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चिदंबरम को बेल या जेल? SC और ट्रायल कोर्ट आज होगा तय

नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में आज उनके भविष्य का फैसला होगा जो दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर फैसला सुनाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के अलावा आज सीबीआई कोर्ट में भी मामले की सुनवाई होगी। आज तय हो जाएगा कि चिदंबरम को जेल भेजा जाएगा या फिर जमानत मिलती है या फिर सीबीआई रिमांड में ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया धनशोधन मामले में उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट उनकी उस याचिका पर भी आदेश जारी कर सकता है जिसमें चिदंबरम अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को चुनौती दी है। इसके अलावा सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले में हिरासत में पूछताछ के लिए निचली अदालत द्वारा जारी रिमांड आदेश को भी चुनौती दी गयी है।

चिदंबरम की सीबीआई हिरासत कल समाप्त होने वाली है। उन्हें 21 अगस्त की रात को गिरफ्तार किया गया था। विशेष अदालत के आदेश पर वह 15 दिनों से सीबीआई हिरासत में हैं। निचली अदालत भी उनकी किस्मत का फैसला करेगी जिसने एयरसेल-मैक्सिस सौदा घोटाले में सीबीआई और ईडी द्वारा दर्ज मामलों में अग्रिम जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। उच्चतम न्यायालय में न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने ईडी मामले में चिदंबरम की याचिका पर 29 अगस्त को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

15 मई 2017 : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2007 में 305 करोड़ रुपये की विदेशी निधि हासिल करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी पाने में कथित अनियमितताओं के लिए आईएनएक्स मीडिया मामले में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संबंध में धन शोधन मामला दर्ज किया।

16 फरवरी 2018 : सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को चेन्नई हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया।

23 मार्च 2018 : कार्ति को दिल्ली उच्च न्यायालय से जमानत मिली।

30 मई 2018 : पी. चिदंबरम ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत मांगी।

23 जुलाई 2018 : वह ईडी द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे।

25 जुलाई 2018 : अदालत ने उन्हें दोनों मामलों में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दे दिया।

25 जनवरी 2019 :अदालत ने दोनों मामलों में उनकी अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।

11 जुलाई 2019 : शीना बोरा हत्या मामले में आरोपी और आईएनएक्स मीडिया की कर्ताधर्ता इंद्राणी मुखर्जी मामले में सरकारी गवाह बनी।

20 अगस्त 2019 : उच्च न्यायालय ने पी. चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज किया। अदालत ने उन्हें उच्चतम न्यायालय में अपील दायर करने देने के लिए तीन दिनों तक आदेश पर रोक लगाने के उनके अनुरोध को भी ठुकरा दिया।

21 अगस्त 2019 : पी. चिदंबरम ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की। उनके वकीलों ने उसी दिन मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की कोशिश की। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया और मामले को 23 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। सीबीआई ने रात में कांग्रेस नेता को गिरफ्तार कर लिया।

22 अगस्त 2019 : पी. चिदंबरम को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष पेश किया गया जिसने उन्हें चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।

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