदूषण भी कम होता है।

भारत सरकार और यूपी सरकार की इसी मंशा को ध्यान में रखते हुए सोमवार को खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग एफएसएसएआई लखनऊ की टीम व फूड प्रोसेसिंग एसो. ने आशियाना स्थित एक सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया। कूकिंग आॅयल का दोबारा प्रयोग कैसे किया जाये और इसे बॉयो डीजल में कैसे बदला जाये के विषय पर आधारित कार्यशाला में होटल व्यवसायियों, नमकीन, बेकरी व मिठाई निर्माताओं ने भाग लिया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव एफएसडीए डॉ. अनिता भटनागर जैन व आयुक्त एफएसडीए मिनिस्ती एस ने सभी होटल व रेस्टोरेंट कारोबारियों को उपरोक्त विषय पर बहुमूल्य जानकारी दी। इस मौके पर अभिहीत अधिकारी एसएचए आब्दी व लखनऊ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश मिश्रा सहित अन्य कर्मी मौजूद रहें।

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