घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया लेखपाल, लखनऊ ले गई एंटी करप्शन टीम

लखीमपुर खीरी। एंटी करप्शन लखनऊ की टीम ने पलिया तहसील के लेखपाल को मंगलवार की दोपहर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। जिसके बाद विधिक कार्यवाही के लिए एंटी करप्शन टीम लेखपाल को लखनऊ ले गई। बेरोजगारी खत्म करने और लोगों को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार जहां तमाम ऐसे प्रयास कर रही है जिससे योजनाबद्ध तरीका अपनाकर  लोगों को रोजगार दिया जा सके। सरकार की तमाम ऐसी योजनाएं चल रही हैं जिनमें सरकार व्यवसाय करने के लिए आवेदनकर्ता को पैसा उपलब्ध कराती है, परंतु सरकारी तंत्र में कुछ ऐसे भ्रष्ट अधिकारी व कर्मचारी बैठे हैं जो लोगों को इन योजनाओं का फायदा मिलने नहीं देते। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां पलिया तहसील के एक लेखपाल द्वारा मत्स्य पालन के लिए जमीन आवंटन कराने के नाम पर घूस मांगी गई, लेकिन इस बार यह घूस मांगना लेखपाल को भारी पड़ गया।
पीड़ित ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन की लखनऊ इकाई से कर दी। जिसके बाद एसपी एंटी करप्शन उत्तर प्रदेश राजीव मेहरोत्रा ने मामले पर तत्काल एक्शन लेते हुए एक टीम ओंकार सिंह के नेतृत्व में खीरी जिले की पलिया तहसील रवाना कर दी। दरअसल पूरा मामला यह है कि पलिया तहसील क्षेत्र के गांव गड़रियन पुरवा निवासी जय कुमार ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ इकाई से शिकायत की थी कि पलिया तहसील के लेखपाल जीवनलाल ने शिकायतकर्ता की पत्नी के नाम पर मत्स्य पालन हेतु पट्टा दिलाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी है। इस पर कार्यवाही करते हुए निरीक्षक ओंकार सिह अपनी टीम के साथ मंगलवार को पलिया पहुंचे। करीब दोपहर 3 बजे जीवनलाल को 10 हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। जिसके बाद टीम उसे विधिक कार्रवाई के लिए लखनऊ ले कर चली गई।

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